भारत- चीन वार्ता के दौरान पूर्वी लद्दाख में टकराव वाले स्थानों से पीछे हटने पर बनी सहमति : सूत्र

नयी दिल्ली : भारत और चीन के शीर्ष सैन्य कमांडरों के बीच सोमवार को हुई बैठक के दौरान दोनों देशों की सेनाओं के बीच पूर्वी लद्दाख में टकराव वाले स्थानों से हटने पर सहमति बनी है।
आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।उन्होंने बताया कि यह बातचीत, ‘सौहार्दपूर्ण, सकारात्मक और रचनात्मक माहौल’ में हुई और यह निर्णय लिया गया कि दोनों पक्ष पूर्वी लद्दाख में टकराव वाले सभी स्थानों से हटने के तौर तरीकों को अमल में लाएंगे।भारत और चीनी सेना के बीच पिछले हफ्ते गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद तनाव कम करने के उद्देश्य से सोमवार को 14वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह और तिब्बत सैन्य जिला कमांडर मेजर जनरल ल्यू लिन के बीच करीब 11घंटे तक बातचीत हुई। सूत्र ने बताया,‘ टकराव से पीछे हटने पर आपसी सहमति बनी है। पूर्वी लद्दाख में टकराव वाले सभी स्थानों से हटने के तौर तरीकों पर चर्चा की गई और दोनों पक्ष द्वारा इन्हें अमल में लाया जाएगा।’

सोमवार को हुई थी बैठक

भारत और चीनी सेना के बीच पिछले हफ्ते गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद तनाव कम करने के उद्देश्य से सोमवार को दोनों देशों की सेनाओं के बीच लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की दूसरे दौर की वार्ता हुई थी। देश के शीर्ष सैन्य नेतृत्व ने पूर्वी लद्दाख में स्थिति की विस्तृत समीक्षा की।
गलवान घाटी में पिछले हफ्ते हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैन्यकर्मी शहीद हो गए थे।
पूर्वी लद्दाख में चुशुल सेक्टर के चीनी हिस्से में स्थित मोल्दो में सुबह करीब 11:30 बजे बैठक शुरू हुई और रात तक जारी रही।

छह जून को हुई थी पहली बैठक

इस घटनाक्रम से जुड़े लोगों ने बताया कि वार्ता में पूर्वी लद्दाख से सैनिकों के हटाने के लिए तौर-तरीकों को अंतिम रूप देने पर ध्यान केंद्रित किया गया।दोनों पक्षों के बीच उसी जगह पर छह जून को लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की पहले दौर की बातचीत हुई थी, जिसके दौरान दोनों पक्षों ने गतिरोध दूर करने के लिए एक समझौते को अंतिम रूप दिया था।हालांकि, 15 जून को हुई हिंसक झड़पों के बाद सीमा पर स्थिति बिगड़ गई, क्योंकि दोनों पक्षों ने 3,500-किलोमीटर की वास्तविक सीमा के पास अधिकांश क्षेत्रों में अपनी सैन्य तैनाती को काफी तेज कर दिया।

बीते 45 सालों के दौरान सीमा पर हुआ सबसे गंभीर टकराव

मोल्दो में हुई बातचीत में भारतीय पक्ष का नेतृत्व 14वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह ने किया जबकि चीनी पक्ष का नेतृत्व तिब्बत मिलिट्री डिस्ट्रिक्ट के कमांडर ने किया।यह बैठक गलवान घाटी में 15 जून को हुए संघर्ष के बाद दोनों पक्षों में बढ़े तनाव की पृष्ठभूमि में हुई है। यह बीते 45 सालों के दौरान सीमा पर हुआ सबसे गंभीर टकराव था।गलवान में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत की तरफ चीन द्वारा निगरानी चौकी बनाए जाने का विरोध करने पर चीनी सैनिकों ने पत्थरों, कील लगे डंडों, लोहे की छड़ों आदि से भारतीय सैनिकों पर हमला किया था।

शेयर करें

मुख्य समाचार

दो बार के ओलंपिक चैम्पियन लिन डैन ने अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन को अलविदा कहा

बीजिंग : बैडमिंटन के इतिहास में महानतम खिलाड़ियों में शुमार दो बार के ओलंपिक चैम्पियन चीन के लिन डैन ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन को आगे पढ़ें »

प्रधानमंत्री ने युवाओं की दी देशी ऐप बनाने की चुनौती, मिलेगा इतने लाख रुपये इनाम

नयी दिल्ली : चीन के साथ सीमा पर चल रहे तनाव और चीन की 59 मोबाइल ऐप पर प्रतिबंध लगाये जाने के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र आगे पढ़ें »

ऊपर