बड़ा कदम : निजी अस्पतालों का कोरोना इलाज शुल्क 15 हजार रुपये अधिकतम सीमा हुआ तय

चेन्नई : तमिलनाडु सरकार ने शनिवार को राज्य के निजी अस्पतालों में कोविड-19 के इलाज की खातिर लिए जाने वाले शुल्क की सीमा पूरे राज्य के लिए 15,000 रुपये अधिकतम तय कर दी और घोषणा की कि अस्पताल मरीजों से निर्धारित स्तर से अधिक फीस नहीं वसूल सकेंगे। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सी विजयभास्कर ने एक सरकारी विज्ञप्ति में कहा कि निजी क्षेत्र के अस्पतालों में गहन चिकित्सा इकाइयों (आईसीयू) में प्रतिदिन इलाज का शुल्क 15,000 रूपये से अधिक नहीं होना चाहिए तथा सामान्य वार्ड में बिना लक्षण वाले तथा मामूली लक्षण वाले मरीजों के लिए यह अधिकतम 7,500 रूपये होना चाहिए।
सुविधाओं के आधार पर श्रेणीबद्ध
उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी ने कोविड-19 के उपचार शुल्क के लिए सीमा निर्धारित करने का आदेश दिया है।’ उपचार शुल्क की उच्च सीमा तय करने के उद्देश्य से अस्पतालों को उनकी सुविधाओं जैसे कारकों के आधार पर श्रेणीबद्ध किया गया है। इस लिहाज से ग्रेड ए1 और ग्रेड ए2 के शुरुआती दो स्तरों के अस्पताल सामान्य वार्ड के लिए प्रतिदिन अधिकतम 7,500 रुपये और आईसीयू के लिए 15,000 रुपये प्रतिदिन ले सकेंगे। अगले दो स्तर के अस्पतालों के लिए यह सीमा क्रमश: 5,000 तथा 15,000 रुपये है।
अधिकतम सीमा तय
निजी अस्पतालों द्वारा कोविड-19 के इलाज के लिए अत्यधिक फीस वसूले जाने संबंधी मरीजों की शिकायत के बाद स्वास्थ्य सचिव बीला राजेश की अध्यक्षता वाली एक समिति ने सरकार को निजी अस्पतालों के लिए उचित शुल्क संबंधी एक रिपोर्ट सरकार को दी थी। विज्ञप्ति में बताया गया कि सरकार ने रिपोर्ट के आधार पर शुल्क की अधिकतम सीमा तय कर दी है। इसमें कहा गया कि जो शुल्क बताए गए हैं वे अधिकतम हैं।

शेयर करें

मुख्य समाचार

बंगाल में तीसरे दिन भी कोरोना के 800 से ज्यादा मामले, 25 की हुई मौत

कोलकाता : वेस्ट बंगाल कोविड-19 हेल्थ बुलेटिन के अनुसार पश्चिम बंगाल में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 850 नये मामले आये है आगे पढ़ें »

कोरोना की वजह से 9वीं-12वीं के पाठ्यक्रम 30 फीसदी घटे

नयी दिल्ली : कोविड-19 के बढ़ते मामलों के बीच स्कूलों के ना खुल पाने के कारण शिक्षा व्यवस्था पर असर और कक्षाओं के समय में आगे पढ़ें »

ऊपर