फारूक अब्‍दुल्ला 2 साल तक जेल में रह सकते हैं बंद

नई दिल्लीः जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता फारूक अब्दुल्ला पर पीएसए (पब्लिक सेफ्टी एक्ट) लगा है। कोर्ट में सुनवाई के बाद भी वह दो साल तक हिरासत में रखे जा सकते हैं। राज्यसभा सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पिछले महीने 5 अगस्त से हाउस अरेस्ट हैं लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री पर पीएसए के तहत एक दिन पहले ही रविवार को केस दर्ज किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट में एमडीएमके नेता वाइको के हैबियस कॉर्पस याचिका पर सुनवाई से एक दिन पहले ही फारूक अब्दुल्ला पर पीएसए के तहत केस दर्ज किया गया। सरकार की ओर से ऐसा इसलिए किया गया है कि कोर्ट में सुनवाई के दौरान किसी पेपर के नहीं होने पर नेताओं की गिरफ्तारी को सही साबित करने को लेकर शर्मसार होने से बचा जा सके।

30 सितंबर तक जवाब दे केंद्र
फारूक अब्दुल्ला को गृह मंत्रालय ने उनके आवास पर ही हिरासत में ले रखा है और उनके आवास को सब्सिडरी जेल घोषित किया गया है। वह अपने ही घर में रहने को मजबूर हैं, लेकिन इस दौरान वह अपने मित्र या किसी अन्य रिश्तेदार से नहीं मिल सकते हैं। इस बीच फारूक अब्दुल्ला को हिरासत में लिए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया और 30 सितंबर तक जवाब देने को कहा है।

शेयर करें

मुख्य समाचार

सड़क हादसे में बीडीओ की मौत, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जताया शोक

कोलकाता : पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर जिले में कार्यस्थल पर लौट रहे एक खंड विकास अधिकारी की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। पुलिस आगे पढ़ें »

कैबिनेट सचिव ने बंगाल में राहत अभियानों की समीक्षा की

नयी दिल्ली : कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने आज यहां राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में पश्चिम बंगाल में चक्रवाती तूफान अम्फान के बाद आगे पढ़ें »

ऊपर