रेलवे की नई सुविधा: आम आदमी को होगा बड़ा फायदा, जानिए इससे जुड़ी सभी बातें

नई दिल्लीः भारतीय रेलवे की पार्सल सेवाएं छोटी खेपों को स्टेशनों के विशाल नेटवर्क पर पहुंचाने के लिए तैयार हैं। छोटे व्यवसाय और व्यापारी (विशेष रूप से छोटे शहरों और कस्बों में) बड़े शहरों और उत्पादन केंद्रों से अपने माल इत्यादि को तेज, विश्वसनीय और सस्ते तरीके से अपने कारोबारी स्थान तक ढुलाई के लिए इन सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं। आम आदमी घरेलू सामान, फर्नीचर, दोपहिया वाहनों इत्यादि की ढुलाई के लिए भी इन सेवाओं का उपयोग करते हैं, जिसके लिए पार्सल सेवाएं ढुलाई का एकमात्र सुविधाजनक साधन हैं।
आप अपने पार्सल कहां बुक करा सकते हैं

पार्सल केवल उन स्टेशनों के लिए एवं उन स्टेशनों से ही बुक किया जा सकता है जो स्टेशन पार्सल यातायात के लिए खुले हैं। इस रेलवे के सभी प्रमुख स्टेशनों पर पार्सल यातायात की सुविधा उपलब्ध है। आप 9:00 बजे से 17:00 बजे तक स्टेशन के पार्सल कार्यालय में अपने पार्सल बुक करा सकते हैं।
कैसे बुक करें:-
अपना सामान ठीक से पैक करें। पैकेज पर अपना नाम, पता तथा प्रारंभ एवं गंतव्य स्टेशन के नाम लिखें। अपना सामान बुकिंग हेतु स्टेशन के पार्सल / सामान कार्यालय मे लायें। पार्सल / सामान कार्यालय मे अग्रेषण पत्र भर कर जमा करें। शुल्क का भुगतान कर रेल कर्मी से धन रसीद प्राप्त करें।

पार्सल कार्यालय मे पार्सल वे बिल प्रस्तुत करें। यदि कोई अतिरिक्त शुल्क हो तो जमा करें।
अपने सामान की जांच करें। अपना सामान प्राप्त करें।

जरूरी नियम
सभी पार्सल ठीक ढंग से सुरक्षित बॉक्स मे, मजबूत टोकरी मे या मजबूत कपड़ो आदि मे पैक किया जाना चाहिए ताकि रेलों पर परिवहन और संभालने मे कठिनाई ना हो।
पार्सल जो भेजे जाने के लिए तैयार है, उन पर भेजने वाले का नाम, पाने वाले का नाम एवं पूर्ण पता, प्रारंभिक स्टेशन का नाम, गंतव्य स्टेशन का नाम तथा रेलवे का नाम स्पष्ट रूप से अंग्रेजी एवं हिंदी मे पढ़ने योग्य लिखावट मे प्रत्येक पैकेज पर लिखा होना चाहिए ताकि सुपुर्दगी ना होने पर स्टेशन मास्टर द्वारा संपर्क किया जा सके।
जिन स्टेशनों मे एक से ज्यादा पार्सल कार्यालय या सुपुर्दगी कार्यालय हो उन स्टेशनों को बुक किया गए पैकेजों पर स्पष्ट रूप से मार्का होना चाहिए ताकि सुपुर्दगी मे कोई कठिनाई ना हो।
सभी पार्सल भार के आधार या माप के आधार जो भी अधिक हो पर प्रभारित किये जाते है। सभी पैकेजों को भेजने वाले व्यक्ति या उसके अधिकृत एजेंट की उपस्थिति मे ही तौल मशीन पर तौला जायेगा।
रेल रसीद पर अंकित पैकेजों की संख्या औए वजन प्रथम द्रष्टया सर्वमान्य होता है। जब तक भेजने वाला किसी पैकेज पर घोषित मूल्य पर प्रतिशत प्रभार जमा नहीं करता है तब तक रेलवे द्वारा उस पैकेज की क्षति, खो जाने पर या सुपुर्दगी नहीं होने पर क्षतिपूर्ति के तौर पर निम्न तरीके से दावे का निराकरण किया जायेगा।
100 रुपये प्रति किलोग्राम जो पैकेज सामान मे बुक किया गया हो। 50 रुपये प्रति किलोग्राम जो पैकेज पार्सल मे बुक किया गया हो।
पार्सलों की गलत घोषणा एक कानूनी जुर्म है। पार्सल की गलत घोषणा करने पर घोषणा करने वाले व्यक्ति को मजिस्ट्रेट द्वारा सजा देने का प्रावधान है। इसके अलावा सामान्य पार्सल दर के तहत प्रति पैकेज प्रति क्विंटल एवं उसके भाग पर 500 रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।
रेलवे की नई शुरुआत

शुल्क का निर्धारण सिर्फ वजन और मात्रा के आधार पर होता है, न कि वस्तु के प्रकार के आधार पर। पार्सल प्रबंधन प्रणाली के कम्प्यूटरीकरण को 84 स्थानों से चरण-II में अतिरिक्त 143 स्थानों और चरण-III में 523 स्थानों तक बढ़ाया जा रहा है। यह पार्सल प्रणाली में निम्नलिखित विशेषताओं को जोड़ेगा:
• www.parcel.indianrail.gov.in पर पार्सल प्रबंधन प्रणाली की सार्वजनिक वेबसाइट के लिए उन्नत उपयोगकर्ता अनुकूल इंटरफेस।
• पीएमएस में पार्सल जगह के लिए 120 दिनों की अग्रिम बुकिंग की सुविधा जोड़ी जा रही है।
• पीएमएस वेबसाइट पर ऑनलाइन ई-फॉरवर्डिंग नोट मॉड्यूल पर पार्सल के लिए खाली जगह की उपलब्धता दिखाना
• पंजीकृत ग्राहकों को अनुमानित किराए के साथ ऑनलाइन फॉरवर्डिंग नोट बनाने की सुविधा देना।
• कंप्यूटरीकृत काउंटर और खेप के वजन को ऑटोमेटिक रूप से दर्ज करने वाली इलेक्ट्रॉनिक कांटे के माध्यम से पार्सल कार्यालय में पार्सल/सामान की बुकिंग
• हाथ में लेने योग्य मोबाइल डिवाइस से बारकोड की स्कैनिंग के माध्यम से जीपीआरएस नेटवर्क ट्रांसमिशन के जरिए स्थिति के अपडेशन के लिए प्रत्येक खेप पर बारकोडिंग
• पार्सल बुकिंग से लेकर चढ़ाने, उतारने और पहुंचाने तक प्रत्येक चरण में ग्राहकों (प्रेषक और प्राप्त कर्ता) को बुकिंग के समय दिए गए पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस
• पार्सल वेबसाइट www.parcel.indianrail.gov.in के माध्यम से पैकेज की ट्रैकिंग o एंड्रॉयड प्लेटफॉर्म पर ग्राहकों के लिए मोबाइल एप्लिकेशन o पार्सल ट्रैफिक से निपटने के लिए गैर-पीएमएस स्टेशनों से लोडिंग/अनलोडिंग और राजस्व आंकड़ों को भेजने की सुविधा के लिए एंड्रॉइड आधारित नया एप्लिकेशन
• पंजीकृत समाचार पत्रों और पत्रिकाओं के लिए माल सूची की ऑनलाइन तैयारी के लिए एफएसएलए (फ्रेट सिस्टम लेजर अकाउंटिंग) मॉड्यूल।
• ऑनलाइन माल सूची की तैयारी और पट्टा धारकों के रजिस्ट्रेशन के लिए दीर्घकालिक/अल्पकालिक पार्सल पट्टा धारकों के लिए लीज मॉड्यूल।
• बुकिंग के समय जीएसटीएन पोर्टल के जरिए प्रेषक के ऑनलाइन जीएसटीएन का सत्यापन।
रेलवे बोर्ड के निर्देशों के अनुसार, पार्सल प्रबंधन प्रणाली के भविष्य में आधुनिकीकरण/सुधार के लिए, मेसर्स क्यूसीआई को प्रणाली के अध्ययन और ग्राहक की प्रतिक्रिया (फीडबैक) और इस क्षेत्र में नए रुझानों के आधार पर आगे अन्य सुझावों को देने के लिए जोड़ा गया है।

 

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