हनुमान जयंती : भोग के लिए बना इतना प्रसाद कि क्रेन, बुलडोजर और मशीन लगाने पड़े

जयपुरः जय सियाराम सेवा समिति (आश्रम) परिसर में हनुमान जयंती के अवसर पर हनुमान जी की चार प्रतिमाओं की प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी। इसके लिए 38.25 क्विंटल रोट का भाेग लगाया जाएगा।

आटा गुंथने में इस्‍तमेल हुआ 1700 लीटर पानी

प्रसादी बनाने में क्रेन, बुलडोजर और मशीन का भी इस्तेमाल किया गया। संत रामदास महाराज ने बताया कि भोग के लिए 24 क्विंटल आटा, 3 क्विंटल सूजी व 35 टिन देसी घी का उपयोग किया गया है। रोट बनाने का कार्य बुधवार शाम 4 बजे से ही हो गया। आटे व सूजी को गूंथने के लिए चार मशीनें लगाई गईं। इसके लिए आश्रम ने 2 नई मशीनें खरीदीं और 2 मशीनें अन्संय स्थाओं से मंगवाई। भोग बनाने में 1700 लीटर पानी का उपयोग हुआ।

गूंथने-बेलने में लगे आठ घंटे 

अशोक कुमार मोखा ने बताया कि 4 मशीनों से गूंथने और बेलने में 8 घंटे लगे। इसके लिए गूंथे हुए आटे को बड़े ट्रेलर पर रखा। इसके बाद हाइड्रो में लगे रोलर की मदद से बेला गया। इसकी मोटाई करीब एक फीट रखी गई। इसके बाद 3 ट्रक उपले बिछाए गए। उस पर रोट रखा गया और फिर उस पर एक ट्रक उपले रखे गए। इसके बाद आग लगाई गई। गुरुवार देर रात एक बजे रोट को उपलाें से निकाला गया। रोट को उपलों पर रखने और सेंकने में बुलडोजर की मदद ली गई। शाम चार बजे शुरू हुई यह प्रक्रिया रात 11:30 बजे पूरी हुई।

चूरमा में छह क्विंटल काजू, कुल वजन 38.75 क्विंटल
 

बता दें कि रोट का चूरमा बनाया जाएगा। इसमें करीब साढ़े छह क्विंटल काजू, किशमिश, बादाम, देसी शक्कर, गुड़ और इलायची आदि मिलाए जाएंगे, जिससे इसका कुल वजन 38.75 क्विंटल हाे जाएगा। इस प्रसादी का वितरण हनुमान जंयती पर भक्तों को किया जाएगा। गौरतलब है कि भगवान हनुमान जी की स्थापना होनी है उनमें 3 प्रतिमाएं संगमरमर और एक अष्टधातु की हैं।


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