राजकोट में कोविड-19 अस्पताल में लगी आग, 6 कोरोना मरीजों की मौत, 25 झुलसे

मोदी ने दुख व्यक्त किया, रूपाणी ने मुआवजा की घोषणा की, सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार से रिपोर्ट मांगी मांगी
अहमदाबाद/नयी दिल्ली: गुजरात के राजकोट शहर में गुरुवार को देर रात निर्दिष्ट कोविड-19 अस्पताल के आईसीयू में आग लगने से छह मरीजों की मौत हो गयी। दमकल विभाग के सूत्रों के अनुसार अस्पताल में कोरोना से संक्रमित जिन 25 अन्य मरीजों का इलाज चल रहा था, उन्हें सुरक्षित बचा लिया गया है और उन्हें दूसरे अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। आनंद बंगलो चौक स्थित चार मंजिला उदय शिवानंद अस्पताल में पहली मंजिल पर बने आईसीयू में बृहस्पतिवार देर रात करीब साढ़े 12 बजे आग लगी। उस समय वहां कुल 31 मरीज भर्ती थे। आग लगने से आईसीयू में भर्ती 11 मरीजों में से छह मरीजों की जान चली गई। आग के बाकी मंजिलों पर फैलने से पहले करीब आधे घंटे में ही काबू पा लिया गया। कोरोना वायरस से संक्रमित तीन मरीजों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य तीन ने उस समय दम तोड़ दिया जब उन्हें दूसरे अस्पताल ले जाया जा रहा था। हादसे में कोई और घायल नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि प्राथमिक जांच से प्रतीत होता है कि आग एक वेंटिलेटर में शॉट-सर्किट की वजह से लगी। निजी अस्पताल के पास एनओसी थी। साथ ही सभी अग्निशमन उपकरण अस्पताल में मौजूद थे। मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एके राकेश मामले की जांच करेंगे। हादसे में मारे गए मरीजों के नाम राम सिंह, नितिन बडानी, रसिका अग्रावत, संजय राठौड़ और केशु अकबरी शामिल हैं। मालूम हो कि अगस्त में अहमदाबाद के एक चार मंजिला निजी अस्पताल की सबसे ऊपर की मंजिल पर आग लगने से कोविड-19 से पीड़ित आठ मरीजों की मौत हो गई थी।
गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने घटना पर दुख प्रकट किया और इसकी जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने मृतकों के परिजन को चार-चार लाख रुपये बतौर मुआवजा देने की घोषणा भी की है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के राजकोट में एक कोविड अस्पताल में आग लगने के कारण लोगों के मारे जाने पर दुख व्यक्त किया है। मोदी ने एक टि्वट संदेश में कहा कि राजकोट में एक अस्पताल में आग लगने के कारण लोगों की जान जाने पर अत्यधिक दुखी हूं। इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में अपने प्रियजनों को खोने वालों के प्रति मेरी संवेदनाएं। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। प्रशासन हादसे से प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद पहुंचा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने लिया घटना पर संज्ञान: उच्चतम न्यायालय ने राजकोट में कोविड-19 अस्पताल में आग लगने की घटना पर संज्ञान लिया और इस मामले में गुजरात सरकार से रिपोर्ट मांगी। केन्द्र की ओर से पेश सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने उच्चतम न्यायालय के पीठ को आश्वस्त किया कि केन्द्रीय गृह सचिव शनिवार तक बैठक आयोजित करेंगे और देश भर के सरकारी अस्पतालों के लिए अग्नि सुरक्षा निर्देश जारी करेंगे। न्यायमूर्ति अशोक भूषण,न्यायमूर्ति आरएस रेड्डी और न्यायमूर्ति एमआर शाह के पीठ ने देश भर में संक्रमण के बढ़ते मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्यों को हालात का मुकाबला करना होगा और कोविड-19 महामारी के हालात से निपटने के लिए राजनीति से ऊपर उठना होगा। अब वक्त आ गया है जब देश में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए नीतियां, दिशा निर्देश और मानक संचालन प्रक्रियाओं को लागू करने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं। कोविड-19 की मौजूदा लहर पहले से अधिक कठोर प्रतीत हो रही है और वर्तमान में कोरोना वायरस संक्रमण के 77 प्रतिशत मामले 10 राज्यों से हैं। इस पर पीठ ने कहा कि हालात के निपटने के लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत है। अगली सुनवाई एक दिसंबर को होनी है।

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