राजस्थान कांग्रेस पर छाए संकट के बादल, सचिन पायलट भाजपा नेताओं के संपर्क में

नई दिल्ली : राजस्थान की कांग्रेस सरकार पर संकट के बादल छाए नजर आ रहे हैं। राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। वहीं विधायकाें की खरीद-फराेख्त के आरोपों के बीच यहां रविवार को सियासी घटनाक्रम तेजी से बदलता दिख रहा है। जयपुर से लेकर दिल्ली तक बैठकों का दौर जारी है। डिप्टी सीएम सचिन पायलट समेत 12 कांग्रेस और 3 निर्दलीय विधायकाें के दिल्ली के अलावा हरियाणा के तावड़ू स्थित एक हाेटल में हाेने की जानकारी है। जानकारी के अनुसार, नाराज चल रहे कांग्रेसी विधायक पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने और अपनी बात रखने वाले हैं। इस दौरान ये खबर आ रही है कि सचिन भाजपा नेताओं के संपर्क में हैं। इतना ही नही उन्होंने 16 कांग्रेस और 3 निर्दलीय विधायकों के समर्थन का दावा भी किया है। दूसरी ओर भाजपा का कहना है कि पहले वह गहलोत सरकार गिराएं।
पायलट नोटिस मिलने से नाराज
बताया जा रहा है कि पायलट के नाराज होने की वजह विधायकों की खरीद-फरोख्त के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) का नोटिस है। इस मामले में उनसे पूछताछ की जाएगी। हालांकि, एसओजी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समेत अन्य मंत्रियों को भी नोटिस भेजा है। विधायकाें की खरीद-फराेख्त के मामले में राज्य सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एसओजी का गठन किया था, जिसके अनुसार, उसने अवैध हथियार और विस्फोटक सामग्री की तस्करी से जुड़े मामले में दो मोबाइल नंबर को निगरानी में रखा था, जिस पर हुई बातचीत में सामने आया है कि राज्यसभा चुनाव से पहले सरकार गिराने की साजिश रची गई थी। इसके अलावा विधायकों को 25-25 करोड़ रुपए देने की जानकारी भी सामने आई है। विधायकों को पैसा देने के मामले में एसीबी ने शनिवार को तीन निर्दलीय विधायकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की, जिसमें महुवा से ओमप्रकाश हुड़ला, अजमेर किशनगढ़ से सुरेश टांक और पाली मारवाड़ जंक्शन से निर्दलीय विधायक खुशवीर सिंह शामिल हैं।
मुख्यमंत्री विधायकों से कर रहे बात
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सुबह से ही अपने आवास पर कांग्रेस के विधायकों और मंत्रियों से मिल रहे हैं। सभी मंत्रियों और विधायकों से कहा गया है कि वे अपने क्षेत्र को छोड़कर जयपुर पहुंचे। राजस्थान के परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के अनुसार, ‘कैबिनेट मीटिंग में मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि किसी विधायक या मंत्री का फोन बंद आए या फिर वह नहीं मिले तो घबराएं नहीं, उससे संपर्क करें। सरकार को बचाने की जिम्मेदारी सब पर है।’
असली वजह पायलट और गहलोत की लड़ाई : ओम माथुर
गहलोत ने आज रात जयपुर में सभी मंत्रियों और विधायकों की बैठक बुलाई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद ओम माथुर ने बताया कि ‘कांग्रेस के बीच अक्सर कलह की खबरें आती रहती हैं। उन्होंने कहा, अशोक गहलोत तो इसका आरोप भाजपा पर डाल रहे हैं। उन्हें अपना घर देखना चाहिए। जब गहलोत सरकार का गठन हुआ था, तब से यह संकट चला आ रहा है। माथुर ने कहा कि पायलट और गहलोत की लड़ाई इसकी असली वजह है और गहलोत भाजपा को दोष देने की कोशिश कर रहे हैं।

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