हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे पर अब ढाई लाख का इनाम, पूरे प्रदेश में पोस्टर लगाने के निर्देश

लखनऊ : कुख्यात अपराधी विकास दुबे के घर के बाहर हुए हमले में आठ पुलिसकर्मियों के शहीद होने की घटना के बाद पुलिस ने उस पर ढाई लाख रूपये का इनाम घोषित कर दिया है और पूरे प्रदेश के टोल नाकों पर उसका पोस्टर लगाने के लिये भी कहा है। कानपुर के पुलिस महानिरीक्षक मोहित अग्रवाल ने सोमवार को बताया, ‘ विकास दुबे पर अब ढाई लाख रूपये का इनाम घोषित कर दिया गया है। इस आशय का एक प्रस्ताव पुलिस महानिदेशक को भेजा गया था जहां से इनाम की राशि बढ़ाने की मंजूरी मिलने के बाद सोमवार को इनाम रकम बढा दी गयी है।’
पहचान रखी जायेगी गुप्त
अग्रवाल ने बताया, ‘जो व्यक्ति दुबे के बारे में सही जानकारी देगा उसे न केवल इनाम दिया जायेगा बल्कि उसकी पहचान भी गुप्त रखी जायेगी। पूरे प्रदेश के टोल नाको पर दुबे के पोस्टर लगाने के लिये भी कहा गया है ताकि अगर वह किसी टोल नाके से निकलता है तो उसके बारे में जानकारी मिल सके।’ उल्लेखनीय है कि पहले दुबे पर पहले पचास हजार का इनाम था जिसे बाद में बढ़ा कर एक लाख कर दिया गया और अब सोमवार को इसमें इजाफा कर इसे ढाई लाख रूपये कर दिया गया है।
40 पुलिस थानों की 25 टीमें
महानिरीक्षक ने बताया, ‘दुबे को ढूंढने के लिये 40 पुलिस थानों की 25 टीमें लगायी गयी है जो दिन रात पूरे प्रदेश के विभिन्न जिलों में छापेमारी कर रही है। इसके अलावा कुछ टीमें दूसरे प्रदेशों को भी भेजी गयी है। जल्द ही अच्छी खबर मिलने की उम्मीद है।’
करीबियों के मोबाइल पर नजर
पुलिस सूत्रों ने बताया कि पुलिस के निगरानी दल की नजरें दुबे के करीबियों के मोबाइल पर लगातार बनी हुई है और उससे कोई भी नाता रखने वाला हर व्यक्ति पुलिस राडार पर है। गौरतलब है कि बृहस्पतिवार देर रात कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के गांव बिकरू निवासी दुर्दांत अपराधी विकास दुबे को पकड़ने पहुंची पुलिस टीम पर हमला कर दिया गया था जिसमें एक क्षेत्राधिकारी एक थानाध्यक्ष समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। मुठभेड़ में पांच पुलिसकर्मी, एक होमगार्ड और एक आम नागरिक घायल है। घटना के बाद से पुलिस को दुबे का कोई सुराग नहीं मिला है।

तीन और पुलिसकर्मियों को किया गया  निलंबित 

कुख्यात अपराधी विकास दुबे के घर के बाहर हुई मुठभेड़ में आठ पुलिसकर्मियों के शहीद होने की घटना के बाद डूटी में ढिलायी बरतने के लिए तीन और पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी ने बताया कि निलंबित होने वालों में उप निरीक्षकों – कुंवरपाल, तथा कृष्ण कुमार शर्मा और कांस्टेबल राजीव हैं। ये सभी चौबेपुर थाने में तैनात थे। तीनों के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गयी है। उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जायेगा और अगर जांच के दौरान उनकी भूमिका या साजिश सामने आयी तो उनके खिलाफ आगे कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के एक अधिकारी ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि तीनों पुलिसकर्मी चौबेपुर के थाना प्रभारी विनय तिवारी के साथ विकास दुबे के घर बुधवार को गये थे। स्थानीय कारोबारी राहुल तिवारी की शिकायत पर पुलिस वहां दबिश देने गयी थी। राहुल को विकास दुबे ने पुलिस की मौजूदगी में पीटा था। जब तिवारी ने बीच-बचाव की कोशिश की तो दुबे ने कथित रूप से उनका मोबाइल छीनकर उनके साथ भी बदसलूकी की थी। उसके बाद दोनों के बीच कहासुनी और धक्कामुक्की भी हुई और फिर पुलिस घर से चली गयी। मुठभेड़ की वारदात के बाद विनय तिवारी को निलंबित कर दिया गया है।

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