मोबाइल के हुए 25 साल, भारत में राइटर्स से दिल्ली हुई थी पहली मोबाइल कॉल

फोन कभी थी वीवीआईपी की शानो शौकत, आज घर-घर की जरूरत
सन्मार्ग संवाददाता, कोलकाताः मोबाइल फोन की दास्तां बिना बंगाल के अधूरी है। सबसे खास बात है कि पहली मोबाइल कॉल राइटर्स बिल्डिंग से तत्कालीन मुख्यमंत्री ज्योति बसु ने की थी। उन्होंने यह फोन दिल्ली में तत्कालीन केंद्रीय दूरसंचार मंत्री रहे सुखराम को किया था। तब से लेकर आज तक फोन की कहानी काफी बदली है। भारत में फोन को आए अब 25 साल हो चुके हैं। 31 जुलाई 1995 को पहली बार मोबाइल फोन भारतीय बाजार में पहुंचा। किसी समय मोबाइल फोन वीवीआईपी लोगों की शानो शौकत समझी जाती थी। आज यह घर-घर की जरूरत बन चुकी है।
किसी समय प्रति मिनट 25 रुपये कॉल
देश में मोबाइल कॉल रेट काफी महंगे थे। एक आउटगोइंग कॉल के लिए 16.80 रुपए प्रति मिनट व कॉल सुनने के लिए (इनकमिंग) 8.40 रुपए प्रति मिनट लगता था। एक कॉल पर 24 से 25 रुपए प्रति मिनट का खर्च लोगों का पड़ता था। आज चीन के बाद भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा टेलिकॉम मार्केट है। देश में लगभग 44.8 करोड़ मोबाइल फोन इंटरनेट यूजर्स हैं, और काफी हद तक इसका श्रेय मुकेश अंबानी को जाता है, जिन्होंने जियो के साथ देश में फ्री कॉलिंग और इंटरनेट कल्चर की शुरुआत की। आज स्मार्टफोन लोगों की जरूरत सा बना चुका है।

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