देश से ही पूरी करें सेनाओं की जरूरतें : राजनाथ

नयी दिल्ली : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि जहां तक संभव हो सेनाओं की जरूरतों को देश से ही पूरा किया जाय। रक्षा क्षेत्र में मित्र देशों के साथ सहयोग से संबंधित गतिविधियों की समीक्षा करते हुए सिंह ने अधिकारियों को सेनाओं की जरूरतों को घरेलू रक्षा क्षेत्र से ही पूरी करने के निर्देश दिये।
रक्षा क्षेत्र में सहयोग से संबंधित जानकारी दी
रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालने के बाद सिंह ने गुरूवार को रक्षा सचिव संजय मित्रा तथा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। उन्हें मित्र देशों के साथ रक्षा क्षेत्र में सहयोग से संबंधित विभिन्न गतिविधियों के बारे में विशेष रूप से अवगत कराया। साथ ही तीनों सेनाओं की एकीकृत एजेन्सियों जैसे एकीकृत रक्षा स्टॉफ मुख्यालय, डिफेंस साइबर एजेंसी, डिफेंस स्पेस एजेंसी और आर्मड फोर्सस स्पेशल फोर्स डिविजन के बारे में भी विस्तार से बताया गया। वर्ष 2018 में गठित रक्षा योजना समिति के बारे में भी उन्हें जानकारी दी गयी।
रक्षा खरीद से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा हुई
बैठक में रक्षा खरीद से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा हुई और उन्हें रक्षा खरीद प्रक्रिया, बजटीय राशि के इस्तेमाल, बड़े खरीद सौदों और संबंधित चुनौतियों के बारे में भी जानकारी दी गयी। विभिन्न देशों के साथ बड़े खरीद सौदों की स्थिति, भुगतान और उनके महत्व पर भी बैठक में बातचीत हुई। रक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सेनाओं की जरूरतों को जहां तक संभव हो स्वदेशी संसाधनों से ही पूरा किया जाये। रक्षा खरीद प्रक्रिया के महत्वपूर्ण पहलू सामरिक साझेदारी मॉडल की प्रगति के बारे में भी उन्हें बताया गया।
विभिन्न मामलों की समीक्षा की
समीक्षा बैठक में रक्षा मंत्री ने सेनाओं के द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय अभ्यासों, क्षमता बढाने वाले कार्यक्रमों, प्रशिक्षण और मित्र देशों को दी जाने वाली सहायता सहित रक्षा कूटनीति से संबंधित विभिन्न मामलों की समीक्षा की। सिंह ने भूतपूर्व सैनिक कल्याण विभाग के अधिकारियों के साथ भूतपूर्व सैनिकों के कल्याण से संबंधित विभिन्न मुद्दों की भी समीक्षा की। रक्षा मंत्री आने वाले दिनों में अन्य विभागों के कामकाज और स्थिति की भी समीक्षा करेंगे।

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