पर्यावरण के मामले में ‘असाधारण रूप से दूरदर्शी’ थीं इंदिरा गांधी : जयराम रमेश

इंदिरा गांधी

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने शुक्रवार को कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ‘असाधारण रूप से एक दूरदर्शी’ थीं, जिन्होंने 1970 के दशक में जलवायु परिवर्तन और वनों की कटाई के बारे में बात की, जिस समय यह फैशन में नहीं था।
जयराम रमेश ने अपनी पुस्तक ‘इन्टर्टवाइंड लाइव्स : पी एन हक्सर एंड इंदिरा गांधी’ पर एक चर्चा में कहा कि इंदिरा गांधी एक जन्मजात पारिस्थितिकीविद् थीं और वह देश की पहली और आखिरी प्रधानमंत्री बनीं, जिसने शासन के मामले में पारिस्थितिकी को गंभीरता से लिया। हक्सर सन् 1967 से सन् 1973 तक गांधी के प्रधान सचिव और नजदीकी सहयोगी थे। जयराम रमेश ने इस विषय को लेकर इंदिरा गांधी की प्रतिबद्धता का एक उदाहरण देते हुए कहा कि जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित 90 राष्ट्र प्रमुखों ने सन् 2015 में पेरिस में आयोजित संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में हिस्सा लिया, वहीं इंदिरा गांधी ने सन् 1972 में आयोजित मानव पर्यावरण पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन में हिस्सा लिया था। राज्यसभा सांसद ने कहा, ‘एक पर्यावरण मंत्री के तौर पर मैं इंदिरा गांधी द्वारा पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी संतुलन बनाये रखने से बहुत प्रभावित था और आज हमारे पास पर्यावरण के लिए जो कानून हैं, जैसे वायु प्रदूषण नियंत्रण कानून, वन्यजीव संरक्षण कानून, जल प्रदूषण नियंत्रण कानून और वन संरक्षण कानून, ये सब उनके समय बने थे।’

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