महाराष्ट्र विस से विपक्ष का बहिर्गमन

नागपुर/नासिकः दूध की मूल्यवृद्धि को लेकर आंदोलन कर रहे किसान संगठनों के समर्थन में सोमवार को विपक्ष ने इस मुद्दे पर महाराष्ट्र विधानसभा में शोर-शराबा कर सदन से बहिर्गमन किया। सरकार पर किसान विरोधी होने और किसानों के दुःख-दर्द के प्रति उदासीन होने का आरोप लगाया।
सरकार ने पलटवार किया कि ये तो सांसद राजू शेट्टी की अगुवाई वाले किसान संगठन हैं जो किसान विरोधी हैं। उसने दावा किया कि ये किसान नहीं बल्कि उनका प्रतिनिधित्व करने वाले फेडरेशन हैं जिन्होंने दूध की आपूर्ति बंद कर दी है, फलस्वरूप किसानों का नुकसान हो रहा है।
विपक्षी कांग्रेस और राकांपा सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस पर अध्यक्ष हरीभाऊ बागड़े ने कहा कि वह मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस से इन मुद्दों पर चर्चा के लिए मंगलवार को बैठक बुलाने के लिए कहेंगे। इस घोषणा से असंतुष्ट विपक्षी सदस्य सदन से वाकआउट कर गये।

डेयरी संघों से दूध की आपूर्ति नियमित रखने की अपील 
नासिक प्रशासन ने डेयरी संघों से मुंबई जैसे शहरों में दूध की आपूर्ति जारी रखने को कहा। साथ ही, इन काफिलों को पुलिस सुरक्षा का भरोसा भी दिलाया।
डेयरी सहकारी संघों के साथ बैठक के बाद नासिक के कलेक्टर राधाकृष्णन बी ने संवाददाताओं से कहा कि सोमवार की सुबह दूध के 15 ट्रकों को पुलिस सुरक्षा में मुंबई रवाना किया गया। कई किसान संगठनों ने दूध का मूल्य 5 रुपये प्रति लीटर बढ़ाने और प्रति लीटर इतनी ही राशि की सब्सिडी की मांग करते हुए राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू किया। आंदोलनकारी संगठनों ने कई स्थानों पर दूध के ट्रकों को रोक कर उस पर रखा दूध सड़कों पर बहा दिया।
उन्होंने कहा कि यदि डेयरी संघ दूध बाहर ले जाने में किसी समस्या का सामना करते हैं तो उन्हें इस बारे में पुलिस और जिला प्रशासन को सूचना देनी चाहिए। इन संघों को दूध आपूर्ति की समय सारिणी देने को कहा ताकि पुलिस सुरक्षा मुहैया करायी जा सके। इस वक्त नासिक से मुंबई तक दूध की आपूर्ति नियमित है।

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