ईवीएम हैकिंग पर भाजपा ने दिया चौंकाने वाला बयान

नई दिल्लीः एक अमेरिकी कथित साइबर एक्सपर्ट द्वारा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के दावे को सिरे से खारिज करते हुए भाजपा ने कांग्रेस पर तंज कसा है। दरअसल, भाजपा ने आरोप लगाया कि लंदन में आयोजित हैकथॉन को कांग्रेस समर्पित लोगों ने आयोजित किया था और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल उसकी मॉनिटरिंग के लिए वहां गए थे। यह सब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की खुराफात है। भाजपा इसे कैम्ब्रिज एनालिटिका पार्ट-2 बताया। पार्टी ने इसे देश को बदनाम करने की साजिश करार दिया।
क्या है मामला?
एक अमेरिकी एक्सपर्ट सैयद सुजा ने सोमवार को दावा किया था कि 2014 के आम चुनाव में भी ईवीएम में गड़बड़ी की गई थी। भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कांग्रेस पर सिलसिलेवार निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कार्यक्रम को आयोजित करने वाले आशीष रे एक समर्पित कांग्रेसी हैं। उन्होंने कहा ‘पूरा आयोजन कांग्रेस द्वारा प्रायोजित था। इसका आयोजन कांग्रेस के करीबी और उनके लिए प्रचार करने वाले लोगों ने किया था।’ प्रसाद ने आरोप लगाया कि राहुल चुनाव हारने की वजह के लिए यह खुराफात करवा रहे हैं। उन्होंने कहा ‘ 2019 के चुनाव में कांग्रेस हारने का बहाना अभी से ढूंढ रही है। राहुल जी होमवर्क नहीं करते है, पूरी टीम भी होमवर्क नहीं करते हैं यह भी अब पता चल गया है। राहुल चुनाव हारने के लिए क्या-क्या खुराफात करेंगे।’
मॉनिटरिंग करने गए थे सिब्बल
प्रसाद ने एक स्थानीय कहावत कहते हुए कांग्रेस नेता सिब्बल की लंदन में मौजूदगी पर सवाल पूछा। उन्होंने कहा ‘वहां सिब्बल क्या कर रहे थे, भाजपा यह सवाल पूछना चाहती है। किस हैसियत से सिब्बल वहां थे। सिब्बल पूरे मामले की कांग्रेस की तरफ मॉनिटरिंग करने गए थे। वह ऐसा करते रहते हैं। राम जन्मभूमि पर क्या-क्या किया, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग लाने की कोशिश की बाद में अलग हो गए, हालांकि कभी कांग्रेस ने इससे खुद को अलग नहीं किया।
जहां कांग्रेस जीती वहां ईवीएम ठीक
भाजपा ने कहा कि जहां-जहां कांग्रेस जीती या फिर अन्य विपक्षी दल वहां ईवीएम ठीक थी लेकिन जहां बीजेपी जीती वहीं खराब थी। प्रसाद ने कहा कि ये अजीब तर्क है। उन्होंने कहा ‘लगभग 20 साल हो गए ईवीएम को देश में लागू हुए। इस दौरान 10 साल यूपीए सत्ता में रही, 2007 में मायावती यूपी में जीती, 2012 में अखिलेश यादव जीते, ममता बनर्जी बंगाल में दो-दो विधानसभा चुनाव जीतीं, लोकसभा में ममता को जीत मिली। जब उनको जीत मिली तो ईवीएम ठीक था। लेकिन उनके पक्ष में जहां परिणाम नहीं आने वाला था वहां ईवीएम खराब होने का बहाना बनाया जा रहा है। कहा गया कि 2014 में हैकिंग से मोदी जीते, 2014 में यूपीए सत्ता में थी, हम नहीं थे। सत्ता में जब एनडीए थी ही नहीं तो फिर हमारी हैसियत क्या थी कि हम हैकिंग कर लेते। यह सब देश को बदनाम करने के लिए कांग्रेस प्रायोजित साजिश है। यह देश के 90 करोड़ मतदाताओं का अपमान है।’

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