‘दुनिया को अगले 20 साल तक रहेगी कोरोना के टीके की जरूरत’

नई दिल्‍ली: अगर आप यह सोच रहे हैं कि कोरोना का असर इस धरती से कुछ महीनों में खत्म हो जाएगा तो आपको अपनी सोच बदलनी पड़ सकती है। दुनिया की सबसे बड़ी टीका निर्माता कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदर पूनावाला का कहना है कि दुनिया में अगले 20 साल तक कोरोना का संक्रमण होता रहेगा और तब तक कोविड-19 के टीके की जरूरत रहेगी।
क्या कहा पूनावाला ने
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अदर पूनावाला ने कहा कि इतिहास में ऐसा कभी नहीं देखा गया है कि किसी टीके की जरूरत एक ही बार में खत्म हो गई हो। उन्होंने कहा, ‘फ्लू, निमोनिया, चेचक और पोलिया का टीका कितने साल से चल रहा है, इनमें से कोई भी बंद नहीं हुआ है।’ उन्होंने कहा कि यदि जनसंख्या के 100 फीसदी का टीकाकरण कर दिया जाए तो भी कोविड-19 टीके की जरूरत खत्म नहीं होगी।
क्या करता है टीका
उन्होंने बताया, ‘टीका कोई ठोस विज्ञान नहीं है। यह आपकी इम्यूनिटी को बढ़ाता है। यह आपको बचाता है। यह बीमारी के असर को कम करता है, लेकिन यह 100 फीसदी मामलों में बीमारी के संक्रमण से नहीं बचा सकता। यदि 100 फीसदी लोगों को टीका लगा दिया जाए तो भी भविष्य में टीके की जरूरत रहेगी।
पांच तरह के टीके बनाएगी कंपनी
सीरम इंस्टीट्यूट 2021-22 के अंत तक दुनियाभर के लिए कुल पांच अलग-अलग कोविड-19 टीके का करीब 1 अरब डोज तैयार करेगा। पूनावाला ने बताया, ‘हमारी योजना हर तिमाही में एक टीका लॉन्च करने की है। इसकी शुरुआत कोविशील्‍ड से होगी जो शायद अगले साल आ जाए। इसका लाइसेंस हमें एस्‍ट्राजेनीका से मिला है।’ गौरतलब है कि कोविशील्ड का विकास ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के जेनर इंस्टीट्यूट के द्वारा किया गया है और इसका लाइसेंस एंग्लो-स्वीडिश दवा कंपनी एस्‍ट्राजेनीका से मिला है। अभी इस टीके का भारत में करीब 1,600 लोगों पर तीसरे यानी अंतिम चरण का क्लीनिकल ट्रायल चल रहा है। यह अगले साल किसी समय लॉन्च हो सकता है। पूनावाला ने कहा, ‘हमने टीके का करीब 2 से 3 करोड़ डोज बनाना शुरू भी कर दिया है और आगे उत्पादन बढ़ाकर हर महीने 7 से 8 करोड़ कर सकते है।’

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