शीर्ष न्यायालय से सरकार की मांग, राफेल सौदे से जुड़ी सभी याचिका रद्द की जाय

नई दिल्ली : शीर्ष न्यायालय से केन्द्र सरकार ने राफेल लड़ाकू विमान सौदे की समीक्षा जांच के लिए दायर सभी याचिकाओं को रद्द किये जाने की मांग की है।
वायु सेना के कार्य में बाधा पहुंचाएगी
अदालत में सरकार की तरफ से दलील पेश कि गई है कि यदि ऐसा नहीं होता है तो राफेल लड़ाकू विमान सौदे में हस्तक्षेप भारतीय वायु सेना के कार्य में बाधा पहुंचाएगी। अदालत में सरकार की ओर से पायलट की ट्रेनिंग पर कड़ी नजर रखे जाने की बात भी कही गई है।
फैसला सुरक्षित रख लिया था
दरअसल, राफेल लड़ाकू विमान सौदे में भ्रष्टाचार की जांच के लिए 14 दिसंबर को अदालत में दायर याचिका पर 10 मई को सुनवाई हुई थी। उस समय न्यायालय ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अरुण शौरी और यशवंत सिन्हा के अलावा अन्य याचिकाकर्ता प्रशांत भूषण ने अपनी याचिका में कहा था कि सरकार ने जो आंकड़े प्रस्तुत किए हैं वो गलत और अधूरे हैं। वहीं सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि विपक्ष द्वारा दायर की गई याचिका उस दस्तावेज पर आधारित है जो रक्षा मंत्रालय से चोरी की गई, जिसपर शीर्ष अदालत ने कहा था कि चोरी किए गए दस्तावेज कोर्ट में स्वीकार्य है।

गौरतलब है कि राफेल मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर जमकर हमले भी किये। उन्होंने राफेल सौदे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर भी बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था।

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