नई पहलः हर तरह की सहायता के लिये एक हेल्पलाइन नम्बर शुरु

नयी दिल्ली : किसी भी तरह की मुसीबत में लोगों को अब एक ही नम्बर डायल करना होगा और उन्हें तत्काल सहायता मिलेगी। इसके लिये देशव्यापी आपात हेल्पलाइन नंबर 112 जारी किया गया जिससे मंगलवार को 16 राज्य और केंद्र प्रशासित प्रदेश जुड़ गए।
गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आपात कार्रवाई सहायता तंत्र (ईआरएसएस) के तहत हेल्पलाइन नंबर-112 को शुरू करते हुए कहा कि केंद्र सरकार नागरिकों, खासकर महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है जिनके लिए कानून में बदलाव किया गया ताकि समयबद्ध तरीके से दोषियों को सजा सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि अगले साल से देशभर में हेल्पलाइन नंबर-112 सक्रिय हो जाएगा और सिर्फ एक बटन दबाकर कोई भी जरूरतमंद शख्स हेल्पलाइन तक पहुंच सकता है।

अब तकअलग-अलग नंबर थे
अब तक लोगों को पुलिस सहायता के लिये-100, आगशमन के लिये-101 और महिला सुरक्षा के लिये-1090 हेल्पलाइन नंबरों को डायल करना पड़ता है। स्वास्थ्य हेल्पलाइन (108) को भी जल्द इसके साथ समाहित किया जाएगा।

हेल्पलाइन से जुड़ने वाले राज्य
जिन 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह प्रणाली शुरू की गयी है, उनमें आंध्रप्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, केरल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, गुजरात, पुडुचेरी, लक्ष्यद्वीप, अंडमान, दादर नगर हवेली, दमन और दीव, जम्मू कश्मीर है। हिमाचल प्रदेश और नागालैंड में हेल्पलाइन-112 की शुरूआत पहले ही हो चुकी है।

पावर बटन को तेजी से तीन बार दबाना होगा
आपात सेवा तक पहुंच के लिए किसी भी शख्स को फोन पर 112 डायल करना होगा या आपात प्रतिक्रिया केंद्र तक कॉल के लिए स्मार्टफोन के पावर बटन को तेजी से तीन बार दबाना होगा। सामान्य फोन में ‘5’ या ‘9’ को लंबा दबाने पर पैनिक कॉल सक्रिय हो जाएगी। लोग संबंधित राज्यों के लिए ईआरएसएस वेबसाइट पर भी लॉग इन कर राज्य ईआरसी को आपात ई-मेल या एसओएस अलर्ट भेज सकते हैं। इसके लिए 112 इंडिया मोबाइल एप का भी इस्तेमाल किया जा सकता है यह गूगल प्ले स्टोर और एप्पल स्टोर पर मुफ्त उपलब्ध है।

यौन अपराधों के लिए पोर्टल की भी शुरुआत

ईआरएसएस की शुरूआत करने के साथ ही गृह मंत्री ने यौन अपराधों के लिए जांच ट्रैकिंग प्रणाली (आईटीएसएसओ) और सुरक्षित महानगर कार्यान्वयन निगरानी (एससीआईएम) पोर्टल की भी शुरूआत की। आईटीएसएसओ को देश में कानून लागू करने वाली एजेंसियों के लिए बनाया गया है। यह राष्ट्रीय, राज्य, जिला और थाना सभी स्तर पर कानून लागू करने वाली एजेंसियों के लिए उपलब्ध होगा। इसके जरिए दो महीने के भीतर दुष्कर्म के मामले में जांच पूरी करने और नजर रखने पर मदद मिलेगी।
योजना के प्रथम चरण में आठ शहरों को चुना
गृह मंत्री ने कहा कि सुरक्षित महानगर कार्यान्वयन निगरानी (एससीआईएम) पोर्टल से महिलाओं में सुरक्षा का बोध होगा। सुरक्षित महानगर योजना के प्रथम चरण में सरकार ने आठ शहरों को चुना है। इन आठ शहरों में अहमदाबाद बेंगलुरु, चेन्नई, दिल्ली, हैदराबाद कोलकाता, लखनऊ और मुंबई शामिल हैं।

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