समय की मांग है पैरों पर खड़ा होना ही होगा : प्रधानमंत्री

नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में देशवासियों से आने वाले दिनों में भी ‘धैर्य और जीवटता’ बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ लम्बी लड़ाई में विजय के लिए सरकार के प्रत्येक दिशा-निर्देश का पालन करना जरूरी है वरना जीवन में हो रही असुविधा, जीवन पर आफत बन सकती है।
किये गए कार्य ‘ऐतिहासिक’
प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी सरकार के दूसरे कार्यकाल का एक वर्ष पूरा होने पर देशवासियों के नाम पत्र में पिछले एक वर्ष में किये गए कार्यों को ‘ऐतिहासिक’ करार देते हुए सरकार की उपलब्धियां बताईं। उन्होंने कहा कि देशहित में किए कार्यों और निर्णयों की सूची बहुत लंबी है और एक साल के कार्यकाल के प्रत्येक दिन चौबीसों घंटे पूरी सजगता, संवेदनशीलता से काम हुआ और निर्णय लिए गए हैं। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने दूसरे कार्यकाल के लिये 30 मई 2019 को शपथ ली थी। कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में एकजुटता का आज़्वान करते हुए मोदी ने कहा कि भारत आज अन्य देशों की तुलना में ज्यादा संभली हुई स्थिति में है। ये ल6ाई लंबी है लेकिन हम विजय पथ पर चल प6े हैं और विजयी होना हम सबका सामूहिक संकल्प है। दिशा-निर्देश का पालन आवश्यक
कोरोना वायरस के प्रति लोगों को सचेत करते हुए उन्होंने कहा, ‘ हमें ये भी ध्यान रखना है कि जीवन में हो रही असुविधा, जीवन पर आफत में न बदल जाए। इसके लिए प्रत्येक भारतीय के लिए प्रत्येक दिशा-निर्देश का पालन करना बहुत आवश्यक है। जैसे अभी तक हमने धैर्य और जीवटता को बनाए रखा है, वैसे ही उसे आगे भी बनाए रखना है। ’
सभी मिलकर प्रयास कर रहे हैं
देशवासियों के नाम लिखे पत्र में मोदी ने कोविड-19 के कारण लागू देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों, कारीगरों, छोटे उद्योगों, दुकानदारों, रेहड़ी पटरी वालों को हुई परेशानियों का जिक्र किया और कहा कि इनकी परेशानियां दूर करने के लिए सभी मिलकर प्रयास कर रहे हैं। मोदी ने कहा,‘ निश्चित तौर पर, इतने बड़े संकट में कोई ये दावा नहीं कर सकता कि किसी को कोई तकलीफ और असुविधा न हुई। हमारे श्रमिक साथी, प्रवासी मजदूर, छोटे-छोटे उद्योगों में काम करने वाले कारीगर, पटरी पर सामान बेचने वाले, रेहड़ी-ठेला लगाने वाले, दुकानदार, लघु उद्यमियों ने असीमित कष्ट सहा है और इनकी परेशानियां दूर करने के लिए सभी मिलकर प्रयास कर रहे हैं।’
समय की मांग पैरों पर खड़ा होना 
कोविड-19 से अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों और उससे निपटने का संकल्प व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘ आज समय की मांग है कि हमें अपने पैरों पर खड़ा होना ही होगा। अपने बलबूते पर चलना ही होगा और इसके लिए एक ही मार्ग है – आत्मनिर्भर भारत।’ उन्होंने कहा कि आज की परिस्थितियों में यह चर्चा बहुत व्यापक है कि भारत समेत तमाम देशों की अर्थव्यवस्थाएं कैसे उबरेंगी?
आर्थिक क्षेत्र में हम करेंगे नई मिसाल कायम
मोदी ने कहा,‘ हमें यह विश्वास है कि जैसे भारत ने अपनी एकजुटता से कोरोना के खिलाफ लड़ाई में पूरी दुनिया को अचंभित किया है, वैसे ही आर्थिक क्षेत्र में भी हम नई मिसाल कायम करेंगे। हम 130 करोड़ भारतीय अपने सामर्थ्य से आर्थिक क्षेत्र में भी विश्व को चकित ही नहीं बल्कि प्रेरित भी कर सकते हैं।’ आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिए हाल में घोषित 20 लाख करोड़ रुपए के पैकेज का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि यह अभियान किसानों, श्रमिकों, लघु उद्यमियों, स्टार्ट अप्स से जुड़े नौजवानों सहित सभी लोगों के लिए नए अवसरों का दौर लेकर आएगा।
आयात पर अपनी निर्भरता कम करेगा भारत
बड़े सपनों की उड़ान
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘भारतीयों की प्रतिभा से लोकल उत्पादों के दम पर भारत आयात पर अपनी निर्भरता कम करेगा और आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ेगा।’ प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पत्र में छह साल की उपलब्धियों और दूसरे कार्यकाल में एक साल के दौरान हुए कार्यों का उल्लेख किया और कहा,‘ वर्ष 2014 में आपने, देश की जनता ने, देश में एक बड़े परिवर्तन के लिए और देश की नीति और रीति बदलने के लिए वोट किया था। जबकि वर्ष 2019 में जनादेश देश के बड़े सपनों, आशाओं-आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए था और इस एक साल में सरकार द्वारा लिए गए फैसले इन्हीं बड़े सपनों की उड़ान है।’
ऐतिहासिक निर्णय
उन्होंने कहा, ‘‘ देश पिछले एक साल में ऐतिहासिक निर्णयों और विकास की अभूतपूर्व गति के साथ आगे बढ़ा है। लेकिन फिर भी मुझे पता है कि अब भी बहुत कुछ करना बाकी है। देश के सामने चुनौतियां अनेक हैं, समस्याएं अनेक हैं। मैं दिन-रात प्रयास कर रहा हूं। मुझ में कमी हो सकती है लेकिन देश में कोई कमी नहीं है।’ मोदी ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि देश की जनता की शक्ति और सामर्थ्य के बल पर वह चुनौतियों से निपट सकेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार के पहले कार्यकाल में पाँच वर्षों में देश ने व्यवस्थाओं को जड़ता और भ्रष्टाचार के दलदल से बाहर निकलते और अंत्योदय की भावना के साथ गरीबों का जीवन आसान बनाने के लिए गवर्नेंस को परिवर्तित होते देखा है। उन्होंने कहा कि भारत की इस ऐतिहासिक यात्रा में देश के हर समाज, हर वर्ग और हर व्यक्ति ने बखूबी अपना दायित्व निभाया है। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ इस मंत्र को लेकर आज देश सामाजिक हो या आर्थिक, वैश्विक हो या आंतरिक, हर दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते एक वर्ष में राष्ट्रीय एकता-अखंडता के लिए अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को समाप्त करना, सदियों पुराने संघर्ष के सुखद परिणाम के रूप में राम मंदिर निर्माण की बात हो, आधुनिक समाज व्यवस्था में रुकावट बना एक बार में तीन तलाक हो, या फिर भारत की करुणा का प्रतीक नागरिकता संशोधन कानून जैसे कार्य हुए। उन्होंने प्रमुख रक्षा अध्यक्ष पद के गठन, मिशन गगनयान की तैयारी, प्रधानमंत्री कृषि सम्मान निधि, ग्रामीण घरों में पाइप से शुद्ध पेयजल पहुंचाने की योजना, मछुआरों के लिये सुविधाएं एवं ब्लू इकोनॉमी को मजबूत बनाने तथा किसान, खेतिहर मजदूर, छोटे दुकानदार और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों आदि सभी के लिए 60 वर्ष की आयु के बाद तीन हज़ार रुपए की नियमित मासिक पेंशन योजना का भी उल्लेख किया। मोदी ने कहा कि एक के बाद एक हुए इन ऐतिहासिक निर्णयों के बीच अनेक बदलाव एवं फैसले ऐसे भी हैं जिन्होंने भारत की विकास यात्रा को नई गति दी है, नए लक्ष्य दिए हैं, लोगों की अपेक्षाओं को पूरा किया है। प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल और ओड़िशा में आए अम्फान चक्रवात का जिक्र करते हुए कहा,‘ जिस हौसले के साथ वहां के लोगों ने स्थितियों का मुकाबला किया, चक्रवात से होने वाले नुकसान को कम किया, वह हम सभी के लिए एक बड़ी प्रेरणा है।’

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