स्वदेशी खेलों से ही होगा फिट इंडिया मिशन का सपना पूरा: श्रीनिवास

नयी दिल्ली : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री श्रीनिवास ने पेफी उत्तराखंड चैप्टर, पंतजली योग विश्वविद्यालय हरिद्वार एवं कुमाऊँ विश्वविद्यालय नैनीताल के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित राष्ट्रीय वेबिनार जील एंड फील ऑफ स्वदेशी खेल में कहा कि स्वदेशी खेलों से ही स्वस्थ भारत का निर्माण और फिट इंडिया मिशन का सपना पूरा होगा।

स्वदेशी एक भाव या विचार है

श्रीनिवास ने कहा कि स्वदेशी कोई वस्तु या प्रकार नही है, अपितु स्वदेशी एक भाव या विचार है जो हमें अपने देश की प्राचीन संस्कृति और परम्परा से जोड़ता है। उन्होंने कहा कि खेलों में स्वदेशी का विचार प्रवाहित होना चाहिए तभी जाकर स्वस्थ भारत का निर्माण और फिट इंडिया मिशन का सपना पूरा होगा। उन्होंने कहा कि स्वदेशी खेलों को बढ़ावा देना चाहिए जैसे स्वदेशी भाषा पर नयी शिक्षा नीति में कक्षा 5 तक जोर दिया गया है उसी तरह स्वदेशी खेल जैसे कबड्डी, खो खो, ड्राप रो बाल आदि खेल जरूरी होने चाहिए।

भारतीय खेल भारत का दर्शन सिखाते है

उन्होंने कहा कि भारतीय खेल भारत का दर्शन सिखाते है जैसे जीवन में सब बिखरने के बाद भी संघर्ष और उम्मीद को नहीं छोड़ना और फिर से अपने सपनों को खड़ा कर लेना। कबड्डी खेल में बहुत बड़ा दर्शन छुपा है, एक टीम का खिलाड़ी दूसरे के पाले में जाता है, वह मरना या आउट हो जाता है, जो खिलाड़ी मरता है, उसकी टीम का दूसरा खिलाड़ी जी तोड़ प्रयास करता है कि दूसरी टीम के खिलाड़ी को मार कर अपनी टीम के खिलाड़ी को जिंदा करता है। हमारे सभी स्वदेशी खेलों का अगर विश्लेषण करेंगे तो पाएंगे कि उनमें जहां एक ओर प्रतिस्पर्धा तो है ही, साथ ही जीवन के महत्वपूर्ण सन्देश भी छिपे हैं। उन्होंने पेफी के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि कोरोना वायरस के खत्म होने बाद पूरे देश में स्वदेशी खेलों को आगे बढ़ाने के लिए इसके प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर आयोजन कराये जायेंगे।

देश के खेलों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी हम सभी की

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि फिजिकल एजुकेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय सचिव डॉ पियूष जैन ने कहा कि देश के खेलों को आगे बढाने की जिम्मेदारी हम सभी की है, हमारे भारतीय खेलों के पिछड़ने का एक बड़ा कारण इसका व्यवसायीकरण ना होना है, आजकल जो दिखता है, वही बिकता है। हम सभी संगठनों का प्रयास होना चाहिए कि हम अपने खेलों को विश्व मानचित्र पर इस तरह से प्रदर्शित करें कि सभी लोग इन खेलों को खेलें। उन्होंने खेल मंत्रालय के प्रयासों की सराहना करते हुए बताया कि फिट इंडिया मिशन ने स्वदेशी खेलों पर एक ऑनलाइन सीरीज का आयोजन किया जा रहा है, जिससे हम अपने प्राचीन खेलों को जान पा रहे है। कार्यक्रम की शुरुआत में पेफी उत्तराखंड चेप्टर के अध्यक्ष डॉ अजय मलिक ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूप रेखा को रखा। पतंजलि विश्वविद्यालय के डीन डॉ विनोद कुमार कटियार, डॉ अनिल करवंदे पूर्व प्राचार्य ईश्वर देशमुख कॉलेज नागपुर, डॉ मुकुल पंत एच एन बी विश्वविद्यालय गढ़वाल और ड्राप रो बाल के संस्थापक ईश्वर सिंह आचार्य ने अपने विचार व्यक्त करते हुए स्वदेशी खेलों को आगे बढाने में पेफी की पहल की सराहना की। कार्यक्रम के आयोजन सचिव, पेफी उत्तराखंड चैप्टर के सचिव डॉ धर्मेन्द्र बाल्यान ने सभी का आभार प्रगट करते हुए कहा कि भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में पूरे देश भर से 3500 से अधिक शारीरिक शिक्षकों और खेल प्रशिक्षकों ने भाग लिया। इस अवसर पर कुमाऊँ विश्विद्यालय के खेल सचिव डॉ नागेन्द्र, पेफी के संयुक्त सचिव डॉ शरद शर्मा, डॉ चेतन शर्मा, तरुण कुमार और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद उत्तराखंड प्रांत के संगठन मंत्री प्रदीप शेखावत, डॉ योगेश जोशी, विवेक अलोक सिंह नेगी उपस्थित थे। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ रुचि साह और डॉ अमृता पांडेय, नागपुर ने संयुक्त रूप से किया।

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