योग्यता अनुसार नौकरी नहीं मिली तो 457 डॉक्टर और इंजीनियर बन गए चपरासी

अहमदाबादः युवाओं में सरकारी नौकरी के प्रति दीवानगी बढ़ने लगी है चाहे वह वर्ग-4 स्तर का  ही क्यों न हो। गुजरात में इन दिनों इससे संबंधित खबर खूब चर्चें में है। इसको लेकर युवा अपनी भिन्न-भिन्न प्रक्रिया दे रहे हैं। दरअसल, एक नियुक्ति प्रक्रिया में सात डॉक्टरों और करीब 450 इंजीनियरों ने अपने योगयता अनुसार नौकरी के बजाय चपरासी की नौकरी चुन ली है। अब इन्हें 30 हजार रुपये वेतन मिलेगा।

1149 पदों के लिए 1.60 लाख आवेदन
ये भर्तियां गुजरात उच्च न्यायालय और अधीनस्थ अदालतों में चपरासी सहित वर्ग-4 के कुल 1149 पदों को भरने के लिए निकाली गई थीं। इसके लिए कुल 1,59,278 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 44,958 स्नातक डिग्री धारक रहे। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 7 डॉक्टरों, 450 इंजीनियरों और 543 स्नातकों ने वर्ग-4 की नौकरी स्वीकार की है।

आवेदकों ने गिनाएं कारण
युवाओं का कहना है कि ‘ये सरकारी नौकरी है। दूसरी बात ये कि इसमें ट्रांसफर का कोई झमेला भी नहीं है।’ जो अभ्यर्थी जज बनने के समकक्ष योग्यता रखते हैं, उन्होंने भी वर्ग-4 की नौकरी के लिए आवेदन किया। इनका कहना है कि ‘इतनी पढ़ाई करने के बाद भी हमारे लायक नौकरी नहीं थी। आखिरकार हम चपरासी बनने के लिए भी तैयार हैं।’

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