हैदराबाद गैंगरेप आरोपियों को 14 ‌दिन की रिमांड,मां ने की जिंदा जलाने की मांग

नई दिल्ली : हैदराबाद में वेटेनरी डॉक्‍टर गैंगेरप और हत्या के मामले में न्यायालय द्वारा चारों आरोपियों को 14 दिन की न्‍यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस घटना से गुस्‍साए लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे थे जिसके चलते पुलिस आरोपियों को न्यायालय तक नहीं ले जा सकी। बाद में पुलिस थाने में ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आरोपियों की मजिस्ट्रेट के समक्ष पेशी कराई गई।

एक घंटे में घटी पूरी वारदात

पुलिस ने बताया कि पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया गया और उसके बाद गला दबा कर हत्या कर दी गयी और फिर उसके ऊपर कैरोसीन छिड़ककर जलाने की कोशिश की गयी। यह पूरी वारदात एक घंटे के अंदर घटी है। इस मामले में चार संदिग्धों को ‌हिरासत में लिया गया है। चारों आरोपियों में से तीन की उम्र 20 साल और एक की उम्र 26 साल है। आरोपियों में दो लॉरी ड्राइवर के साथ एक क्‍लीनर शा‌मिल है। आरोपियों की पहचान मोहम्‍मद आरिफ, नवीन, केशावुलु और शिवा के तौर पर हुई है। चारों आरोपी हैदराबाद से 160 किलोमीटर दूर नारायणपेट क्षेत्र के रहने वाले हैं। घटना के 48 घंटे के अंदर ही चारों को गिरफ्तार कर लिया गया है। न्यायालय में पेश करने के बाद शनिवार को उन्‍हें 14 दिन की हिरासत में भेज दिया गया है।

वकीलों ने कानूनी समर्थन देने से किया इंकार

इस मामले में जिला न्यायालय के शादनगर बार एसोसिएशन ने चारों दोषियों को किसी तरह का कानूनी समर्थन देने से मना कर दिया है। वहीं पीड़िता की मां और बहन ने दोषियों को जिंदा जला डालने की मांग की है। पीडिता की मां ने कहा, ‘मैं चाहती हूं कि मेरी मासूम बेटी के दोषियों को जिंदा जला दिया जाए।’ वहीं बहन ने पुलिस पर समय रहते कार्रवाई न करने की शिकायत की है। उनका कहना है कि एक पुलिस स्‍टेशन से दूसरे पुलिस स्‍टेशन जाने में हमारा समय बर्बाद हुआ।’

लोग कर रहे नारेबाजी

इस शर्मनाक घटना से पूरा देश आहत है। शनिवार को हैदराबाद में बड़ी संख्या में लोगों ने उस थाने के बाहर प्रदर्शन किया जहां महिला डॉक्टर के बलात्कार एवं हत्या के आरोपियों को कैैद किया गया है। प्रदर्शनकारी आरोपियों के लिए ‘कड़ी’ सजा की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी शादनगर पुलिस थाने के बाहर आरोपियों के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि आरोपियों को मौत की सजा दी जाए।

महिला आयोग ने पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप

वहीं महिला आयोग ने इस मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्‍त जांच की मांग की है। आयोग का कहना है कि अगर इस मामले में पुलिस ने तुरंत गंभीरता दिखाई होती तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती।

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