विशेष राज्य दर्जा देने की मांग को लेकर नायडू और नीतीश ने खेला सियासी दांव

नईदिल्लीः टीडीपी प्रमुख और जनता दल अध्‍यक्ष का नीति आयोग की बैठक में चला गया विशेष राज्य की दर्जा का दाव बीजेपी के लिए झटका देने वाला माना जा रहा है। रविवार को नीति आयोग के गवर्निंग काउंसिल की दो दिवसीय बैठक के पहले ही दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जोरदार झटका देते हुए आन्‍ध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने राज्य विभाजन, राज्य को विशेष श्रेणी का दर्जा देने और पोलावरम परियोजना से संबंधित मुद्दों को उठाया। उन्होंने नोटबंदी और जीएसटी का मुद्दा भी नीति आयोग के सामने उठाया। नायडू के बाद बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी एन चंद्रबाबू नायडू का समर्थन किया बल्कि बिहार के लिए भी विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की। वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी नायडू की मांग का समर्थन किया है।
नीतीश-नायडू का सायासी तालमेल
पूरे देश में 2019 के लिए केंद्र की बीजेपी सरकार के खिलाफ एकजुट होती विपक्ष के सामने नीतीश का यह बयान एक नया विकल्प खोलता हुआ दिखाई दे रहा है। कांग्रेस पहले ही नीतीश को विपक्ष के ‘महागठबंधन’ में शामिल करने पर विचार कर रही है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता गोहिल ने कहा, ‘अभी नीतीश कुमार फासीवादी भाजपा के साथ हैं। हमें नहीं पता कि उनकी क्या मजबूरी है कि उनके साथ चले गए। दोनों का साथ बेमेल है। अगर कोई संभावना बनती है तो हम अपने सहयोगी दलों के साथ बैठकर इस पर जरूर चर्चा करेंगे।’ बता दें नायडू की पार्टी टीडीपी भी एनडीए का हिस्सा थी मगर विशेष राज्य के दर्जे की मांग पर वह इसी साल बीजेपी से अलग हो गई थी ऐसे में कांग्रेस का नीतीश को लेकर बयान और नीतीश का नायडू के मांग का समर्थन सायासी ‘तालमेल’ की ओर इशारा किया।
पहले भी कई बार उठा चुके है विशेष राज्य की मांग
नीतीश ने टीम इंडिया के सामने बैठक में विभिन्न मापदंडों, प्रति व्यक्ति आय, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा और मानव विकास इंडेक्स में बिहार को काफी नीचे बताते हुए कहा कि इन मापदंडों में सुधार के लिए बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वो पहले भी ऐसी मांग की है और फिर उसे दुहराते हैं। बता दें कि प्रधानमंत्री नीति आयोग के अध्यक्ष होते हैं और सभी राज्यों के मुख्यमंत्री इसके पदेन सदस्य होते हैं।
7 राज्यों के मुख्यमंत्री बैठक में नहीं की शिरकत
बैठक में दिल्ली, गोवा, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री शामिल नहीं हुए। बैठक को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह एक ऐसा मंच है जो ऐतिहासिक परिवर्तन ला सकता है। उन्होंने इसे टीम इंडिया भी कहा था।

ममता ने ट्वीट से प्रधानमंत्री से दिल्‍ली सरकार की समस्याओं का समाधान करने का किया अनुरोध

नीति आयोग गवर्निंग काउंसिल की बैठक के दौरान कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी, आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीट कर कहा कि मैंने आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और केरल के मुख्यमंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री से मिलकर दिल्ली सरकार की समस्याओं का तत्काल समाधान करने का अनुरोध किया।

विशेष राज्य दर्जा नहीं देने पर एनडीए से अलग हुआ था टीडीपी
मालूम हो कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की पार्टी टीडीपी ने इस साल की शुरुआत में ही राज्य को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग पर एनडीए से अलग हो गई थी। यहां तक कि उसके मंत्रियों ने मोदी सरकार से इस्तीफा दे दिया था। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी लंबे समय से राज्य को विशेष दर्जा देने की मांग करते रहे हैं। उन्होंने इसके लिए दिल्ली में रैली भी की थी। पीएम मोदी ने भी साल 2015 के विधानसभा चुनावों में राज्य को सवा लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज देने की घोषणा की थी लेकिन अभी तक वह मिल नहीं सका है। नीतीश द्वारा फिर से इस मुद्दे को नीति आयोग की बैठक में उठाने से मामला गरमा सकता है क्योंकि बिहार एनडीए में बीजेपी और जेडीयू के बीच रिश्ते सामान्य नहीं दिख रहे हैं। नीतीश की इस मांग से बीजेपी खेमे में बेचैनी है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद सी पी ठाकुर ने कहा है कि इस तरह सभी राज्यों को विशेष दर्जा नहीं दिया जा सकता है।

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