अवैध रूप से अमेरिका में घुसने के आरोप में मेक्सिको बॉर्डर से वापस भेजे गए 325 भारतीय

325 Indian Depart from Mexico

नई दिल्ली : अमेरिका और मेक्सिको के बीच चल रहे बॉर्डर विवाद का असर अब भारतीय नागरिकों पर भी देखने को मिल रहा है। इस बाबत लगभग 325 भारतीय नागरिकों पर आरोप है कि वह मेक्सिको के रास्ते से अवैध तरीके से अमेरिका में घुसने की कोशिश कर रहे थे। इससे पहले गुरुवार को मैक्सिको ने इन भारतीयों को देश छोड़ने का आदेश दिया था। बता दें कि मैक्सिको ने यह फैसला अमेरिका की चेतावनी के बाद लिया। जिसके बाद से उन लोगों को अब वापस भारत भेज दिया गया है। शुक्रवार दोपहर एक स्पेशल फ्लाइट में इन सभी नागरिकों की दिल्ली वापसी हुई है।

गैरकानूनी ढंग से अमेरिका में प्रवेश करना
इन सभी भारतीयों ने कथित तौर पर पिछले कुछ महीनों में इंटरनेशनल एजेंटों की मदद से गैरकानूनी ढंग से मैक्सिको में प्रवेश किया था, ताकि वहां से अमेरिका में प्रवेश कर सकें। एयरपोर्ट पहुंचे यात्रियों में शामिल गौरव कुमार ने बताया- हमारे एजेंट ने हमें जंगल के रास्ते वहां पहुंचाया था। करीब दो सप्ताह हम जंगल में चले थे। इसके बाद हमें मैक्सिको से निकाल दिया गया। केवल भारतीयों को वहां से निकाला गया है जबकि श्रीलंका, नेपाल और केमरुन के लोग अभी भी वहां रह रहे हैं। इसके अलावा गौरव ने बताया कि मैंने अपनी कृषि भूमि, सोना सबकुछ बेचकर कुछ 18 लाख रुपए एजेंट को चुकाए थे।

अमेरिका ने मेक्सिको को दी चेतावनी
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जून में मैक्सिको सीमा पर घुसपैठ पर लगाम लगाने के लिए सुरक्षा बढ़ाए जाने की बात कही थी। इसके साथ ही अमेरिका ने चेतावनी भी दी कि अगर मेक्सिको बॉर्डर से घुसपैठ नहीं रुकी तो उस देश पर काफी प्रतिबंध लगा दिए जाएंगे। इसके बाद से ही अमेरिका-मेक्सिको बॉर्डर पर काफी सख्ती बरती जा रही है।

जिनके पास रहने की अनुमति नहीं उन्हें वापस भेजा गया
मैक्सिको के नेशनल माइग्रेशन इंस्टीट्यूट (आईएनएम) ने बुधवार को बयान जारी कर इस मामले में अपना पक्ष रखा था। इसके मुताबिक, जिन भारतीयों के पास देश में नियमित रूप से रहने की अनुमति नहीं थी, उन्हें तोलूका एयरपोर्ट से नई दिल्ली भेज दिया गया। इन लोगों को ओक्साका, कैलिफोर्निया, वेराक्रूज, चियापास, सोनोरा, मैक्सिको सिटी, डुरंगो और टैबास्को राज्यों में आव्रजन अधिकारियों को सौंपा गया।

अमेरिकी मीडिया में जारी एक आंकड़ों के मुताबिक, इस साल में अभी तक करीब 6 लाख लोगों को बॉर्डर में घुसपैठ करते हुए पकड़ा जा चुका है, जबकि 2018 में ये आंकड़ा 4 लाख के करीब था। गौरतलब है कि 2016 में डोनाल्ड ट्रंप के चुनावी कैंपेन का सबसे बड़ा वादा मेक्सिको बॉर्डर पर दीवार बनाना था, जिसके चक्कर में उन्होंने अपने कार्यकाल में कई बार प्रतिनिधि सभा से लड़ाई भी कर ली है। क्योंकि अमेरिकी कांग्रेस की ओर से डोनाल्ड ट्रंप के इस ड्रीम प्रोजेक्ट के लिए बजट पास नहीं किया गया था।

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