राहु-केतु राशि परिवर्तन 2019 : आज से बदला इन दोनों ग्रहों का स्थान, यह उपाय बचाएंगे बुरी छाया से

नई दिल्लीः ज्योतिष शास्‍त्र में राहु-केतु दो ऐसे ग्रह हैं, जिन्हें पाप ग्रह या छाया ग्रह भी कहा जाता है। इनका अपना कोई अस्तित्व नहीं होता है। ये जिस ग्रह के साथ बैठते हैं उसी के अनुसार अपना प्रभाव देने लगते हैं। यह दोनों ग्रह अगर कुंडली में गलत स्थान पर बैठ जाएं तो पूरा जीवन खराब कर सकते हैं। कुंडली में राहु-केतु ही मिलकर काल सर्पयोग का निर्माण भी करते हैं। आज 7 मार्च से राहु कर्क राशि से मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे तो वहीं केतु मकर राशि से धनु राशि में जाएंगे। अगले 18 महीने यह दोनों ग्रह इसी राशि में रहेंगे।
राहु का प्रभाव
राहु पौराणिक संदर्भों से धोखेबाजों, ड्रग विक्रेताओं, विष व्यापारियों, निष्ठाहीन और अनैतिक कृत्यों, आदि का प्रतीक रहा है। यह अधार्मिक व्यक्ति, निर्वासित, कठोर भाषणकर्त्ताओं, झूठी बातें करने वाले, मलिन लोगों का द्योतक भी रहा है। इसके द्वारा पेट में अल्सर, हड्डियों और स्थानांतरगमन की समस्याएं आती हैं।
केतु का प्रभाव
केतु स्वभाव से एक क्रूर ग्रह हैं और यह ग्रह तर्क, बुद्धि, ज्ञान, वैराग्य, कल्पना, अंतर्दृष्टि, मर्मज्ञता, विक्षोभ और अन्य मानसिक गुणों का कारक माना जाता है। अच्छी स्थिति में यह इन्हीं क्षेत्रों में लाभ देता है, तो बुरी अवस्था में हानि भी पहुंचता है। राहु-केतु की अशुभ दशा से बचने के उपाय राहु शांति उपायराहु की शांति के लिए राहु के बीजमंत्र का 18000 की संख्या में जप करें।
राहु शांति उपाय
राहु की शांति के लिए राहु के बीजमंत्र का 18000 की संख्या में जप करें। राहु यंत्र की घर में स्थापना से भी, व्यक्ति की पीड़ा कम हो जाती है। राहु को शांत करने के लिए शनिवार का व्रत करना चाहिए। कौए को मीठी रोटी दें और ब्राह्मण या गरीबों को चावल खिलाएं। गरीब व्यक्ति की कन्या की शादी करनी चाहिए। राहु की दशा से आप पीड़ित हैं तो अपने सिरहाने जौ रखकर सोएं और सुबह उनका दान कर दें इससे राहु की दशा शांत होगी।
राहु का बीज मंत्र- ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः।
केतु शांति उपाय
केतु अशुभ फल से बचने के लिए बीजमंत्र का 17000 की संख्या में जाप करना चाहिए व दषमांष हवन करना चाहिए। केतु यंत्र की घर में स्थापना भी जातक को लाभ प्रदान करती है। कम्बल, लोहे के बने हथियार, तिल, भूरे रंग की वस्तु दान करने से केतु का दुष्प्रभाव कम होता है। गाय की बछिया, केतु से सम्बन्धित रत्न का दान भी उत्तम होता है। संतान को केतु की दशा के फल से बचाने के लिए मंदिर में कम्बल का दान करना चाहिए। केतु की दशा को शांत करने के लिए शनिवार और मंगलवार के दिन व्रत रखने से लाभ मिलता है।
केतु का बीजमंत्र – ॐ स्त्रां स्त्रीं स्त्रौं सः केतवे नमः
सभी ग्रह दोषों से मुक्ति का मंत्र
ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे, यह एक ऐसा शक्तिशाली देवी मंत्र है जिसके स्मरण, जप से सारे ग्रह दोष बेअसर हो जाते हैं। रोजाना 108 बार इस मंत्र के जाप से सभी ग्रह शांत हो जाते हैं।
जानें आने वाले  दिनों में किन 5 राशि के जातकों के होने वाले हैं वारे न्यारे
वृषभ इस राशि का स्‍वामी शुक्र ग्रह होता है और ज्‍योतिष के अनुसार शुक्र ग्रह धन, वैभव, संपत्ति का देवता माना जाता है यदि वृषभ राशि के जातक की कुंडली में शुक्र ग्रह ऊंच की राशि या खुद की राशि में बैठा है तो इन लोगों को अमीर बनने से दुनियां की कोई भी ताकत नहीं रोक सकती । कुछ ही दिनों इस राशि के जातकों के भाग्य का सूर्य उदय होने वाला हैं ।
मिथुन राशि का स्‍वामी बुध ग्रह को माना जाता है और ज्‍योतिष के अनुसार बुध ग्रह बुद्धि व दिमाग का कारक माना जाता है यदि मिथुन राशि के जातक की कुंडली में बुध ग्रह ऊंच की राशि या खुद की राशि में या फिर शुभ भाग्‍य में बैठा हो तो ऐसे लोग अपने दिमाग के बल पर बहुत अमीर बनते हैं और अगर ये गरीब घर में भी जन्‍म लेते हैं तो ये अपनी बुद्धि से अमीर बनते हैं । इस राशि के जातक 7 दिनों तक सूर्य को अर्घ्य दें फिर देखे चमत्कार ।
सिंह राशि का स्‍वामी सूर्य ग्रह को माना जाता है और ज्‍योतिष के अनुसार सूर्य को सभी ग्रहों में मुख्य और सबसे ज्‍यादा ताकतवर माना जाता है, अगर सिंह राशि के जातकों की कुंडली में सूर्य ग्रह ऊंच्च की राशि या खुद की राशि में या फिर शुभ भाग्‍य में बैठा हो तो इन लोगों को अमीर बनने से दुनियां की भी कोई ताकत नहीं रोक सकती । ऐसे लोग समाज में यश, कीर्ति और प्रतिष्ठित नाम वाले होते हैं । इस राशि के जातकों कहीं से आकस्मिक अथाह धन प्राप्ति के योग बन रहे हैं ।
धनु राशि का स्‍वामी बृहस्‍पति होता है और ज्‍योतिष के अनुसार बृहस्‍पति ग्रह को सभी ग्रहों का गुरू माना जाता है, यदि धनु राशि के जातक की कुंडली में गुरू ग्रह ऊंच्च की राशि या खुद की राशि में या फिर शुभ भाग्‍य में बैठा हो तो इन लोगों का नाम भी अमीरों की सूचि में आता हैं । इस राशि के जातक इस समय जो भी काम करेंगे पूरे होकर रहेंगे।
कुंभ राशि का स्‍वामी शनि ग्रह होता है, ज्‍योतिष के अनुसार शनि देव को ग्रहों में न्‍यायाधीश की उपाधी प्राप्त है यदि कुंभ राशि के जातक की कुंडली में शनि ग्रह ऊंच्च की राशि या खुद की राशि में या फिर शुभ भाग्‍य में बैठा हो तो इन लोगों को भी अमीर बनने से दुनियां की कोई ताकत नहीं रोक सकती । इस राशि के जातक पीपल के पेड़ के नीचे 7 दिनों तक लगातार सरसों के तेल का दीपक जलायें, कुछ ही दिनों में महाकरोंड़पति बन सकते हैं आप ।

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