जेल में महिला बंदियों का यौन शोषण, प्रधानमंत्री को लिखा पत्र तो हुआ खुलासा

मुजफ्फरपुर : बालिका गृह यौन शोषण कांड मामले में एक बार फिर मुजफ्फरपुर शर्मसार हुआ है। लेकिन इस बार मामला मुजफ्फरपुर जेल से जुड़ा हुआ है। इस जेल में बंद एक महिला बंदी ने यौन शोषण का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं महिला बंदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भेजकर देश में सनसनी फैला दी है। वहीं दूसरी तरफ जेल महकमे में हड़कंप मच गया है। घटना शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा की है। महिला बंदी ने पत्र में कहा कि जेल में बंद महिला बंदियों को शारीरिक संबंध बनाने को मजबूर किया जाता है। महिला बंदी जेल सुपरिटेंडेंट पर आरोप लगाते हुए कहा कि अगर कोई महिला कैदी ऐसा करने से इनकार करती है तो उसका खाना बंद करने के साथ झूठे आरोप में मारपीट जैसा अत्याचार किया जाता है। पत्र में महिला बंदी ने जेल सुपरिटेंडेंट सहित जेल की तीन महिला सिपाहियों के नाम का जिक्र करते हुए कहा कि वे ही दबाव डालती हैं। चार मार्च को इसमें से ही एक महिला सिपाही ने उसकी बेटी को जेल के पदाधिकारी के साथ संबंध बनाने का दबाव डाला। विरोध करने पर उसकी बहुत पिटाई की गई।
जो महिला सहमत हो जाती है उसे मिलती है भरपूर सुविधा
इतना ही नहीं उसने ये भी खुलासा किया है कि अगर कोई महिला बंदी मजबूरीवश ऐसा करने से सहमत हो जाती है तो उसे मोबाइल फोन पर बात करने जैसी सुविधा दी जाती है। इन कामों में महिला सिपाही भी आरोपियों का भरपूर साथ देती है। इस महिला का आरोप है कि कुछ समय पहले एक महिला सिपाही ने जेल पदाधिकारियों के साथ संबंध बनाने को लेकर दबाव डाला जब उसने मना किया तो उसकी इतनी पिटाई की गई कि वह बेहोश हो गई। पत्र में महिला बंदी ने कहा कि जो महिला बंदी इस गंदे काम के लिए तैयार हो जाती हैं, उन्हें देर रात महिला खंड में आने की खुली छूट दे दी गई है। बाकी सभी कैदियों को शाम छह बजे ही अंदर कर दिया जाता है।
पत्र पाकर हरकत में आया प्रधानमंत्री कार्यालय
महिला बंदी के इस पत्र पर प्रधानमंत्री कार्यालय हरकत में आ गया है। सेक्शन पदाधिकारी जितेंद्र कुमार मंडल ने राज्य के मुख्य सचिव और डीएम से मामले की रिपोर्ट मांगी है। पीड़ित महिला ने तंग आकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतिश कुमार सहित महिला आयोग तक को भी पत्र लिखा है।
डीएम ने पांच सदस्यीय जांच टीम का किया गठन
शिकायत के आलोक में डीएम आलोक रंजन घोष ने पांच सदस्यीय जांच टीम का गठन किया है। टीम को एक सप्ताह में रिपोर्ट देने को कहा गया है। डीएम ने डीपीओ ललिता सिंह की अध्यक्षता में जांच टीम बनाई है। उनके अलावा टीम में मुशहरी ग्रामीण की सीडीपीओ मंजू कुमारी, महिला विकास निगम के जिला परियोजना प्रबंधक मो. गौस अली, वरीय उपसमाहर्ता प्रतिभा सिन्हा व महिला हेल्पलाइन की परामर्शी पूर्णिमा कुमारी शामिल हैं।

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