राम मंदिर : धर्म संसद में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के भाषण के दौरान जमकर नारेबाजी

प्रयागराज : प्रयागराज के कुंभनगरी में शुक्रवार को उस समय हंगामेदार स्‍थिति उत्‍पन्‍न हो गयी जब जब विश्‍व हिंदू परिषद की ओर से कुंभ मेला क्षेत्र में आयोजित धर्म संसद में राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ के सरसंचालक मोहन भागवत अपना भाषण दे रहे थे। सभा में उपस्‍थित लोगों ने इस दौरान राम मंदिर की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। ये लोग अयोध्‍या में राम मंदिर बनाए जाने की मांग कर रहे थे। आयोजकों के समझाने के बावजूद इन लोगों ने काफी देर तक नारेबाजी जारी रखी। उल्‍लेखनीय है कि प्रयागराज में चल रहे कुंभ में राम मंदिर निर्माण का मुद्दा छाया हुआ है। इन सबके बीच गुरुवार को विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) की धर्म संसद का पहला दिन था। धर्म संसद के दूसरे दिन विश्व हिंदू परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा, ‘यह आंदोलन राजनीतिक न बने, यह भी देखना होगा। राम मंदिर उसी जमीन पर बनेगा और उन्हीं शिलाओं से जो पूजित हैं।’ उन्होंने यह भी कहा, ’15 दिन में ही सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दे दी।’ इससे पहले वीएचपी के उपाध्यक्ष जीवेश्वर मिश्र ने केंद्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर के लिए अधिग्रहीत भूमि राम जन्मभूमि न्यास को लौटाने के लिए दी गई अर्जी को राम मंदिर निर्माण के लिए पहला कदम बताया था। उन्होंने कहा कि इससे आंदोलन को गति मिलेगी, लेकिन हमें तो 67 एकड़ भूमि चाहिए। इसमें 2.7 एकड़ भूमि भी शामिल है, जिस पर रामलला विराजमान हैं। परमधर्म संसद की अगुआई कर रहे शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने गुरुवार को कहा था, ‘हम अयोध्या में 21 फरवरी 2019 को राम मंदिर की नींव रखेंगे। हम कोर्ट के किसी भी आदेश का उल्लंघन नहीं कर रहे हैं। जब तक सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट के आदेश को खारिज नहीं कर देता, तब तक यह लागू है। वहां रामलला विराजमान हैं, वह जन्मभूमि है।’

शेयर करें

मुख्य समाचार

भाजपा कार्यालय के पास से गुजरते वक्त लाठी-डण्डा साथ रखें : तेज प्रताप

पटना : बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान के साथ ही राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ट्वीट आगे पढ़ें »

भारत ने पाकिस्तान काे कड़े शब्दों में चेतावनी दी, कहा – ‘पीओके खाली करो’

न्यूयार्क: भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) को एकमात्र शेष विवाद करार देते हुए तल्ख भरे स्वर में पड़ोसी देश से कहा कि आगे पढ़ें »

ऊपर