मतदान केंद्र पर चुनाव अधिकारी को आया हार्ट अटैक, सीआरपीएफ जवान ने सूझबूझ से बचाई जान

श्रीनगरः लोकसभा चुनाव के दौरान जहां प्रत्याशी एक दूसरे पर हमलावर हो रहे है। सुरक्षाबलों का लगातार इस्तेमाल चुनावी प्रचार करने में लगे है। वहीं दूसरी तरफ सीआरपीएफ का एक जवान चुनाव ड्यूटी पर तैनात एक कश्‍मीरी मतदान अधिकारी के लिए देवदूत साबित हुआ।

दरअसल, मतदान के दौरान चुनाव अधिकारी को हार्ट अटैक आ गया। इसी दौरान एक सीआरपीएफ जवान ने अर्द्धसैनिक बलों के एक डॉक्‍टर से फोन पर बात की और उनसे मदद मांगी। डॉक्‍टर तुरंत समझ गए कि यह दिल का दौरा था। इस पर डॉक्‍टर ने जवान को निर्देश दिया कि वह चुनाव अधिकारी को सीपीआर और अपने मुंह से उनके मुंह में सांस दें । अधिकारी सीपीआर देकर अपने सूझबूझ से एक कश्मीरी चुनाव अधिकारी की जान बचाई।

बसपोरा में मतदान केंन्द्र पर तैनात थे सुरिंदर

28 बटालियन ई कंपनी के कांस्टेबल सुरिंदर कुमार का कहना है कि वह सुबह 9 बजे के करीब सरकारी स्कूल बसपोरा में मतदान केंद्र पर तैनात थे। वहां उन्‍होंने देखा कि मतदान केंद्र के पोलिंग अधिकारी अहसान-उल-हक का स्वास्थ्य ठीक नहीं है। तो जवान ने उन्‍हें फर्स्ट ऐड (प्राथमिक उपचार) दिया, लेकिन एक मिनट के भीतर वह बेहोश हो गए।

40 मिनट तक देता रहा मुंह से उनके मुंह में सांस

जवान ने अधिकारी काे बेहोश होते देख तुरंत कांस्टेबल सुरिंदर ने अपने डॉक्टर को फोन किया और उनसे मदद मांगी। पूरी बात सुनकर डॉक्टर तुरंत समझ गए कि यह दिल का दौरा था। इस पर डॉक्‍टर ने जवान को निर्देश दिया कि वह चुनाव अधिकारी को सीपीआर और अपने मुंह से उनके मुंह में सांस दें। जवान यह प्रक्रिया अगले 40 मिनट तक करता रहा। इसके बाद एम्बु‍लेंस से उन्‍हें अस्‍पताल ले जाया गया। इससे उनकी जान बच गई।

कांस्टेबल सुरिंदर कुमार बताया कि दोपहर में इस मतदान अधिकारी के परिजन उससे मिलने आए और उसका शुक्रिया अदा किया। कांस्टेबल सुरिंदर कुमार कहते हैं कि किसी की जान बचाना सबसे बड़ी मानवता है।

क्या होता है सीपीआर

सीपीआर की फुल फॉर्म “कार्डियो पल्मोनरी रिससिटैशन” होता है। सीपीआर एक आपातकालीन स्थिति में प्रयोग की जाने वाली प्रक्रिया है जो किसी व्यक्ति की धड़कन या सांस रुक जाने पर प्रयोग की जाती है।


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