वो चाची 420 थी, हनीमून के रंग में डाला भंग, भतीजे को फंसाया

मुंबईः ओनिबा और शारिक कुरैशी ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि उसकी खुद की चाची फरेबी निकलेगी। उन्हें संगीन जुर्म में फंसा देगी। लेकिन उनकी चाची फरेबी ही निकली। इस पूरी कहानी में पीड़ित को अब न्याय मिल चुका है जिसमें उसे सजा सुनाई गई थी और आरोपी चाची कानून के शिकंजे में है। दरअसल शाकिर कुरैशी और ओनिबा हनीमून मनाने के लिए कतर गए थे। लेकिन ड्रग्स मामले में कतर की अदालत ने उन्हें 10 साल की सजा और एक करोड़ जुर्माने की सचा 2019 में सुनाई। लेकिन इस बीच शारिक कुरैशी के परिवार को उसकी चाची का मोबाइल मिला और उसमें जो बातें दर्ज थीं उसके बाद हर कोई दंग था। उस मोबाइल में शारिक की चाची और ड्रग्स डीलर के बीच बातचीत दर्ज थी।

2019 में हुई थी गिरफ्तारी
दरअसल जब 2019 में शारिक और उसकी पत्नी हमद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरे तो उनके बैग से करीब चार किलोग्राम हशीश की बरामदगी हुई। हशीश मिलने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था। शारिक के परिवार का कहना है कि उसकी चाची तबस्सुम ने ही दोनों को हनीमून के लिए कतर भेजा था।
2021 में मिली आजादी
27 जनवरी, 2020 को अपीली अदालत ने कपल की याचिका को खारिज कर दिया। जनवरी 2021 में आपराधिक विभाग की अदालत ने कपल के वकील द्वारा पेश दस्तावेजों की सुनवाई की। फरवरी में  कपल की अपील स्वीकार की गई और सजा पर रोक लगाने का फैसला लिया गया। अदालत ने कहा कि अपीलक करने वालों  का आपराधिक इरादा नहीं थाऔर वे बात से अनभिज्ञ थे कि बैद में ड्रग्स था।

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