संसद में बोले राजनाथ सिंह- भारत किसी भी परिस्थितियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार


नयी दिल्ली :
देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को लोकसभा में भारत-चीन सीमा पर गतिरोध को लेकर बयान देते हुए कहा कि शांति का असर दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ता है। भारत-चीन सीमा पर पारंपरिक सीमांकन को चीन स्वीकार नहीं करता है। हमारे जवानों का हौसला बुलंद है, इसमें किसी को शक नहीं होना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि भारत किसी भी परिस्थितियों से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। सिंह ने कहा कि मैं सदन से यह अनुरोध करता हूं कि हमारे दिलेरों की वीरता एवं बहादुरी की प्रशंसा करने में मेरा साथ दें। हमारे बहादुर जवान अत्यंत मुश्किल परिस्थतियों में अपने अथक प्रयास से समस्त देशवासियों को सुरक्षित रख रहे हैं।
सीमा पर बढ़ी है चीनी जवानों की संख्या
रक्षा मंत्री ने कहा, सरकार ने पिछले कुछ हफ्तों में सीमा पर इंफ्रास्ट्रचर को ध्यान दिया है। पिछले कुछ समय में चीनी जवानों की संख्या सीमा पर बढ़ी है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) का सम्मान और कड़ाई से पालन करना चाहिए। किसी भी पक्ष को अपनी ओर से यथास्थिति का उल्लंघन करने का प्रयास नहीं करना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच सभी समझौतों का पालन होना चाहिए।
चीन सीमा मुद्दा शांतिपूर्ण बातचीत से ही संभव
सिंह ने कहा, 15 जून को चीन की सेना ने गलवान घाटी में हिंसक झड़प किया और हमारे वीर सैनिकों ने अपनी जान का बलिदान कर चीनी सेना के जवानों को भी काफी क्षति पहुंचाई। उन्होंने यह भी कहा कि अप्रैल से पूर्वी लद्दाख में चीनी सेनाओं में काफी वृद्धि देखी गई, जिसके बाद मई में गलवान घाटी में दोनों सेनाओं आमना-सामना हुआ। चीन द्वारा मई महीने के मध्य में पश्चिमी लद्दाख के कई क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश की थी। हमने चीन से कूटनीतिक और सैन्य बातचीत के जरिए से साफ करा दिया कि यह एकतरफा सीमा को बदलने की कोशिश है और हमें यह मंजूर नहीं है। रक्षा मंत्री ने कहा कि चीन सीमा मुद्दा एक जटिल मुद्दा है, जिसका शांतिपूर्ण बातचीत से ही हल संभव है।

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