दिल्ली के होटल और गेस्ट हाउस ने किया चीनी नागरिकों का बायकाट

नयी दिल्ली: भारत-चीन के बढ़ते तनाव के बीच देश में चीनी उत्पादों को जहां एक तरफ बायकाट किया जा रहा है वहीं दूसरी तरफ देश की राजधानी दिल्ली में होटल और गेस्ट हाउस के मालिकों ने चीनी नागरिकों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। बता दें कि कुछ दिन पहले चीन के सैनिकों ने धोखे से लद्दाखमें भारत के सैनिकों के साथ झड़प में 20 सैनिक शहीद हो गये थे करीब 40 चीनी सैनिक भी मारे गये थे। तब से भारत-चीन के बीच में तनाव बना हुआ है। देश में जगह-जगह चीनी सामान के बहिष्कार और चीन सरकार के विरोध में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। देश के कोने-कोने से चीनी सामान के बहिष्कार की मांग उठ रही है। इस बीच राजधानीमें आने वाले चीनी नागरिकों के ठहराव को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया है।

पहले सामान और अब नागरिकों को बहिष्कार

पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद देशवासियों में चीन के खिलाफ गुस्सा है। इसके चलते पहले देश भर में चीनी सामान के बहिष्कार का ऐलान किया गया और अब दिल्ली के होटलों व गेस्ट हाउसों मालिकों ने फैसला लिया है कि चीनी नागरिकों को एंट्री नहीं मिलेगी।
कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के चीनी सामान के बहिष्कार के आह्वान पर गुरुवार को दिल्ली के बजट होटलों के संगठन दिल्ली होटल एंड गेस्ट हाउस ओनर्स एसोसिएशन (धुर्वा) ने एक बड़ा फैसला लेते हुए इसकी घोषणा की है। कैट ने कहा कि चीन की नापाक हरकतों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि दिल्ली के होटल तथा गेस्ट हाउसों में अब से किसी भी चीनी व्यक्ति को नहीं ठहराया जाएगा। दिल्ली में लगभग 3000 बजट होटल और गेस्ट हाउस हैं जिनमें लगभग 75 हजार कमरे हैं।

दिल्ली के सभी होटल कारोबारियों में बेहद गुस्सा

दिल्ली होटल एवं गेस्ट हाउस ओनर्स एसोसिएशन के महामंत्री महेंद्र गुप्ता ने गुरुवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि चीन जिस प्रकार से भारत के साथ व्यवहार कर रहा है और उसने जिस तरीके से भारतीय सैनिकों की नृशंस हत्या की है, उसके बाद से दिल्ली के सभी होटल कारोबारियों में बेहद गुस्सा है। ऐसे समय में जब कैट ने देशभर में चीनी वस्तुओं के बहिष्कार का अभियान चलाया है उसमें दिल्ली के होटल और गेस्ट हाउस व्यवसायी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेंगे और उसी को देखते हुए हमने यह फैसला किया है की अब से दिल्ली के किसी भी बजट होटल अथवा गेस्ट हाउस में किसी भी चीनी व्यक्ति को ठहराया नहीं जाएगा।
कैट ने जताई प्रसन्नता
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे यह स्पष्ट है कि कैट द्वारा शुरू किया गया चीनी वस्तुओं के बहिष्कार का आह्वान से देश के विभिन्न वर्गों के लोग जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी सिलसिले में कैट अब ट्रांसपोर्ट, किसान, हॉकर्स, लघु उद्योग, उपभोक्ता स्वयं उद्यमी, महिला उद्यमी के राष्ट्रीय संगठनों से संपर्क कर उन्हें भी इस अभियान से जोड़ेगा।
स्वदेशी के लिए अभियान
वहीं, दूसरी ओर कैट देश के अनेक वर्गों के संगठनों से संपर्क कर उन्हें भी इस अभियान से जोड़ेगा और ”भारतीय सामान-हमारा अभिमान” के राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत चीनी वस्तुओं के बहिष्कार के अभियान को और तेजी के साथ देशभर में चलाएगा।
उन्होंने कहा कि इस बार चीन को सबक सिखाने में भारत के लोग दृढ़ संकल्प से जुड़ेंगे और दिसंबर 2021 तक चीन से आयात होने वाले सामान में 1 लाख करोड़ रुपये की कमी करेंगे और वो 1 लाख करोड़ रुपये भारत की अर्थव्यवस्था में लगेगा।

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