‘बोट पलटते ही मेरा पैर फंस गया था बोट के अंदर, किसी तरह बचायी जान’

शनिवार की शाम क्या घटा था बताया प्रत्यक्षदर्शी ने
देवांग्श भी सवार था शौर्यदीप और पुशन के बोट पर
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : लेक में रोइंग के दौरान 2 किशोरों की जान चली गयी। सन्मार्ग ने यह जानने की कोशिश की ठी क्या हुआ था उस समय। आईये जानते हैं उन दो किशरों के साथ रोइंग कर रहे एक चश्मदीद की जुबानी।
शनिवार की दोपहर जब हम लोगों ने प्रैक्ट‌िस चालू किया तो उस समय धूप था। अचानक काले बादल छाए और फिर तूफान आ गया। तूफान आते ही हमारा बोट पलट गयी। बोट पलटने के कारण मेरे पैर बोट के अंदर मौजूद जूते में फंस गए। किसी तरह जूते को फाड़कर मैंने अपना पैर निकाला और फिर बोट को पकड़कर खड़ा हो गया। यह कहना है शनिवार की शाम रवीन्द्र सरोवर लेक में हादसे में मारे गए साउथ प्वाइंट स्कूल के रोइंग टीम के छात्रों के साथ रोइंग कर रहे देवांग्स चक्रवर्ती का। घटना के बाद से खराब मौसम के दौरान रोइंग को लेकर तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं। इस बीच घटना के प्रत्यक्षदर्शी देवांग्श चक्रवर्ती ने बताया कि हादसे में मृत शौर्यदीप और पुशन के साथ बोट पर घटना के समय देवांग्स चक्रवर्ती और संस्कार नामक छात्र भी सवार थे। उक्त चारों छात्र साउथ प्वाइंट स्कूल के रोइंग टीम के सदस्य हैं। देवांग्स चक्रवर्ती ने बताया कि वह और संस्कार कक्षा 8 के छात्र हैं, पुशन और शौर्यदीप उनके सीनियर थे। शनिवार की सुबह उन लोगों का सेमी फाइनल मैच था। सेमी फाइनल मैच सुबह 7 बजे होना था लेकिन किसी कारणवश सुबह 8.40 बजे शुरू हुआ और 9 बजे खत्म हो गया। सेमी फाइनल में जीत दर्ज करने के बाद हम लोग वापस घर लौट गए। रविवार की सुबह हमारा फाइनल मैच था। इसलिए शनिवार की दोपहर 3 बजे हमारी टीम के सदस्य प्रैक्ट‌िस के लिए वापस लेक आ गए। दोपहर 3 बजे जब हम लोग प्रैक्ट‌िस के लिए पानी में उतरे तो उस वक्त धूप थी। हमने पहले राउंड में एक हजार मीटर की दूरी पूरी कर ली। दूसरे राउंड के दौरान काले बादल छा गए तो कॉक्स (टीम लीडर) ने हमें तुरंत वापस चलने का निर्देश दिया। इस दौरान जब हम लोग वापस आ रहे थे तभी तूफान आने से बोट पलट गयी। बोट के पलटने से मेरे पैर और जूते बोट में फंस गए थे। किसी तरह जूते को फाड़कर पैर को बाहर निकाला और फिर बोट को पकड़कर हमलोग पानी खड़े हो गए। हमने बोट को सीधा किया तो देखा कि उसमें पानी भर गया है। इसके बाद कॉक्स ने कहा कि जिन्हें जाना है वह तैरकर जा सकता है नहीं तो बोट पकड़कर खड़े रहो। हालांकि हमने सिर्फ इतना सुना कि तुमलोग तैरकर पानी पार कर लो। इसके बाद मैं, संस्कार, शौर्यदीप और पुशन तैरने लगे। संस्कार तैरते हुए किनारे पहुंच गया। मैं थोड़ी दूर जाने के बाद थकने के कारण वापस बोट के पास लौट आया और बोट पकड़कर खड़ा हो गया। वापस आने पर मैंने कॉक्स को बोला कि शौर्यदीप और पुशन मुझे नहीं दिख रहे हैं तो उन्होंने कहा कि वे लोग तैरना जानते हैं तो बस वे लोग किनारे पहुंच गए होंगे। थोड़ी देर बाद वहां से गुजर रहे दूसरे बोट को पकड़कर मैं और कॉक्स वापस किनारे पर सुरक्षित पहुंचे। देवांग्श ने बताया कि वह पिछले 15 दिनों से रोइंग कर रहा था। पुशन और संस्कार भी एक महीने से ही रोइंग कर रहे थे। वहीं शौर्यदीप काफी दिनों से रोइंग कर रहा था। देवांग्स ने बताया कि स्लीमिंग टेस्ट लेने के बाद उन लोगों को रोइंग टीम के लिए चूना गया था। देवांग्स ने बताया कि दूसरा राइंड रोइंग प्रैक्ट‌िस के कारण वे लोग काफी थक गए थे। इसके बाद बोट पलटने पर तैरकर किनारे जाते वक्त दुर्घटना का शिकार हो गए। बाद में जब शौर्यदीप और पुशन नहीं दिखे तब खोज शुरू हुई। इके बाद पता चला कि दोनों डूब गये हैं।

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