सीमा पर गोला-बारूद रखने को बनेगी सुरंग, सेना ने एनएचपीसी के साथ किया करार

नयी दिल्ली : भारतीय सेना अपने गोला-बारूद को सुरक्षित रखने के लिये पाकिस्तान और चीन से लगे पहाड़ी क्षेत्रों में सुरंगनुमा गोदामों का इस्तेमाल करेगी। इसे बनाने के लिये सेना ने नेशनल हाइड्रोइलैक्ट्रिक पॉवर कारपोरेशन लिमिटेड (एनएचपीसी) के साथ एक करार किया है। सेना के महानिदेशक (संचालन और सैन्य साजो सामान) लेफ्टिनेंट जनरल एन के खंडूरी और एनएचपीसी के मुख्य प्रबंध निदेशक बलराज जोशी ने करार पर हस्ताक्षर किये।
पायलट परियोजना के तहत बनायी जायेंगी
इस करार के तहत एनएचपीसी सेना के लिए चीन से लगती सीमा के पहाड़ी क्षेत्रों में तीन और जम्मू कश्मीर में एक सुरंग बनायेगी। अभी ये सुरंगें पायलट परियोजना के तहत बनायी जायेंगी और इन पर 15 करोड़ रुपये की लागत आने की संभावना है। प्रत्येक सुरंग में 175 से 200 टन तक गोला-बारूद के भंडारण की क्षमता होगी। इन सुरंगों को बनाने में करीब दो वर्ष का समय लगेगा। चीन और अमेरिका जैसे देशों में इस तरह की सुरंगें पहले से ही हैं। अभी सेना अपना गोला-बारूद और हथियार जमीन पर बने हथियार डिपो में ही रखती है। पायलट परियोजना के सफल होने के बाद इस तरह की सुरंगें देश के अन्य हिस्सों में भी बनायी जायेंगी।
पहले भी हुई थी सुरंग बनाने की कोशिश
सेना गोला-बारूद को सुरक्षित तथा गोपनीय ठिकानों पर रखने के लिए सुरंगनुमा भंडार गृह बनाने पर लंबे समय से विचार कर रही थी और उसने कुछ समय पहले सिक्किम और तवांग जैसे दुर्गम क्षेत्रों में इस तरह की सुरंग बनाने की कोशिश भी की थी लेकिन उसे इसमें सफलता नहीं मिली। इसके बाद सेना ने एनएचपीसी की पहाड़ी क्षेत्रों में सुरंग बनाने की विशेषज्ञता का लाभ उठाने की योजना बनायी। इसी योजना के तहत सेना ने पिछले वर्ष उसके साथ बातचीत शुरू की और कंपनी द्वारा इस प्रस्ताव को स्वीकार किये जाने के बाद करार को अंतिम रूप दिया गया।
दुश्मन के हमलों से भी रहेगा सुरक्षित
इन सुरंगों में गोलियों से लेकर रॉकेट, टैंक रोधी और अन्य मिसाइलों को रखे जाने की योजना है। गोपनीय और पहाड़ी क्षेत्रों में गोला-बारूद को सुरंगों में रखने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि एक तो इनमें गोला-बारूद सुरक्षित रहेगा और दूसरे जरूरत पड़ने पर इन्हें सीमावर्ती चौकियों पर आसानी से पहुंचाया जा सकेगा। इनमें आग लगने और दूसरी अन्य दुर्घटनाओं का खतरा भी कम रहेगा तथा इसे दुश्मन के हमलों से भी आसानी से सुरक्षित रखा जा सकेगा।

गौरतलब है कि पुलवामा आतंकवादी हमले के बाद जब भारतीय वायु सेना ने गत 26 फरवरी को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के निकट बालाकोट में आतंकवादी संगठन जैश ए मोहम्मद के ठिकाने पर कार्रवाई की थी उसके बाद पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों ने जवाबी कार्रवाई के दौरान जम्मू कश्मीर में सेना के कुछ ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की थी जिनमें गोला बारूद का डिपो भी शामिल था। हालांकि भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान की इस कोशिश को नाकाम कर दिया था।

शेयर करें

मुख्य समाचार

मरे चैलेंजर टेनिस टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में पहुंचे रामनाथन

नयी दिल्ली : भारत के रामकुमार रामनाथन ने जबरदस्त प्रदर्शन की बदौलत ग्लास्गो में चल रहे 46,600 यूरो की ईनामी राशि वाले मरे ट्रॉफी चैलेंजर आगे पढ़ें »

हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स की एक यूनिट में लगी आग, 13 श्रमिक घायल

हल्दिया: पूर्व मिदनापुर जिले के हल्दिया स्थित हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स के एक यूनिट में शुक्रवार की सुबह अचानक आग लगने की घटना में 13 श्रमिक झुलस आगे पढ़ें »

एशियाई टेटे चैंपियनशिप : जी साथियान क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाले दूसरे भारतीय खिलाड़ी बने

mamata banerjee

बंगाल में नहीं लागू होगा एनआरसी : ममता

Rafale Fighter plane

भारतीय वायुसेना को सौपा गया पहला राफेल लड़ाकू विमान, 8 अक्टूबर को होगा वायुसेना में शामिल

Bajrang Punia

विश्व चैम्पियनशिप मुकाबले में बजरंग पूनिया ने जीता कांस्य पदक

honeytrap

इंदौर हनीट्रैप मामले का पर्दाफाश, कांग्रेसी नेता की पत्नि सहित 4 गिरफ्तार

Amit Panghal

अमित पंघाल विश्व चैम्पियनशिप के फाइनल मुकाबले में पहुंचने वाले प्रथम भारतीय पुरूष

athawale

अंबेडकर ने अनुच्‍छेद 370 का किया था विरोध : रामदास अठावले

कुश्‍ती चैम्पियनशिप : 8 साल बाद वापसी करने वाले सुशील कुमार पहले राउंड में छह मिनट में हार गये

ऊपर