मोदी मालदीव के लिए रवाना, राष्ट्रपति सोलिह देंगे सर्वोच्च सम्मान निशान इज्जुद्दीन

तिरुवनंतपुरम: दूसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी अपनी पहली विदेश यात्रा पर मालदीव के लिए रवाना हो चुके हैं। मोदी यहां मालदीव के राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे। इसके बाद कल यानि रविवार को प्रधानमंत्री मोदी श्रीलंका जाएंगे। मोदी के मालदीव रवाना होने के बीच ही मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशान इज्जुद्दीन देने का ऐलान किया है। यह विदेशी प्रतिनिधियों को दिया जाने वाला मालदीव का सबसे बड़ा सम्मान है।

बता दें कि मोदी की इस यात्रा से पाकिस्तान और चीन की हवाईयां उड़ी हुई हैं। क्योंकि मालदीव एक मुस्लिम देश है और मोदी की तरफ मुस्लिम देशों का यूं झूकाव होना चीन और पाक के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। यह मोदी की दूसरी मालदीव यात्रा है। पहली बार 2018 में राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह के शपथ ग्रहण समारोह में मोदी वहां पहुंचे थे।

चीन -पाक का वर्चस्व होगा कम

चीन और पाकिस्तान दक्षिण एशिया में साथ मिलकर भारत को घेरने की जुगत भिड़ा रहे हैं। चीन अपने वन बेल्ट-वन रोड प्रोजेक्ट मालदीव के मारू और श्रीलंका के हंबनटोटा बंदरगाह से शुरू करने की तैयारी में लगा है। इसलिए यह भारत के डिफेंस और स्ट्रैटजी के लिए बहुत जरूरी है कि मालदीव को भारत अपनी तरफ करे। चीन अगर मालदीव में कोई निर्माण कार्य करता है तो ये भारत के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।

नई रणनीति तैयार करना चाहता है भारत

मालदीव से लक्षद्वीप की दूरी महज 1200 किलोमीटर है। ऐसे में मोदी नहीं चाहते कि चीन मालदीव का इस्तेमाल करके भारत की सीमाओं की घेराबंदी करे। भारत मालदीव के साथ मिलकर हिंद महासागर में नई रणनीति तैयार करना चाहता है। जिससे चीन वहां कमजोर पड़ सके और भारत को मजबूती मिले। वहीं चीन मालदीव को आर्थिक मदद के नाम पर कर्ज में डुबा रहा है, अगर ऐसे समय में भारत उनकी सहायता के लिए आगे आएगा तो इससे हमारा ही फायदा होगा।

सुरक्षा के मद्देनजर बेहद अहम यात्रा

चीन मामलों के जानकारों का कहना है कि पिछले कुछ सालों से चीन लगातार मालदीव में अपना निवेश बढ़ा रहा है। साथ ही चीन ने मालदीव के फेधू फिनोलू द्वीप को 4 लाख डॉलर देकर 50 साल के लिए लीज पर लिया है। भारतीय सुरक्षा विश्लेशकों के मुताबिक अगर इस द्वीप पर चीन अपना रडार स्टेशन बनाता है तो इससे वह भारत के पश्चिमी तट को कवर कर लेगा। जिससे भारत के लिए सुरक्षा का खतरा बढ़ सकता है। वहीं दूसरी तरफ चीन के अलावा मालदीव में कट्टरपंथ भी बढ़ रहा है। पिछले दिनों वहां के 200 से ज्यादा नागरिक हाल ही में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट में शामिल हुए हैं, जो कुल जनसंख्या के प्रतिशत के हिसाब से दुनिया में सबसे ज्यादा है। भारत नहीं चाहेगा कि उसका पड़ोसी देश मालदीव आईएस के आतंकियों के लिए नया ठिकाना बने।

शेयर करें

मुख्य समाचार

बेकाबू होता जा रहा है डेंगू, और 2 की मौत

अब तक 19 मरे, साढ़े 11 हजार लोग पीड़ित सन्मार्ग संवादाता कोलकाता : डेंगू का कहर दिन ब दिन बेकाबू होता जा रहा है। रविवार को डेंगू आगे पढ़ें »

mamata banerjee

आज केन्द्र सरकार के प्रतिष्ठानों के कर्मियों को सम्बोधित करेंगी ममता

सन्मार्ग संवाददाता कोलकाता : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज सोमवार को नेताजी इंडोर स्टेडियम में केंद्र सरकार के प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों के प्रतिनिधियों को सम्बोधित करेंगी। इन आगे पढ़ें »

ऊपर