यादें 2020 एयरपोर्ट की : लंदन की उड़ानें रहीं कोलकातावासियों के लिए खास

पहली बार बंद रहा 60 दिनों से अधिक के लिए एयरपोर्ट
नेहा सिंह
कोलकाता
: 2020 की यादें शायद ही लोग अपने जेहन से कभी निकाल सकें। 2020 को अगर आप बुरा साल कहते हैं तो इस साल में कई खुशियों की भी खबर आयी। इनमें से कोलकाता एयरपोर्ट के लिए थी कोलकाता से लंदन के बीच डायरेक्टर विशेष उड़ान परिसेवा। अब हम 2021 में प्रवेश करने जा रहे हैं और एक बार फिर यह साबित हुआ है कि उड़ान सेवा सबसे सुरक्षित यात्राओं में से एक है। यही कारण है कि दिसंबर के महीने में कुल 10 लाख लोगों ने कोलकाता एयरपोर्ट से यात्रा की है। वैसे सर्वे में यह साबित हुआ है कि कोरोना के इस दौर में एयरपोर्ट से यात्रा करना ज्यादा सुरक्षित है। एयरपोर्ट से जुड़ी यादों की बात करें तो लॉकडाउन ने एक ओर सबको घरों में बंद रहने को मजबूर किया तो एयरपोर्ट पर यात्रियों के लिए भी ताला लगा दिया गया। यानी कितनी भी इमरजेंसी हो कोई कहीं नहीं जा सकता। हालांकि इस दौरान एयरपोर्ट पर सबसे अधिक कार्गो उड़ानों का संचालन हुआ जो कि देश-विदेशों से दवाइयां व जरूरी सामानों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने का काम किया। इस दौरान 22 मार्च से सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दी गयी। कोलकाता एयरपोर्ट पर घरेलू यात्रियों के लिए ताला 25 मार्च से लग गया। इससे पूर्व ताला बुलबुल के कारण 2019 के नवंबर में लगा था जब चक्रवाती तूफान बुलबुल के कारण 12 घंटे के लिए एयरपोर्ट पर सभी उड़ानों को रद्द किया गया था और एयरपोर्ट को पूरी तरीके से खाली कराकर लॉक कर दिया गया था।
* पहली बार एयरपोर्ट के अंदर के सारे शॉप्स बंद कर दिये गये थे। यही हाल एयरपोर्ट के बाहरी इलाके का भी रहा। सब ओर लॉकडाउन का प्रभाव देखने को मिला।
* 20 मई यानी अम्फान तूफान वाला दिन। इस दिन एयरपोर्ट पर दिखा तबाही का मंजर। हैंगर व विमान हुए क्षतिग्रस्त लेकिन फिर भी विशेष उड़ान संचालित की गयी। कोलकाता एयरपोर्ट के कई हिस्से उजड़ गये तो कुछ डूब गये। 45 मीटर की दीवार भी ढह गयी।
* कोलकाता एयरपोर्ट पर 28 मई से उड़ान परिसेवाओं की शुरुआत 10 डिपार्चर व 10 अराइवल उड़ानों से की गयी। राज्य सरकार की ओर से ऐसा करने के लिए कहा गया था। वहीं 62 दिन बाद देश भर में घरेलू उड़ानों की शुरुआत 25 मार्च से कर दी गयी थी जहां पहले दिन 532 फ्लाइट्स से 39 हजार 231 यात्रियों ने उड़ान भरी। राज्यों में पाबंदियों की वजह से कैंसिल की गयी थी 630 उड़ानें। वहीं लॉकडाउन से पहले प्रतिदिन 200 घरेलू 40 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन किया जा रहा था।
* 6 जुलाई से 6 शहरों मुंबई, दिल्‍ली, चेन्‍नई, नागपुर, पुणे और अहमदाबाद से कोलकाता से आने वाली उड़ानों पर लगी रोक। राज्य सरकार ने बताया कोरोना का डर। इसके बाद 1 सितंबर से सप्ताह में 3 दिन उड़ानें कोलकाता आने की इजाजत दी गयीं। इस कारण कोलकाता से भी सप्ताह में 3 दिन उड़ानें संचालित हुईं। 14 दिसंबर से दिल्ली की उड़ानों को प्रतिदिन किया गया है।
* यात्रियों का यात्रा करने का तरीका भी बदला। पोस्ट लॉकडाउन एयरपोर्ट पर सोशल डिस्टेंसिंग बनाने के लिए स्टिकर लगाए गये। एयरपोर्ट पर सैनिटाइजर आदि उपलब्ध करवाया गया।
* वर्ष 2018 से कोलकाता से उड़ान सेवाओं की शुरुआत करने वाली मालिंडो एयर ने अपना बैगेज पैक कर लिया। वित्तीय संकट से जूझ रही एयरलाइंस एयरपोर्ट का रेंट भी नहीं दे पायी। इसलिए सेवाएं फिलहाल के लिए वापस ले लीं। इसकी कोलकाता से सप्ताह में 4 दिन उड़ान सेवाएं चल रही थीं। इसके बाद लॉकडाउन हो गया और सभी उड़ान सेवाएं बंद हो गयीं। अब यह तय नहीं है कि कब से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन स्वाभाविक हो पाएगा। ऐसे में एयरलाइंस ने अपना बोरिया-बिस्तर लपेट लिया। एयरलाइंस सूत्रों के मुताबिक अगर सब कुछ ठीक रहा तो फिर से उड़ान सेवाओं की शुरुआत की जा सकती है।
* फ्लाई दुबई ने शुरू की उड़ान। दुबई से कोलकाता के बीच जैसे ही विशेष उड़ानों के संचालन की शुरुआत हुई फ्लाई दुबई ने भी अपनी उड़ानें शुरू कर दी हैं।
* इस बीच एयरपोर्ट पर नया एटीआरएस यानी कि ऑटोमैटिक ट्रे रिट्राइवल सिस्टम लगाया गया। यह वहीं सिस्टम है जो कि ट्रे को ऑटोमेटिकली स्क्रिनिंग के लिए भेजता है जहां यात्री कैबिन बैगेज आइटमों को स्क्रिनिंग के ​लिए रखते हैं। यह सिस्टम सीआईएसएफ अधिकारियों को ​​स्क्रिनिंग में भी काफी सुविधा देता है। जितने बैग वे एक घंटे में चेक करते हैं, इस सिस्टम में करीब दोगुने बैगों की चेकिंग हो जाती है।
* इसी साल यात्रियों की सुविधा के लिए डी 2 डी यानी डोमेस्टिक टू डोमेस्टिक ट्रासंफर की शुरुआत हुई है। इससे यात्रियों का समय व मेहनत दोनों की बचत हो रही है।
यह कहा एयरपोर्ट डायरेक्टर ने
एयरपोर्ट डायरेक्टर कौशिक भट्टाचार्य ने बताया कि यह साल सबसे चैलेंजिंग रहा। यहां न्यू नॉर्मल से लेकर अम्फान तक में एयरपोर्ट प्रबंधन ने अच्छा काम किया है। हमने यात्रियों का भरोसा जीता है। यही कारण है कि इस महीने सबसे अधिक रिकार्ड यात्रियों ने यात्रा की है।यादें 2020 एयरपोर्ट की : लंदन की उड़ानें रहीं कोलकातावासियों के लिए खास
पहली बार बंद रहा 60 दिनों से अधिक के लिए एयरपोर्ट
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : 2020 की यादें शायद ही लोग अपने जेहन से कभी निकाल सकें। 2020 को अगर आप बुरा साल कहते हैं तो इस साल में कई खुशियों की भी खबर आयी। इनमें से कोलकाता एयरपोर्ट के लिए थी कोलकाता से लंदन के बीच डायरेक्टर विशेष उड़ान परिसेवा। अब हम 2021 में प्रवेश करने जा रहे हैं और एक बार फिर यह साबित हुआ है कि उड़ान सेवा सबसे सुरक्षित यात्राओं में से एक है। यही कारण है कि दिसंबर के महीने में कुल 10 लाख लोगों ने कोलकाता एयरपोर्ट से यात्रा की है। वैसे सर्वे में यह साबित हुआ है कि कोरोना के इस दौर में एयरपोर्ट से यात्रा करना ज्यादा सुरक्षित है। एयरपोर्ट से जुड़ी यादों की बात करें तो लॉकडाउन ने एक ओर सबको घरों में बंद रहने को मजबूर किया तो एयरपोर्ट पर यात्रियों के लिए भी ताला लगा दिया गया। यानी कितनी भी इमरजेंसी हो कोई कहीं नहीं जा सकता। हालांकि इस दौरान एयरपोर्ट पर सबसे अधिक कार्गो उड़ानों का संचालन हुआ जो कि देश-विदेशों से दवाइयां व जरूरी सामानों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने का काम किया। इस दौरान 22 मार्च से सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दी गयी। कोलकाता एयरपोर्ट पर घरेलू यात्रियों के लिए ताला 25 मार्च से लग गया। इससे पूर्व ताला बुलबुल के कारण 2019 के नवंबर में लगा था जब चक्रवाती तूफान बुलबुल के कारण 12 घंटे के लिए एयरपोर्ट पर सभी उड़ानों को रद्द किया गया था और एयरपोर्ट को पूरी तरीके से खाली कराकर लॉक कर दिया गया था।
* पहली बार एयरपोर्ट के अंदर के सारे शॉप्स बंद कर दिये गये थे। यही हाल एयरपोर्ट के बाहरी इलाके का भी रहा। सब ओर लॉकडाउन का प्रभाव देखने को मिला।
* 20 मई यानी अम्फान तूफान वाला दिन। इस दिन एयरपोर्ट पर दिखा तबाही का मंजर। हैंगर व विमान हुए क्षतिग्रस्त लेकिन फिर भी विशेष उड़ान संचालित की गयी। कोलकाता एयरपोर्ट के कई हिस्से उजड़ गये तो कुछ डूब गये। 45 मीटर की दीवार भी ढह गयी।
* कोलकाता एयरपोर्ट पर 28 मई से उड़ान परिसेवाओं की शुरुआत 10 डिपार्चर व 10 अराइवल उड़ानों से की गयी। राज्य सरकार की ओर से ऐसा करने के लिए कहा गया था। वहीं 62 दिन बाद देश भर में घरेलू उड़ानों की शुरुआत 25 मार्च से कर दी गयी थी जहां पहले दिन 532 फ्लाइट्स से 39 हजार 231 यात्रियों ने उड़ान भरी। राज्यों में पाबंदियों की वजह से कैंसिल की गयी थी 630 उड़ानें। वहीं लॉकडाउन से पहले प्रतिदिन 200 घरेलू 40 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन किया जा रहा था।
* 6 जुलाई से 6 शहरों मुंबई, दिल्‍ली, चेन्‍नई, नागपुर, पुणे और अहमदाबाद से कोलकाता से आने वाली उड़ानों पर लगी रोक। राज्य सरकार ने बताया कोरोना का डर। इसके बाद 1 सितंबर से सप्ताह में 3 दिन उड़ानें कोलकाता आने की इजाजत दी गयीं। इस कारण कोलकाता से भी सप्ताह में 3 दिन उड़ानें संचालित हुईं। 14 दिसंबर से दिल्ली की उड़ानों को प्रतिदिन किया गया है।
* यात्रियों का यात्रा करने का तरीका भी बदला। पोस्ट लॉकडाउन एयरपोर्ट पर सोशल डिस्टेंसिंग बनाने के लिए स्टिकर लगाए गये। एयरपोर्ट पर सैनिटाइजर आदि उपलब्ध करवाया गया।
* वर्ष 2018 से कोलकाता से उड़ान सेवाओं की शुरुआत करने वाली मालिंडो एयर ने अपना बैगेज पैक कर लिया। वित्तीय संकट से जूझ रही एयरलाइंस एयरपोर्ट का रेंट भी नहीं दे पायी। इसलिए सेवाएं फिलहाल के लिए वापस ले लीं। इसकी कोलकाता से सप्ताह में 4 दिन उड़ान सेवाएं चल रही थीं। इसके बाद लॉकडाउन हो गया और सभी उड़ान सेवाएं बंद हो गयीं। अब यह तय नहीं है कि कब से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन स्वाभाविक हो पाएगा। ऐसे में एयरलाइंस ने अपना बोरिया-बिस्तर लपेट लिया। एयरलाइंस सूत्रों के मुताबिक अगर सब कुछ ठीक रहा तो फिर से उड़ान सेवाओं की शुरुआत की जा सकती है।
* फ्लाई दुबई ने शुरू की उड़ान। दुबई से कोलकाता के बीच जैसे ही विशेष उड़ानों के संचालन की शुरुआत हुई फ्लाई दुबई ने भी अपनी उड़ानें शुरू कर दी हैं।
* इस बीच एयरपोर्ट पर नया एटीआरएस यानी कि ऑटोमैटिक ट्रे रिट्राइवल सिस्टम लगाया गया। यह वहीं सिस्टम है जो कि ट्रे को ऑटोमेटिकली स्क्रिनिंग के लिए भेजता है जहां यात्री कैबिन बैगेज आइटमों को स्क्रिनिंग के ​लिए रखते हैं। यह सिस्टम सीआईएसएफ अधिकारियों को ​​स्क्रिनिंग में भी काफी सुविधा देता है। जितने बैग वे एक घंटे में चेक करते हैं, इस सिस्टम में करीब दोगुने बैगों की चेकिंग हो जाती है।
* इसी साल यात्रियों की सुविधा के लिए डी 2 डी यानी डोमेस्टिक टू डोमेस्टिक ट्रासंफर की शुरुआत हुई है। इससे यात्रियों का समय व मेहनत दोनों की बचत हो रही है।
यह कहा एयरपोर्ट डायरेक्टर ने
एयरपोर्ट डायरेक्टर कौशिक भट्टाचार्य ने बताया कि यह साल सबसे चैलेंजिंग रहा। यहां न्यू नॉर्मल से लेकर अम्फान तक में एयरपोर्ट प्रबंधन ने अच्छा काम किया है। हमने यात्रियों का भरोसा जीता है। यही कारण है कि इस महीने सबसे अधिक रिकार्ड यात्रियों ने यात्रा की है।यादें 2020 एयरपोर्ट की : लंदन की उड़ानें रहीं कोलकातावासियों के लिए खास
पहली बार बंद रहा 60 दिनों से अधिक के लिए एयरपोर्ट
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : 2020 की यादें शायद ही लोग अपने जेहन से कभी निकाल सकें। 2020 को अगर आप बुरा साल कहते हैं तो इस साल में कई खुशियों की भी खबर आयी। इनमें से कोलकाता एयरपोर्ट के लिए थी कोलकाता से लंदन के बीच डायरेक्टर विशेष उड़ान परिसेवा। अब हम 2021 में प्रवेश करने जा रहे हैं और एक बार फिर यह साबित हुआ है कि उड़ान सेवा सबसे सुरक्षित यात्राओं में से एक है। यही कारण है कि दिसंबर के महीने में कुल 10 लाख लोगों ने कोलकाता एयरपोर्ट से यात्रा की है। वैसे सर्वे में यह साबित हुआ है कि कोरोना के इस दौर में एयरपोर्ट से यात्रा करना ज्यादा सुरक्षित है। एयरपोर्ट से जुड़ी यादों की बात करें तो लॉकडाउन ने एक ओर सबको घरों में बंद रहने को मजबूर किया तो एयरपोर्ट पर यात्रियों के लिए भी ताला लगा दिया गया। यानी कितनी भी इमरजेंसी हो कोई कहीं नहीं जा सकता। हालांकि इस दौरान एयरपोर्ट पर सबसे अधिक कार्गो उड़ानों का संचालन हुआ जो कि देश-विदेशों से दवाइयां व जरूरी सामानों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने का काम किया। इस दौरान 22 मार्च से सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दी गयी। कोलकाता एयरपोर्ट पर घरेलू यात्रियों के लिए ताला 25 मार्च से लग गया। इससे पूर्व ताला बुलबुल के कारण 2019 के नवंबर में लगा था जब चक्रवाती तूफान बुलबुल के कारण 12 घंटे के लिए एयरपोर्ट पर सभी उड़ानों को रद्द किया गया था और एयरपोर्ट को पूरी तरीके से खाली कराकर लॉक कर दिया गया था।
* पहली बार एयरपोर्ट के अंदर के सारे शॉप्स बंद कर दिये गये थे। यही हाल एयरपोर्ट के बाहरी इलाके का भी रहा। सब ओर लॉकडाउन का प्रभाव देखने को मिला।
* 20 मई यानी अम्फान तूफान वाला दिन। इस दिन एयरपोर्ट पर दिखा तबाही का मंजर। हैंगर व विमान हुए क्षतिग्रस्त लेकिन फिर भी विशेष उड़ान संचालित की गयी। कोलकाता एयरपोर्ट के कई हिस्से उजड़ गये तो कुछ डूब गये। 45 मीटर की दीवार भी ढह गयी।
* कोलकाता एयरपोर्ट पर 28 मई से उड़ान परिसेवाओं की शुरुआत 10 डिपार्चर व 10 अराइवल उड़ानों से की गयी। राज्य सरकार की ओर से ऐसा करने के लिए कहा गया था। वहीं 62 दिन बाद देश भर में घरेलू उड़ानों की शुरुआत 25 मार्च से कर दी गयी थी जहां पहले दिन 532 फ्लाइट्स से 39 हजार 231 यात्रियों ने उड़ान भरी। राज्यों में पाबंदियों की वजह से कैंसिल की गयी थी 630 उड़ानें। वहीं लॉकडाउन से पहले प्रतिदिन 200 घरेलू 40 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन किया जा रहा था।
* 6 जुलाई से 6 शहरों मुंबई, दिल्‍ली, चेन्‍नई, नागपुर, पुणे और अहमदाबाद से कोलकाता से आने वाली उड़ानों पर लगी रोक। राज्य सरकार ने बताया कोरोना का डर। इसके बाद 1 सितंबर से सप्ताह में 3 दिन उड़ानें कोलकाता आने की इजाजत दी गयीं। इस कारण कोलकाता से भी सप्ताह में 3 दिन उड़ानें संचालित हुईं। 14 दिसंबर से दिल्ली की उड़ानों को प्रतिदिन किया गया है।
* यात्रियों का यात्रा करने का तरीका भी बदला। पोस्ट लॉकडाउन एयरपोर्ट पर सोशल डिस्टेंसिंग बनाने के लिए स्टिकर लगाए गये। एयरपोर्ट पर सैनिटाइजर आदि उपलब्ध करवाया गया।
* वर्ष 2018 से कोलकाता से उड़ान सेवाओं की शुरुआत करने वाली मालिंडो एयर ने अपना बैगेज पैक कर लिया। वित्तीय संकट से जूझ रही एयरलाइंस एयरपोर्ट का रेंट भी नहीं दे पायी। इसलिए सेवाएं फिलहाल के लिए वापस ले लीं। इसकी कोलकाता से सप्ताह में 4 दिन उड़ान सेवाएं चल रही थीं। इसके बाद लॉकडाउन हो गया और सभी उड़ान सेवाएं बंद हो गयीं। अब यह तय नहीं है कि कब से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन स्वाभाविक हो पाएगा। ऐसे में एयरलाइंस ने अपना बोरिया-बिस्तर लपेट लिया। एयरलाइंस सूत्रों के मुताबिक अगर सब कुछ ठीक रहा तो फिर से उड़ान सेवाओं की शुरुआत की जा सकती है।
* फ्लाई दुबई ने शुरू की उड़ान। दुबई से कोलकाता के बीच जैसे ही विशेष उड़ानों के संचालन की शुरुआत हुई फ्लाई दुबई ने भी अपनी उड़ानें शुरू कर दी हैं।
* इस बीच एयरपोर्ट पर नया एटीआरएस यानी कि ऑटोमैटिक ट्रे रिट्राइवल सिस्टम लगाया गया। यह वहीं सिस्टम है जो कि ट्रे को ऑटोमेटिकली स्क्रिनिंग के लिए भेजता है जहां यात्री कैबिन बैगेज आइटमों को स्क्रिनिंग के ​लिए रखते हैं। यह सिस्टम सीआईएसएफ अधिकारियों को ​​स्क्रिनिंग में भी काफी सुविधा देता है। जितने बैग वे एक घंटे में चेक करते हैं, इस सिस्टम में करीब दोगुने बैगों की चेकिंग हो जाती है।
* इसी साल यात्रियों की सुविधा के लिए डी 2 डी यानी डोमेस्टिक टू डोमेस्टिक ट्रासंफर की शुरुआत हुई है। इससे यात्रियों का समय व मेहनत दोनों की बचत हो रही है।
यह कहा एयरपोर्ट डायरेक्टर ने
एयरपोर्ट डायरेक्टर कौशिक भट्टाचार्य ने बताया कि यह साल सबसे चैलेंजिंग रहा। यहां न्यू नॉर्मल से लेकर अम्फान तक में एयरपोर्ट प्रबंधन ने अच्छा काम किया है। हमने यात्रियों का भरोसा जीता है। यही कारण है कि इस महीने सबसे अधिक रिकार्ड यात्रियों ने यात्रा की है।

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