चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर बेहतर परिणाम हासिल करने में सक्षम : पूर्व इसरो प्रमुख किरण कुमार

बेंगलुरु : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व प्रमुख एएस किरण कुमार ने गुरुवार को कहा कि लैंडर ‘विक्रम’ और इसके भीतर मौजूद रोवर ‘प्रज्ञान’ से संपर्क टूट जाने के बावजूद ‘चंद्रयान-2’ का ऑर्बिटर ‘बेहतर परिणाम’ प्राप्त करने में सक्षम है। अंतिम ‘लैंडिंग’ गतिविधि को छोड़कर अन्य सभी योजनाबद्ध गतिविधियां अक्षुण्ण हैं। इस बार का ऑर्बिटर महत्वपूर्ण उपकरणों से लैस है जो एक दशक पहले भेजे गए ‘चंद्रयान-1’ की तुलना में अधिक शानदार परिणाम देने पर केंद्रित हैं। पूर्व में नासा जेपीएल से ‘चंद्रयान-1’ द्वारा ले जाये गये दो उपकरणों की तुलना में इस बार के उपकरण तीन माइक्रोन से लेकर पांच माइक्रोन तक की स्पेक्ट्रम रेंज तथा रडारों, दोनों के मामलों में ‘शानदार प्रदर्शन’ करने की क्षमता से लैस हैं। एक सिंथेटिक अपर्चर रडार की जगह इस बार हमारे पास दो फ्रीक्वेंसी रडार हैं। इस तरह इसमें अनेक नयी क्षमताएं हैं। हम शानदार परिणाम मिलने की उम्मीद कर रहे हैं क्योंकि हम अपने माइक्रोवेव डुअल फ्रीक्वेंसी सेंसरों का इस्तेमाल कर स्थायी रूप से अंधकार में छाए रहने वाले चांद के क्षेत्रों का मानचित्रीकरण करने में सफल होंगे। इसके अलावा हमारे पास अत्यंत उच्च गुणवत्ता वाले कैमरे तथा दीर्घ स्पेक्ट्रल रेंज है।

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