बंगाल में 1000 विचाराधीन कैदियों को जमानत पर छोड़ा गया

कोलकाता : कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर उच्चतम न्यायालय द्वारा दिए गए आदेश के अनुपालन में पश्चिम बंगाल के विभिन्न सुधार गृहों से कम से कम 1000 विचाराधीन कैदियों को अंतरिम जमानत पर रिहा किया गया। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव दुर्गा खेतान ने बताया कि कैदियों को जमानत देने का काम 23 मार्च को शुरू किया गया था।
इसके लिए किया गया था टीम का गठन
शीर्ष अदालत के निर्देश पर कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सुधार गृहों की स्थिति का निरीक्षण करने और कितने कैदियों को जमानत या पैरोल दी जा सकती है इसका पता लगाने के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया था। इस समिति के अध्यक्ष कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता हैं, जो राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष भी हैं। वहीं अन्य दो सदस्य महानिदेशक (जेल) और गृह विभाग के प्रधान सचिव हैं।

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