बंद जगह पर होने वाले सभी कार्यक्रम 2 महीने के लिए बैन…

नई दिल्लीः देशभर में लगातार कोरोना के मामले बढ़ने के साथ ही मौतों का सिलसिला भी जारी है। इस बीच लैंसेट कोविड -19 आयोग की इंडिया टास्क फोर्स ने एक रिपोर्ट में कहा है कि कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते कम से कम अगले दो महीने के लिए इनडोर गैदरिंग पर पूरी तरह से बैन होना चाहिए। रिपोर्ट में कहा गया है कि बैन से भारत में कोरोना संक्रमण को बढ़ने से रोका जा सकेगा। इंडिया टास्क फोर्स ने अपनी रिपोर्ट में धार्मिक, राजनीतिक घटनाओं (राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव), और सामाजिक समारोहों (शादी, खेल आयोजन) को कोरोना के बढ़ते मामलों के लिए जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही कहा कि हम अगले दो महीनों तक 10 लोगों से अधिक के इकट्ठा होने पर अस्थायी बैन लगाने की सिफारिश करते हैं।

चुनाव रैलियों पर कोई बैन नहीं

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच अभी तक चुनाव रैलियों को चुनाव आयोग ने बैन नहीं किया है और राजनीतिक रैलियों पर अभी तक कोई बैन नहीं है।

चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार और मतदान कोविड -19 मामलों में बढ़ोतरी के बावजूद जारी रहा।

वहीं उत्तराखंड के हरिद्वार में हो रहे महाकुंभ मेले में भी कोरोना के काफी ज्यादा संख्या में मामले सामने आए।

बढ़ते कोरोना मामलों के बीच क्या महाकुंभ को 30 अप्रैल से पहले खत्म कर दिया जाना चाहिए, इसपर भी राज्य सरकार ने कोई कमेंट करने से इनकार कर दिया है।

इसके अलावा रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में रोजाना कोरोना संक्रमण से मरने वालों का आंकड़ा जल्द औसतन 1,750 तक पहुंच सकता है। इतना ही नहीं इस रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि जून के पहले हफ्ते तक पहुंचते-पहुंचते कोरोना से रोजाना दम तोड़ने वालों की संख्या 2,320 के आंकड़े को पार कर लेगी।

रिपोर्ट से ये बात पूरी तरह से साफ हो गई है कि कोरोना की पहली लहर उतनी खतरनाक नहीं थी, जितनी कि दूसरी लहर अब है और इसलिए सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

 

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