मोदी जीत के बयान पर फंसे कल्याण, नाराज चुनाव आयोग ने कार्रवाही करने को लेकर राष्ट्रपति को लिखा पत्र

नई दिल्ली : राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह के एक बयान को लेकर चुनाव आयोग बेहद सख्त हो गया है और इसकी शिकायत राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से भी कर दी गई है। चुनाव आयोग ने कल्याण सिंह के बयान को चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर इस मामले को संज्ञान लेने की बात कही है। मालूम हो कि कल्याण सिंह ने पिछले महीने 23 मार्च को अपने गृह जनपद अलीगढ़ का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने राजनीतिक बयान देते हुए कहा था ‘हम सभी लोग भाजपा के कार्यकर्ता हैं और इस नाते से हम जरूर चाहेंगे कि भाजपा विजयी हो। हम सब चाहेंगे एक बार फिर से केंद्र में मोदी प्रधानमंत्री बनें। मोदी का प्रधानमंत्री बनना देश और समाज के लिए आवश्यक है।’ वहीं दूसरी ओर कल्याण सिंह के इस बयान को लेकर राजनीतिक तेज हो गई है वहीं विपक्ष इसे आचार संहिता का लगातार उल्लंघन बता रहा था। बता दें कि कल्याण सिंह एक दौर में भाजपा के कद्दावर नेता रहे थे बयानबाजी के पीछे पुत्र मोह
दरअसल कल्याण सिंह के बेटे राजवीर सिंह उत्तर प्रदेश के एटा लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं। इसके अलावा अलीगढ़ सीट भी कल्याण सिंह के राजनीतिक प्रभाव वाली मानी जाती हैं। अलीगढ़ जिले की अतरौली विधानसभा सीट से विधायक और योगी सरकार में मंत्री हैं। ऐसे में कल्याण सिंह के बयान को राजनीतिक तौर पर देखा जा रहा है।
कल्याण सिंह इस्तीफ देना पड़ सकता है
गौरतलब हो कि गुलशेर अहमद मामले की तरह ही कल्याण सिंह के बयान को देखा जा रहा है। कल्याण सिंह से पहले 90 के दशक में राज्यपाल के द्वारा चुनावी आचार संहिता उल्लंघन का मामला सामने आया था, जिसके बाद राज्यपाल को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। ये मामला 1993 का है, जब हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल गुलशेर अहमद थे और उनके बेटे सईद अहमद मध्य प्रदेश के अमरपट्टन सीट से विधानसभा का चुनाव लड़ रहे थे। राज्यपाल गुलशेर अहमद अपने बेटे के चुनाव प्रचार के लिए अमरपट्टन सीट पहुंच गए थे। इसके बाद चुनाव आयोग ने राज्यपाल के इस कदम को लेकर नाराजगी जाहिर की थी, इसके बाद गुलशेर अहमद को इस्तीफा देना पड़ा था। ऐसे में यही वजह है कि चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति को संज्ञान लेने की बात कही है।
आचार संहिता उल्लंघन का मामला
चुनाव आयोग ने राज्यपाल कल्याण सिंह के बयान पर संज्ञान लेते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को सोमवार रात पत्र लिखा और पत्र में उनके बयान की शिकायत की गई। सोमवार देर शाम चुनाव आयोग की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की गई और बैठक के बाद राष्ट्रपति को इस संबंध में चिट्ठी भेजी गई।
क्या कहता है भारतीय संविधान
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के दिग्गज नेताओं में शुमार किए जाने वाले कल्याण सिंह प्रदेश में मुख्यमंत्री रहे हैं। फिलहाल कल्याण सिंह बतौर राज्यपाल एक संवैधानिक पद पर तैनात हैं और भारतीय संविधान के तहत संवैधानिक पद पर बैठा कोई भी व्यक्ति किसी भी एक राजनीतिक दल का समर्थन नहीं कर सकता है, उसे हमेशा निष्पक्ष रहना होता है।

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