केजरीवाल के मुस्लिम पार्षद की साजिश पर आईबी अफसर की हत्या !

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नई दिल्ली : उत्तर पूर्वी दिल्ली में सीएए विरोध के नाम हुए दंगों में इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी अंकित शर्मा को साजिश के तहत पीट-पीटकर मार डाला गया और उसका शव नाले में फेंक दिया गया। मीडिया रिपोर्ट में खुलासा किया जा रहा है कि अंकित को जहां मारा गया वहां केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (आप) के मुसलमान पार्षद मोहम्मद ताहिर हुसैन का घर है और उससे बड़ी मात्रा में दंगों का सामान मिला है। उस घर की छत पर ढेर सारे पेट्रोल बम, बोरियों में भरे पत्थर और तेजाब की थैलियां मिली हैं। इतना ही नहीं, एक वीडियो में ताहिर को साफ देखा जा सकता है कि वह छत पर हाथ में डंडा लिए दंगाइयों के साथ खड़ा है। यह भी आरोप है कि अंकित शर्मा की हत्या करने वाले दंगाई इसी मुस्लिम पार्षद के घर निकले थे। इससे यह आशंका गहराती जा रही है कि आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या इसी मुस्लिम पार्षद की साजिश के तहत की गई। अंकित के पिता और भाई ने भी नाम लेकर कहा है कि पार्षद ताहिर ने ही अंकित शर्मा की हत्या कराई है। इतने सारे खुलासे होने के बाद से पार्षद  ताहिर पुलिस से भागता फिर रहा है। हालांकि उसने एक वीडियो जारी कर दावा किया है कि जब अंकित की हत्या हुई मैं घर पर ही नहीं था, मैं निर्दोष हूं। लेकिन वायरल हो रहे वीडियो उसके इस बयान को झूठा साबित कर रहे हैं। बता दें कि बुधवार सुबह चांदबाग इलाके के एक नाले से आईबी अफसर अंकित शर्मा का शव बरामद हुआ था। उनको किडनैप कर दंगाई अपने साथ ले गए और मंगलवार शाम हत्या के बाद शव को नाले में फेंक दिया।

2017 में आप के पार्षद बने थे ताहीर

पार्षद ताहिर दिल्ली की राजनीति का कोई नामी चेहरा नहीं है। 2017 में, वह निर्वाचन क्षेत्र 059-ई-नेहरू विहार (पूर्वी दिल्ली) से केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (आप) टिकट पर पार्षद बना। पूर्वोत्तर दिल्ली में शाहदरा, नेहरू नगर, चांदबाग के इलाके में उनका दबदबा है। वह नेहरू विहार, करावल नगर के रहने वाले है। चुनाव के समय पेशे से व्यवसायी मोहम्मद ताहिर हुसैन ने लगभग 18 करोड़ की संपत्ति घोषित की। आयोग को दी गई जानकारी के अनुसार, उसके खिलाफ कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं था। ताहीर ने इससे पहले कोई चुनाव नहीं लड़ा था। लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि यह वही ताहिर हुर्सन है जिस पर 20 दिसंबर को भी हिंसा व दंगे भड़काने के आरोप में मामला दर्ज है।

दंगों के सामान का पूरा जखीरा मिला

इस ताहिर के घर से दंगों के सामान का पूरा जखीरा बरामद हुआ है। वहां कोल्ड ड्रिंक की बोतलों में पेट्रोल भरकर उनमें बत्ती डालकर पूरी पेटियां रखती हुई थीं। इन्हें ही पेट्रोल बम कहा जाता है। उनमें आग लगाकर फेंकते ही कहीं भी पहले धमाका होगा और फिर आग लग जाएगी। ध्यान देने वाली बात यह है कि ताहिर के पड़ोस में जो हिन्दुओं के घर हैं, उन सभी को फूंक डाला गया है। आशंका जताई जा रही है कि इस आगजनी में पेट्रोल बम का ही तो हाथ नहीं था। इसके अलावा छत से भारी मात्रा में बोरियों में भरे पत्थर भी बरामद हुए। इनसे स्पष्ट है कि इन्हें विशेष रूप से पथराव के लिए ही वहां रखा गया था। इतना ही नहीं, वहां तेजाब से भरी थैलियां भी बरामद हुईं। दंगों के सामान का इतना बड़ा जखीरा मिलने के बाद स्पष्ट है कि दंगों की तैयारी कई दिन से की जा रही थी।

वीडियो जारी कर खुद को बताया निर्दोष

ताहिर ने अपने एक रिश्तेदार के घर से एक विडियो जारी कर कहा कि दंगा भड़काने में उनकी कोई भूमिका नहीं है। साथ ही यह भी कहा कि ‘बहुत सारी भीड़ जबर्दस्ती मेरा गेट तोड़ अंदर आना चाहती थी। मैंने पुलिस बुलाई। वो आए। हमारे मकान की तलाशी ली गई। जब कोई दंगाई नहीं दिखा तो मैं पुलिस के सहयोग से जान बचाकर बाहर निकला।’ उन्होंने बताया कि ‘पुलिसवालों की निगरानी एक दिन रही उसके बाद पुलिस चली गई। मैं खुद जान बचाकर परिवार के साथ एक रिश्तेदार के पास हूं। मैं बच्चे की सौगंध खाकर कहता हूं कि इन सबसे मेरा कोई लेना-देना नहीं हैं। मैं इस तरह की घटिया राजनीति नहीं कर सकता।’

अंकित शर्मा के भाई और पिता ने लगाया हत्या का आरोप

अंकित के पिता ने स्थानीय आम आदमी पार्टी के पार्षद ताहिर हुसैन पर आरोप लगाते हुए कहा कि ताहिर हुसैन के घर से लगातार फायरिंग की जा रही थी। उनके के घर का इस्तेमाल दंगाई फायरिंग और पथराव के लिए कर रहे थे। साथ ही अंकित शर्मा के भाई ने एक चैनल से कहा कि ‘ये सीएए-एनआरसी के नाम पर जो लोगों को मार रहे हैं, उसे बंद करें। मेरा घर तो बर्बाद हो गया। वो (अंकित) ड्यूटी से आ रहे थे। साढ़े चार बजे उन्हें गली के बाहर खींच कर ले गए। निगम पार्षद के लोग उस मकान में लेकर गए। साथ ही उन्होंने कहा कि कई विडियो ऐसे आए हैं जिनमें आप पार्षद ताहिर हुसैन रॉड के साथ छत पर दिखाई दे रहे हैं और उनके साथ कुछ समर्थक भी हैं। पीछे हिंसी की तस्वीर नजर आ रही है। कहीं से धुंआ उठता हुआ दिखाई दे रहा है।

2017 में आईबी में भर्ती हुए थे अंकित शर्मा

अंकित शर्मा तीन साल पहले यानी 2017 में आईबी में भर्ती हुए थे और उनके पिता आईबी में ही हेड कांस्टेबल हैं। हालांकि, अंकित का परिवार मूल रूप से यूपी के मुजफ्फरनगर का रहने वाला था। बताया जा रहा है‌ कि मुजफ्फरनगर के शामली इलाके में ही उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। दिल्ली हिंसा मामले पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने भी अंकित शर्मा की हत्या पर चिंता जाहिर की।

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