भारत में सक्रिय हैं 300 अलकायदा आतंकी !

कोलकाता : मुर्शिदाबाद से गिरफ्तार अलकायदा आतंकियों से पूछताछ के दौरान एनआईए अधिकारियों को महत्वपूर्ण तथ्य हाथ लगे हैं। सूत्रों के अनुसार एनआईए के आईटी सेल के अधिकारियों ने जब इंजीनियरिंग के छात्र नाजमुस के मोबाइल को खंगाला तो उनके होश उड़ गए। सूत्रों के अनुसार जिस ‘कितल फॉर इस्लाम’ ग्रुप में नाजमुस शामिल था उसमें सदस्यों की संख्या करीब 300 है।

‘कितल फॉर इस्लाम’ ग्रुप में हैं 300 शैडो मेंबर
उक्त सभी ग्रुप सदस्य एक शेडो मेंबर हैं यानी उनका परिचय सामने नहीं आया है। नाजमुस के मोबाइल से मिला तथ्य जांच अधिकारियों के लिए चिंता का विषय बन गया है। इस ग्रुप में सिर्फ सदस्यों की संख्या के अलावा कुछ भी नहीं देखा जा सकता है। उक्त ग्रुप के जरिए आतंकियों को इस्लाम से जुड़े संदेश दिए जाते थे। पहले ग्रुप में युवाओं को जोड़कर इस्लाम से जुड़े संदेश दिए जाते थे और उसके बाद संगठन के कार्य के प्रति उन्हें आकर्षित किया जाता था।

ग्रुप में मैसेज के जरिए युवाओं का ब्रेन वॉश किया जाता था। फिलहाल एनआईए अधिकारी उक्त ग्रुप के अदृश्य सदस्यों की शिनाख्त कर उन्हें पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं। अभियुक्तों के मोबाइल में मिले ग्रुप को कौन चलाता था, कौन एवं किस तरह संदेश भेजता था, इन सभी प्रश्नों का जवाब भी अधिकारी खोज रहे हैं।

जिहाद के जरिए भारत में द्वेष फैलाना चाहते हैं आतंकी
एनआईए सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान के आतंकी संगठन जिहाद की मूल भावना युवाओं में विकसित कर भारत में आतंक फैलाना चाहते हैं। इसके लिए सीमांत इलाकों में रहनेवाले युवाओं को संगठन से जोड़ा जा रहा है। एनआईए सूत्रों के अनुसार सीमांत इलाकों के कई मदरसों में आतंकी प्रशिक्षण मुहैया कराया जा रहा है।

सूत्रों की मानें तो पुलवामा हमले में मारे गए आतंकी का मुर्शीद हसन और नाजमुस के साथ संपर्क था। दो साल पहले तीनों एक वाट्स ऐप ग्रुप में शामिल थे और वहीं पर अलीम ने बताया था कि सेना पर बड़ा हमला होने जा रहा है। उक्त तथ्य सामने आने के बाद एनआईए अधिकारी भी अचंभित हैं।

शेयर करें

मुख्य समाचार

नहीं होगी रणबीर की ‘ब्रह्मास्त्र’ रिलीज!

नई दिल्ली : एक्टर रणबीर कपूर की अपकमिंग फिल्म 'ब्रह्मास्त्र' लंबे समय से चर्चा में हैं। फैंस भी इसके रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर आगे पढ़ें »

राजस्थान सरकार केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ लायी विधेयक

जयपुर : केंद्र द्वारा हाल ही में पारित कृषि सम्बंधी तीन कानूनों का राजस्थान के किसानों पर असर 'निष्प्रभावी' करने के लिए राज्य सरकार ने आगे पढ़ें »

ऊपर