मेरी पार्टी खत्मः जन्मदिन से एक दिन पहले मरने वाले शख्स ने अपने लिए लिखा शोक संदेश!

– एज्जी के उमामहेश ने 71 साल की उम्र में तोड़ा दम
– बिना किसी धर्म वाले शख्स के तौर पर बनाई अपनी पहचान
– मरने से पहले ही लिखा शोक संदेश, बोले मरने के बाद कराएं प्रकाशित
चेन्नईः ऐसे शायद पहली बार हुआ है कि किसी ने अपनी शोक संदेश स्वंय लिखा हो और उसके संदेश को पढ़ने के बाद सभी के आंखों से आंसू छलकने लगा ‌हो। आज हम बात कर रहे हैं तमिलनाडु के व्यवसायी एज्जी के उमामहेश की। उमामहेश जीवन भर अपनी शर्तों पर जीते रहे। उन्होंने अपनी पहचान बिना किसी धर्म वाले नागरिक के तौर पर दी। मरने के बाद उन्होंने अपने अंग दान कर दिए ताकि किसी और को ट्रांसप्लांट किए जा सकें। बाकी शरीर मेडिकल फील्ड को दान दे दिया, जिससे रिसर्च की जा सके। शुक्रवार को वह 72 साल के हो जाते लेकिन एक दिन पहले ही उनकी मौत हो गई। इतना ही नहीं, मरने से पहले उमामहेश ने अपना शोक संदेश भी खुद लिखा। इस शोक संदेश को पढ़कर हर किसी ने रो दिया। ऐसा आपने नहीं सुना होगा कि किसी व्यक्ति ने अपना शोक संदेश खुद लिखा हो।
अपनी आपबीती लिखी
एज्जी अच्छे से जानते थे कि एक दिन हर किसी की तरह उन्हें भी मरना है। वह अपने मरने के बाद प्यार, उम्मीद और सद्भावना का संदेश छोड़कर जाना चाहते थे, इसलिए उन्होंने अपनी आपबीती लिखी और उसे अपने निकट के लोगों को सौंप दिया ताकि उनके मरने के बाद वह संदेश प्रकाशित किया जा सके।
शोक संदेश में लिखा…
शोक संदेश में उन्होंने अपने दोस्तों, दुश्मनों और संपर्क में आए हर किसी के लिए लिखा, ‘मेरे रोमांचक जीवन का हिस्सा बनने के लिए शुक्रिया। मेरी पार्टी खत्म हो गई है और मुझे आशा है कि जो लोग मेरे पीछे छूट गए हैं, वे ज्यादा नशे में नहीं होंगे। समय सबके लिए चल रहा है। अच्छी तरह से जिएं, अपने जीवन का आनंद लें और पार्टी जारी रखें। जैसा कि जॉन लेनन ने कहा है, ‘आपका जीवन यथार्थ हो रहा होता है जब आप अन्य योजनाएं बना रहे होते हैं। चीयर्स और हमेशा के लिए अलविदा…और कृपया, जिएं, सिर्फ उपस्थिति के लिए नहीं- एज्जी।’
खुद को बताया विटेंज वाहन
एज्जी ने इस संदेश के अलावा अपने सोशल मीडिया अकाउंट में भी एक संदेश शेयर किया था। इस संदेश में उन्होंने खुद की तुलना एक विंटेज ऑटोमोबाइल से की। उन्होंने लिखा, ‘मुझे आपको बताते हुए खेद हो रहा है कि मेरी विंटेज गाड़ी को बहाल किया जाना था। दुनिया की सबसे अच्छी मशीनों, क्राफ्ट, आधुनिक टूल्स और अनुभवियों के बावजूद दुर्भाग्य से इसे ठीक नहीं किया जा सका। सौभाग्य से कुछ पार्ट्स खराब होने से बच गए। मेरी विंटेज के ये पार्ट्स दूसरी गाड़ियों में लगा दिए जाएं ताकि उनकी मशीनरी ठीक से काम कर सके।’
मरने से पहले ही पूरी कर लीं सारी कागजी कार्रवाई
एज्जी के बचने के 10 फीसदी चांस थे। इसके बावजूद उनकी 12 घंटे तक हार्ट सर्जरी की गई। यह हार्ट की सर्जरी का तीसरा चरण था। भर्ती होने से पहले उन्होंने अपने सारे पेपर वर्क पूरे किए और अपनी अंतिम इच्छाओं की एक सूची बनाई। उन्होंने डॉक्टर से अंगदान की बात कही और अपने परिवार, दोस्तों और रिश्तेदारों से स्वंय लिखे गए शोक संदेश को छपवाने को कहा। एज्जी की बेटी सारिका ने कहा कि भर्ती होने से पहले उनके पिता ने कहा था कि वह लाइफ सपॉर्ट सिस्टम पर नहीं जीना चाहते। वह मरने से पहले परिवार से अपनी मौत को लेकर चर्चा करते थे। शुक्रवार को वह 72 साल के हो जाते लेकिन एक दिन पहले ही उनकी मौत हो गई। वे अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ कर गए हैं। उनकी तीन बेटियां सरिका, रसिका और पत्नी श्यामला हैं।

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