सुषमा स्वराज ने चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात में पुलवामा मामला उठाया

वुझेन (चीन) : भारत-पाक के बीच बढ़ते तनाव के बीच विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बुधवार को चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ मुलाकात की और जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में हुए आतंकवादी हमले का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यह आतंकवादी हमला पाकिस्तान की ओर से जैश-ए-मोहम्मद और उसके नेताओं को मिलने वाली माफी तथा समर्थन का सीधा परिणाम था।
भारत में शोक और गुस्से का माहौल
रूस-भारत-चीन के विदेश मंत्रियों की बैठक से अलग हुई इस मुलाकात के दौरान स्वराज ने कहा ‘मैं ऐसे वक्त में चीन आयी हूं जब भारत में शोक और गुस्से का माहौल है। यह जम्मू-कश्मीर में हमारे सुरक्षा बलों के खिलाफ सबसे भीषण हमला है।’ उन्होंने कहा, ‘यह हमला पाकिस्तान स्थित और समर्थिक संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने किया है।’
संयुक्त राष्ट्र ने समवेत स्वर में इसकी निंदा की
यह रेखांकित करते हुए कि जैश-ए-मोहम्मद संयुक्त राष्ट्र और अन्य देशों द्वारा प्रतिबंधित संगठन है, स्वराज ने वांग से कहा कि ‘यह आतंकवादी हमला पाकिस्तान की ओर से जैश-ए-मोहम्मद और उसके नेताओं को मिलने वाली माफी तथा समर्थन का सीधा परिणाम था।’ उन्होंने कहा ‘पुलवामा हमले के बाद पूरे संयुक्त राष्ट्र ने समवेत स्वर में इसकी निंदा की।’
हमारे संबंधों में ठोस प्रगति हुई है
स्वराज ने वांग से कहा कि 2019 में यह उनकी पहली बैठक है और ऐसे में यह द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करने और सहयोग को आगे बढ़ाने के लिहाज से दोनों पक्षों के लिए सही समय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की वुहान में हुई वार्ता का हवाला देते हुए स्वराज ने कहा कि  ‘हमारे संबंधों में ठोस प्रगति हुई है।’ उन्होंने वांग से कहा कि यह दोनों पक्षों के लिए आवश्यक है कि वे अपने नेताओं द्वारा तय दिशा-निर्देशों का सही तरीके से पालन करें। दोनों नेताओं ने प्रयास किया और हमें उसे जारी रखना चाहिए।
दोनों देशों के बीच संबंध नए आयाम पर पहुंचा
वांग ने कहा कि पिछले साल वुहान में मोदी और शी के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच संबंध नए आयाम पर पहुंचा। उन्होंने कहा ‘हमारे द्विपक्षीय संबंधों का हर आयाम ठीक से चल रहा है। दोनों ही राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय हमारे द्विपक्षीय संबंधों को लेकर ज्यादा आशान्वित हैं। 2019 में भी हम दोनों नेताओं के बीच बनी सहमति पर काम करना जारी रखेंगे।’
बता दें मंगलवार, 26 फरवरी को तड़के भारत ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े शिविर को तबाह कर दिया जिसमें लगभग 350 आतंकवादी और उनके प्रशिक्षक मारे गए। पाकिस्तान ने पुलवामा आतंकी हमले के बाद इन आतंकवादियों को उनकी सुरक्षा के लिए इस शिविर में भेजा था। भारतीय वायुसेना का यह हमला अत्यंत त्वरित और सटीक था।
गौरतलब है कि 14 फरवरी को आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आत्मघाती हमला किया था जिसमें 40 जवान शहीद हुए थे।

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