पहली बार : लगभग पूरे देश में पूरी तरह लॉकडाउन, कोई ट्रेन नहीं चलेगी

मालगाड़ियों को छूट, 75 जिलों में सिर्फ जरूरी सेवा

नयी दिल्ली : देश में कोरोना वायरस ‘कोविड-19’ के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर सभी यात्री रेल सेवाएं, मेट्रो रेल सेवाएं और अंतरराज्यीय बस परिवहन सेवाएं 31 मार्च तक बंद करने का निर्णय लिया गया है तथा ऐसे 75 जिलों को लॉकडाउन का ऐलान किया गया है जिनमें कोरोना वायरस के मामले पाये गये हैं। तीन राज्यों पंजाब, राजस्थान और उत्तराखंड की सरकारों ने राज्य को लॉकडाउन का ऐलान किया, उसके बाद लगभग सभी राज्यों पूर्ण या आंशिक लॉकडाउन की घोषणा कर दी। लॉकडाउन के दौरान उनमें अनिवार्य को छोड़कर सभी सेवाएं बंद रहेंगी।

कैबिनेट सचिव और प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव की सभी राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ रविवार सुबह हुई उच्चस्तरीय बैठक में ये निर्णय लिये गये। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि कोरोना के बढ़ते असर के मद्देनजर पाबंदियों को बढ़ाना जरूरी है। बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये जो इस प्रकार हैं। उपनगरीय सहित सभी रेल सेवाएं 31 मार्च तक स्थगित रहेंगी हालांकि मालगाड़ियों को इससे छूट दी गयी है। सभी मेट्रो रेल सेवाएं भी 31 मार्च तक स्थगित रहेंगी। जिन 75 जिलों के व्यक्तियों में कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है उनमें संबंधित राज्य सरकारें आदेश जारी कर सुनिश्चित करेंगी कि इन जिलों में अनिवार्य सेवाएं छोड़कर अन्य सभी सेवाएं बंद रहेंगी। इसके साथ ही अंतरराज्यीय बस परिवहन सेवा भी 31 मार्च तक स्थगित रहेंगी।

रेलवे का ऐतिहासिक कदम

रेलवे ने इतिहास में पहली बार अभूतपूर्व कदम उठाते हुए 31 मार्च की अर्द्धरात्रि तक देश में हर प्रकार की सभी यात्री गाड़ियों के परिचालन को पूरी तरह से रोकने की घोषणा की हालांकि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनाये रखने के लिए मालगाड़ियां का परिचालन अनवरत जारी रहेगा। रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल महाप्रबंधकों को सूचित किया है कि कोरोना के कारण 31 मार्च तक सभी यात्री गाड़ियों को रद्द कर दिया गया है जिनमें शताब्दी, राजधानी, दूरंतो, गतिमान, वंदेभारत, तेजस सहित सभी प्रीमियम, मेल/एक्सप्रेस, सुपरफास्ट, पैसेंजर गाड़ियों की सेवाएं शामिल हैं।

उपनगरीय सेवाएं भी बंद

चेन्नै, दिल्ली, मुंबई आदि शहरों की उपनगरीय सेवाएं और कोलकाता मेट्रो की जो सेवाएं जिन्हें रविवार को न्यूनतम स्तर पर चलाने की घोषणा की गयी थी वे रविवार रात 12 बजे के बाद पूर्णत: बंद कर दी जायेंगी। परिपत्र के अनुसार जो गाड़ियों 22 मार्च को सुबह चार बजे से पहले रवाना हुई हैं, उनको गंतव्य तक पहुंचाया जायेगा। यात्रियों को हर प्रकार के टिकट को रद्द कराने के नियमों को ढील देते हुए रेलवे ने यह भी कहा है कि यात्री टिकट रद्द करा के 21 जून तक पूरा पैसा वापस ले सकेंगे। रेलवे ने टिकट रद्द कराने एवं रिफंड देने की समुचित व्यवस्था करेगा।

तीन राज्य पूरी तरह से लॉक डाउनदेश में कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या 350 के करीब पहुंचने के साथ ही सबसे पहले राजस्थान सरकार ने राज्य में 31 मार्च तक पूरी तरह लॉक डाउन का फैसला किया, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार रात ही इसका निर्देंश निर्देश दे दिया था हालांकि इस दौरान आवश्यक सामानों की दुकानें खुली रहेंगी। इसके बाद पंजाब और उत्तराखंड की सरकारों ने भी राज्य को लॉक डाउन का ऐलान किया है।

75 जिलों में सभी सेवाएं (आवश्यक सेवाओं को छोड़कर) बंद

उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और कर्नाटक सहित कई राज्यों में बड़े शहरों और देश के 75 जिलों को 31 मार्च तक लॉकडाउन कर दिया गया है। कर्नाटक के 9 जिलों बेंगलुरू, कलबुर्गी , धारवाड़, चिक्कबल्लापुर, मैसुरू, कोडूगु , मंगलुरू और बेलगावी शामिल है। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में 23 और 24 मार्च को सभी स्थायी व अस्थायी दुकानें, ठेले बंद किए जाने के आदेश दिये गये हैं। राजधानी दिल्ली में भी लॉकडाउन का ऐलान किया गया है। ओडिशा के 12 शहरों को लॉकडाउन करने की खबर है। इसके अलावा महाराष्ट्र के शहरी क्षेत्रों में सोमवार से धारा 144 लागू होगी।

क्या है लॉकडाउन?

* लॉकडाउन एक एमरजेंसी व्यवस्था है, जो एपिडेमिक या किसी आपदा के वक्त सरकारी तौर पर लागू होती है।

* लॉकडाउन की स्थ‍िति में उस क्षेत्र के लोगों को घरों से निकलने की अनुमति नहीं होती है।* जीवन के लिए आवश्यक चीजों के लिए ही बाहर निकलने की अनुमति होती है।

* अगर किसी को दवा या अनाज की जरूरत है तो बाहर जा सकता है।* अस्पताल और बैंक के काम के लिए अनुमति मिल सकती है।

* छोटे बच्चों और बुजुर्गों की देखभाल के काम से भी बाहर निकलने की अनुमति मिल सकती है।* अस्पताल, दवा दुकानों जैसी आवश्यक सेवाएं जारी रहती हैं।

* सभी प्राइवेट और सरकारी कार्यालय, मॉल्स, दुकानें, फैक्ट्रियां और सार्वजनिक परिवहन बंद रहते हैं।* दूध, सब्जी, किराना और दवाओं की दुकान खुली रह सकती है।

* मगर इन दुकानों पर बेवजह भीड़ लगाने से बचना जरूरी है। एजेंसियां

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