कृषि मंत्री तोमर का किसानों को संदेश, प्रधानमंत्री मोदी बोले – अन्नदाता जरूर पढ़ें

– एमएसपी जारी रखने का दिया भरोसा

नई दिल्ली : नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर डटे किसानों के प्रदर्शन का आज यानी शुक्रवार को 23वां दिन है। किसानाें (अधिकतर पंजाब और हरियाणा के) और केंद्र सरकार के बीच हुई वार्ता का अब तक को सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया है। इसी संदर्भ में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने गुरुवार को अन्नदाताओं के नाम आठ पन्नों का एक पत्र लिखा। प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्रीय कृषि मंत्री द्वारा किसानों के नाम लिखे पत्र को उनके ‘विनम्र संवाद’ का प्रयास बताया और किसानों से उसे पढ़ने का आग्रह किया।

तोमर बोले – कृषि कानूनों को लेकर पैदा किया गया भ्रम

इस पत्र के माध्यम से तोमर ने दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों से आग्रह किया कि वे ‘राजनीतिक स्वार्थ’ के लिए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ फैलाये जा रहे भ्रम से बचें। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और किसानों के बीच ‘झूठ की दीवार’ खड़ी करने की साजिश रची जा रही है।

कृषि मंत्री तोमर ने किसानों के नाम लिखे एक पत्र में तोमर ने दावा किया कि तीन कृषि सुधार कानून भारतीय कृषि में नये अध्याय की नींव बनेंगे, किसानों को और स्वतंत्र तथा सशक्त करेंगे। कृषि कानूनों को ‘ऐतिहासिक’ करार देते हुए तोमर ने कहा कि इन सुधारों को लेकर उनकी अनेक राज्यों के किसान संगठनों से बातचीत हुई है और कई किसान संगठनों ने इनका स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि वह इससे बहुत खुश हैं और किसानों में एक नई उम्मीद जगी है। ‘देश के अलग-अलग क्षेत्रों से ऐसे किसानों के उदाहरण भी लगातार मिल रहे हैं जिन्होंने नए कानूनों का लाभ उठाना शुरू भी कर दिया है।’

मैं भी किसान परिवार से आता हूं: तोमर

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों को जो चिट्ठी लिखी है, वह आठ पन्नों की है। इसमें किसान संगठनों से हाल में आए कृषि कानूनों पर बात की गई है। तोमर ने चिट्ठी में आगे लिखा है, ‘मैं किसान परिवार से आता हूं। खेती की बारीकियां और खेती की चुनौतियों, दोनों को ही देखते हुए, समझते हुए बड़ा हुआ हूं। फसल कटने के बाद उसे बेचने के लिए हफ्तों का इंतजार भी मैंने देखा है।’

प्रधानमंत्री का आग्रह

पीएम मोदी ने उनके ट्वीट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ट्वीट किया, ‘कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर जी ने किसान भाई-बहनों को पत्र लिखकर अपनी भावनाएं प्रकट की हैं, एक विनम्र संवाद करने का प्रयास किया है। सभी अन्नदाताओं से मेरा आग्रह है कि वे इसे जरूर पढ़ें। देशवासियों से भी आग्रह है कि वे इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं।’

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