सावधान! जल्दी अपने स्मार्टफोन से डिलीट करें यह एंड्रॉइड ऐप, फोन हो सकता है हैक

कोलकाता: गूगल प्ले स्टोर पर कई ऐसी ऐप्स लगातार पाई जा रही हैं जो यूजर्स का डाटा चुराने का काम करती हैं या फिर उनके साथ फ्रॉड करने में माहिर होती हैं। इस तरह की ऐप्स को हैकर्स या किसी स्पाई फर्म द्वारा ऑपरेट किया जाता है। इसी तरह की एक ऐप को एक बार फिर से ढूंढा गया है जिसके जरिए यूजर्स का फोन हैक भी हो सकता है। दरअसल, साइबरसिक्योरिटी फर्म ट्रेंड माइक्रो ने लोकप्रिय फाइल शेयरिंग एंड्रॉइड ऐप में कुछ कमियां ढूंढी हैं। ऐसे में सिक्योरिटी फर्म की तरफ से यह सलाह दी जा रही है कि इस ऐप को शेयर करना बंद कर दिया जाएगा जब तक इस ऐप के सिक्योरिटी मुद्दों को सुलझा नहीं लिया जाता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, “इस ऐप में पाई गई कमियों का दुरुपयोग कर यूजर्स के संवेदनशील डाटा को लीक किया जा सकता है।” आपको बता दें कि यह ऐप अलग-अलग की फाइल्स को डाउनलोड और ट्रांसफर करने की अनुमति देती है। इसे भारत में बैन किया गाय है। लेकिन वर्ष 2019 में शेयर इट सबसे ज्यादा डाउनलोड की जाने वाली ऐप्स में से एक थी। इसका सीधा मतलब यह है कि लाखों लोगों का डाटा खतरे में हो सकता है।

Trend Micro के एक सिक्योरिटी रिसर्चर ने, “हमने SHAREit में कई कमियों को ढूंढा है। यह यूजर्स के संवेदनशील डाटा को लीक करने और मालवेयर से प्रभावित कोड या ऐप का इस्तेमाल कर मनमाने कोड को एग्जीक्यूट करने के लिए कमियों का दुरुपयोग कर सकता है।” Trend Micro ने इस बात की जानकारी गूगल को दे दी है। कंपनी प्ले स्टोर पर मौजूद इस ऐप पर कोई बड़ा कदम उठा सकती है।

SHAREit के 1 बिलियन से ज्यादा यूजर्स हैं। यह वर्ष सबसे ज्यादा डाउनलोड की जाने वाली ऐप्स में से एक थी। इसके बाद सरकार ने नवंबर 2020 में TikTok समेत 57 अन्य चीनी ऐप्स को बैन कर दिया था जिसमें SHAREit भी शामिल थी। ऐसे में भारतीय यूजर्स का इस ऐप का अनइंस्टॉल करना समझदारी काम होगा। क्योंकि अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो यह हैकर्स के लिए एक ओपन इनविटेशन जैसा होगा। SHAREit के विकल्पों में आईफोन के लिए एयरड्रॉप, एंड्रॉइड फोन पर वाई-फाई डायरेक्ट, फाइल्स गो जैसे कई अन्य शामिल हैं।
Trend Micro ने कहा है कि SHAREit को इस मामले की सूचना दे दी गई है लेकिन अब तक इस पर कोई प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है। इस रिपोर्ट का खुलासा रिसर्च से तीन महीने बाद किया गया है क्योंकि कई यूजर्स इससे प्रभावित हो सकते हैं। हैकर्स इस ऐप के जरिए यूजर्स के निजी और सेंसिटिव डाटा को चुरा सकते हैं। इस ऐप में इस तरह के हमले आसानी से पता नहीं लगाए जा सकते हैं।

शेयर करें

मुख्य समाचार

ई-वे बिल के नए नियम के खिलाफ ट्रांसपोर्ट व्यापारियों का कल भारत बंद

कोलकाताः ऑल इंडिया ट्रांसपोर्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन (एआईटीडब्ल्यूए) ने कल यानी शुक्रवार को गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) के खिलाफ द कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स आगे पढ़ें »

rape

बुजुर्ग तांत्रिक ने नाबालिग बच्ची के साथ किया दुष्कर्म,‌ फिर…

अमरोहाः उत्तर प्रदेश के अमरोहा से एक नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि बच्ची के साथ आगे पढ़ें »

ऊपर