विंध्य क्षेत्र के लिए 5,555 करोड़ की पेयजल परियोजना का मोदी ने किया शिलान्यास

लखनऊ: जल जीवन मिशन के अन्तर्गत विंध्य क्षेत्र के मिर्जापुर एवं सोनभद्र जिलों में 5555.38 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाली 23 ग्रामीण पाइप पेयजल परियोजनाओं का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से किया। इस परियोजना के पूरा होने से दोनों जिलों के 2955 गांवों के करीब 42 लाख लोगों को शुद्ध पेयजल का लाभ मिलेगा। इस अवसर पर मोदी ने कहा कि विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र को हमारी सरकार ने जितनी प्राथमिकता दी उतनी पहले कभी नहीं दी गयी। सोनभद्र जिले के विकास खंड चतरा के ग्राम पंचायत करमांव में आयोजित मुख्य कार्यक्रम को मोदी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये संबोधित कर रहे थे। मोदी ने समारोह में शामिल महिला फूलपत्ती देवी से संवाद करते हुए उनसे कोरोना संक्रमण और जल की शुद्धता पर चर्चा की। मोदी ने कहा कि ग्राम पंचायतों को जल जीवन मिशन के तहत अधिकार संपन्न बनाया जा रहा है। गांवों में पानी के स्रोतों के संरक्षण से लेकर रखरखाव पर भी जोर है। मोदी ने बिना किसी राजनीतिक दल का नाम लिए विंध्य क्षेत्र की लगातार उपेक्षा का आरोप लगाया और भरोसा दिया कि विकास यात्रा में भागीदार की तरह सरकार आपके साथ है। उन्होंने कहा कि सरकार आपकी समस्या को समझती है और यह पेयजल योजना समय से पहले पूरी होगी। उन्होंने महिलाओं को पेयजल संरक्षण के प्रति जागरुक करते हुए कहा कि जब जीवन की सबसे बड़ी समस्या हल होने लगती है तो आत्मविश्वास झलकता है। उन्होंने सोनभद्र में आयोजित कार्यक्रम के उत्सवपूर्ण माहौल की ओर इशारा करते हुए कहा कि यह उत्साह और उमंग पानी के प्रति आपकी संवेदनशीलता को प्रदर्शित करता है। अब दिल्ली में बैठकर कोई योजना तय नहीं होती बल्कि किस क्षेत्र में कैसा घर बनना चाहिए और आदिवासी इलाकों को कैसी सुविधा की जरूरत है, उस हिसाब से योजना बनती है। आत्मनिर्भर गांव से आत्मनिर्भर भारत के अभियान को बल मिलता है। मोदी ने विंध्य क्षेत्र में जमीनों को लेकर होने वाले विवादों की चर्चा के साथ कहा कि सरकार इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए स्वामित्व योजना के तहत घर-जमीन के कानूनी दस्तावेज तैयार कर मालिक को सौंपने जा रही है। मोदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए बने फंड में 800 करोड़ रुपये एकत्र हो गये हैं और 6500 परियोजनाएं स्वीकृत की जा चुकी हैं।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार मिर्जापुर में नौ और सोनभद्र में 14 परियोजना शुरू करने जा रही है जिससे 41 लाख से ज्यादा ग्रामीणों को हर घर नल योजना की सौगात मिलेगी। आजादी के बाद से अब तक इस क्षेत्र में कुल 395 गांवों में पेयजल परियोजना थी लेकिन अब प्रधानमंत्री की वजह से 2995 गांवों में पेयजल परियोजना शुरू होने जा रही है। सरकार मिर्जापुर के 1606 गांवों में पाइप के जरिये पेय जल आपूर्ति शुरू करेगी। इस योजना से मिर्जापुर के 2187980 ग्रामीणों को सीधा फायदा होगा। सोनभद्र के 1389 गांवों को भी योजना से जोड़ने की शुरुआत होगी। इन गांवों के 1953458 परिवार पेय जल आपूर्ति योजना से जुड़ेंगे। सोनभद्र में इस योजना पर सरकार 32121 18 करोड़ रुपये खर्च करेगी। मिर्जापुर में बांध पर एकत्र किए गए पानी को शुद्ध करके पीने योग्य बना कर आपूर्ति की जाएगी। इस योजना की लागत 2343.20 करों रुपये तय की गई है। अगले दो साल के भीतर योजना को पूरा कर गाँवों में पानी की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।

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