नेताजी ने हिंदू महासभा की विभाजनकारी राजनीति का विरोध किया था : ममता

netaji

दार्जिलिंग : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने हिंदू महासभा की विभाजनकारी राजनीति का विरोध किया था। वह धर्मनिरपेक्ष तथा एकजुट भारत की खातिर लड़े थे। उनके इस विचार को आगे ले जाने की जिम्मेदारी उन्हीं पर है, जो धर्मनिरपेक्षता का समर्थन करते हैं। उन्होंने नेताजी की जयंती को राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की मांग की। ममता ने कहा कि बोस ने अपने संघर्ष के जरिए यह संदेश भेजा कि सभी धर्मों का सम्मान किया जाना चाहिए और एकजुट भारत के लिए लड़ना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

हमे पता नहीं, नेताजी के साथ क्या हुआ था
मुख्यमंत्री ने केंद्र पर आरोप लगाते हुए कहा कि नेताजी के लापता होने के रहस्य से पर्दा उठाने के लिए सरकार गंभीर नहीं है। ममता ने कहा कि ‘उन्होंने (केंद्र) केवल कुछ ही गोपनीय फाइलों को सार्वजनिक किया है। वास्तविकता में क्या हुआ था, यह पता लगाने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए। यह शर्मिंदगी की बात है कि 70 वर्षों से भी अधिक समय बीतने के बावजूद हम यह नहीं जान पाए हैं कि नेताजी के साथ क्या हुआ था।’

शेयर करें

मुख्य समाचार

एशियाई कुश्ती चैम्पियनशिप में भारतीय महिला पहलवानों का दबदबा, तीन स्वर्ण झटके

नयी दिल्ली : दिव्या काकरान, सरिता मोर और पिंकी ने गुरूवार को यहां अपने वजन वर्गों में स्वर्ण पदक अपने नाम किये जिससे भारत ने आगे पढ़ें »

टी20 विश्व कप में आस्ट्रेलिया के खिलाफ अभियान का आगाज करेगी भारतीय महिला टीम

सिडनी : पहली आईसीसी ट्राफी जीतने के सपने संजोने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम टी20 विश्व कप के शुरूआती मैच में शुक्रवार को आस्ट्रेलियाई चुनौती आगे पढ़ें »

ऊपर