चीन को भारत ने दिया एक और बड़ा झटका

नयी दिल्ली : चीन द्वारा लद्दाख पर धोखे से भारत के जवानों पर किये गये हमले में 20 जवान शहीद हो गये थे। इसके विरोध में हर दिन भारत एक के बाद एक बड़ा झटका चीन को दे रहा है। इसी क्रम में भारत ने आज घोषणा की वह राजमार्ग परियोजनाएँ में चीनी कंपनियों का बायकाट करेगा साथ ही जेवी में भी कंपनियों को किसी तरह की जुड़ने की इजाजत नहीं होगी। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग और एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सरकार यह भी सुनिश्चित करेगी कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों एमएसएमई के विभिन्न क्षेत्रों में चीनी निवेशकों से कोई रिश्ता न रखा जाए। गडकरी ने कहा, ‘हम सड़क निर्माण में चीनी कंपनियों को संयुक्त उद्यम करके भी बनाने की इजाजत भी नहीं देंगे। वे यदि हमारे देश में संयुक्त उद्यम के द्वारा आते हैं तो हम सख्त रवैया अपनाते हुए इसकी इजाजत भी नहीं देंगे।’
चीन के लिए कड़ी व भारत के लिए नरम नीति जल्द
उन्होंने कहा कि इस बारे में सरकार जल्दी ही एक नीति लेकर आएगी जिसके द्वारा चीनी कंपनियों को बैन किया जाएगा और भारतीय कंपनियों के लिए नरम नीति बनाई जाएगी ताकि भारतीय कंपनियां हाइवे प्रोजेक्ट के लिए बोली लगा सकें। गडकरी ने कहा कि नया निर्णय मौजूदा और भविष्य के सभी प्रोजेक्ट्स के लिए लागू होगा। बता दें कि वर्तमान में देश के कुछ इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में चीनी कंपनियां साथ मिलकर काम कर रही हैं।
रेलवे ने दिया था इससे पहले झटका
इसके पहले रेलवे के कई ठेकों से चीनी कंपनियों को बाहर कर दिया गया था. इसके अलावा सरकार ने 59 चीनी ऐप को प्रतिबंधित कर दिया है। देश में चीन विरोधी माहौल चरम पर है। चीनी कंपनियों और चीनी माल के बहिष्कार तक की बात होने लगी है।

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