घर बनाने के लिए नहीं काटा आम का पेड़, उसी पर बनाया खूबसूरत आशियाना

नई दिल्ली : मकान बनाने के लिए लोग बहुत से पेड़ों का कत्ल कर देते हैं। लेकिन कुछ लोग मकान नहीं घर बनाते हैं। कुल प्रदीप सिंह (केपी सिंह) ऐसे ही इंजीनियर हैं। उन्होंने साल 2000 में एक घर बनाया था जिसकी चर्चा 2021 में भी हो रही है। कुदरत से प्यार करने वाले सिंह, झीलों के शहर उदयपुर में रहते हैं। यहां उनका एक चार मंजिला घर है जो 20 वर्षों से एक 80 साल पुराने आम के पेड़ पर टिका हुआ है। आप इसे ट्री हाउस कह सकते हैं। लेकिन ये दिल बहलाने वाला ‘ट्री हाउस’ नहीं बल्कि एक फुल फर्निश्ड घरौंदा है, जिसे बनाने के लिए पर्यावरण प्रेमी और इंजीनियर सिंह ने उसकी एक टहनी भी नहीं काटी!
पेड़ के हिसाब से डिजाइन किया घर
यह केपी सिंह के सपनों का घर है, जिसे बनाते हुए उन्होंने अपनी जरूरतों का नहीं बल्कि पेड़ का पूरा ख्याल रखा है। जी हां, उन्होंने पेड़ की टहनियों के हिसाब से घर को डिजाइन किया है। जैसे किसी टहनी को सोफे की तरफ यूज किया है तो किसी को टीवी स्टैंड की तरह। भले ही, यह घर पेड़ पर हो लेकिन इसमें किचन, बाथरूम, बेडरूम, डाइनिंग हॉल, लाइब्रेरी समेत जैसी तमाम सुविधाएं हैं। किचन, बेडरूम आदि से पेड़ की टहनियां निकलती हैं जिसके कारण फल भी घर में लगते हैं। घर में बहुत से पंछी भी आते हैं।
शुरू में दो मंजिल का था
‘साल 1999 में केपी सिंह ने उदयपुर में घर बनाने के लिए जमीन खोजनी शुरू की थी। इस दौरान सुखेर इलाके में प्रॉपर्टी डिलर ने उन्हें हरे-भरे पेड़ों के बीच एक जमीन दिखाई और कहा कि यहां घर बनाने के लिए पेड़ काटने होंगे। इस पर सिंह ने कहा कि वो पेड़ काटकर नहीं बल्कि पेड़ पर ही घर बनाएंगे। कुछ वर्षों तक यह घर दो मंजिल का था, जो अब चार मंजिला बन चुका है।’
तेज हवा के साथ झूलता है घर
यह आशियाना जमीन से 9 फीट ऊपर से शुरू होता है, जो करीब 40 फीट की ऊंचाई तक जाता है। ‘ट्री हाउस’ के अंदर जाने वाली सीढ़ियां भी खास हैं। इस घर को बनाने में कहीं भी सीमेंट का इस्तेमाल नहीं किया गया। इसे स्टील स्ट्रक्चर, सेल्यूलर और फाइबर शीट से बनाया गया है। केपी सिंह बताते हैं कि इस घर की एक खासियत ये है कि जब तेज हवा चलती है तो ऐसा लगता है कि ये झूल रहा है।
लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड’ में है शामिल
बता दें, केपी सिंह ने IIT कानपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। उनके इस घर को बहुत से पर्यटक देखने पहुंचते हैं। इसे ‘लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में भी शामिल किया गया है। यह अद्भुत घर 3 हजार स्क्वायर फीट के कार्पेट एरिया में बना है।

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