क्या बिजली गिरने के बाद आदमी में भी करंट रहता है? जानिए…

तूफान कब सबसे खतरनाक होता है और उससे बचा कैसे जाए?

पूरे देश में चर्चा है कि 13 राज्यों में भीषण तूफान आएगा। इसके सोमवार को उत्तरी भारत में आने की आशंका जताई गई थी लेकिन यह नहीं आया। अब कहा जा रहा है कि यह 11 मई को आएगा। तूफान तबाही लेकर आता है। आइए जानते हैं तूफान क्यों, कब और कैसे आता है तथा इससे होने वाले नुकसान से कैसे बचा जा सकता है-

सभी तूफान खतरनाक होते हैं। हर तूफान में आसमानी बिजली पैदा होती है। हालांकि इस दौरान बिजली के शिकार होने वालों में से अधिकांश पीड़ित बच जाते हैं, लेकिन लंबे समय के लिए कई तरह से प्रभावित हो जाते हैं। तूफान से जुड़े अन्य खतरों में टोरनेडो, तूफानी हवाएं, ओलावृष्टि और अचानक बाढ़ आना शामिल होता है। इनमें सबसे खतरनाक अचानक आई बाढ़ हाेती है, जो भारत में हर साल लगभग 140 लोगों की जान ले लेती है।

समझिए तूफान को…

– तूफान अकेला आ सकता है, समूह में आ सकते हैं और कई बार एक के बाद एक भी आ सकते हैं।
– सबसे खतरनाक तब होता है जब एक अकेला तूफान लंबे समय तक एक क्षेत्र को अपनी चपेट में लिए रहे।
– तूफान के दौरान आमतौर पर थोड़े समय के लिए जोरदार बारिश होती है। यह 30 मिनट से 1 घंटे तक चलती है।
– गर्मी और नमी वाली अवस्था तूफान बनाने के ​पीछे सबसे बड़ा कारण होती है।
– लगभग 10 प्रतिशत तूफानों को भीषण के रूप में वर्गीकृत किया जाता है, जो एक ईंच या इससे भी बड़े ओले बरसाते हैं, इनमें हवा की रफ्तार 58 मील प्रति घंटा या इससे अधिक होती है या एक टोरनेडो बनाते हैं।

समझिए अासमानी बिजली को…

– आसमानी बिजली की अनिश्चितता जीवों और संपत्ति के लिए जोखिम बढ़ाती है।
– बिजली आमतौर पर भारी बारिश वाली जगह से बाहर गिरती है। यह किसी बारिश से 10 मील दूर तक गिर सकती है।
– ‘गर्मी वाली बिजली’ असल में किसी तूफान से इतनी दूर गिरने वाली बिजली होती है, जहां तक उसकी गर्जना सुनाई नहीं देती। हो सकता है तूफान उसी ओर बढ़े।
– बिजली गिरने से सबसे ज्यादा मौतें तब होती हैं जब लोग खुली जगह पर फंस जाते हैं, विशेषकर गर्मी के महीनों में दोपहर बाद या शाम को।
– किसी व्यक्ति के बिजली के चपेट में आने की संभावना 6 लाख में से 1 है, लेकिन सुरक्षा संबंधी सावधानियां बरत कर इन्हें और कम किया जा सकता है।
– जिस पर बिजली गिरती है, उस आदमी में बिजली का कोई करंट नहीं होता और उसे तुरंत संभाल लेना चाहिए।
तूफान और बिजली गिरने के संकेत
– बादल बनना
– आकाश में अंधेरा छाना
– बिजली चमकना
– तेज हवाएं

तूफान-बिजली से पहले क्या करें?

तूफान से बचने के लिए ये तैयारियां करनी चाहिए –
– याद रखें कि तेज और बार-बार बिजली चमकना तूफान के आने का प्रबल संकेत होता है।
– बाहर किए जाने वाले कामों को स्थगित कर दें।
– मृत या सूखे पेड़ों और शाखाओं को हटा दें जो भीषण तूफान में गिर सकते हैं और चोट पहुंचा सकते हैं।
– 30/30 का बिजली सुरक्षा नियम याद रखें ः यदि बिजली चमकने के बाद गर्जना सुनने से पहले आप 30 तक नहीं गिन पाएं तो अंदर चले जाएं। आखिरी ​गर्जना सुनने के 30 मिनट तक अंदर ही रहें।
– बाहर रखी ऐसी वस्तुएं सुरक्षित कर लें जो उड़ सकती हैं या नुकसान पहुंचा सकती हैं।
– अपने घर, इमारत या मजबूत छत वाले वाहन में चले जाएं। हालांकि वाहन पर बिजली गिरने पर आप घायल हो सकते हैं, लेकिन फिर भी आप बाहर की अपेक्षा वाहन में अधिक सुरक्षित रहेंगे।
– याद रखें, रबड़ के बने जूते या रबड़ के टायर बिजली से कोई सुरक्षा मुहैया नहीं कराते। हालांकि यदि आप धातु को नहीं छूते हैं तो मजबूत छत वाले वाहन की स्टील की रॉड आपकी सुरक्षा करेंगी।
– खिड़की और दरवाजे बंद कर लें। यदि खिड़कियों पर दरवाजे नहीं हैं तो उन्हें जिस भी तरीके से संभव हो ढकने की कोशिश करें।
– तूफान के आने से पहले हर तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें।

बिजली-तूफान के दौरान

यदि आपके क्षेत्र में बिजली-तूफान आ जाएं तो यह करना चाहिए –
– तार वाले फोन और उपकरणों के संपर्क में आने से बचें, चाहे उन्हें चार्जिंग के लिए प्लग में लगाया गया हो। कॉर्डलेस या वायरलेस फोन, जो दीवार में न लगे हों, उनका उपयोग सुरक्षित है।
– बिजली के उपकरणों और तारों के संपर्क में आने से बचें। घरेलू उपकरणों और कंप्यूटर आदि के प्लग निकाल दें और एसी को बंद कर दें। आकाशीय बिजली से पैदा हुआ करंट भीषण नुकसान पहुंचा सकता है।
– पानी के पाइपों के संपर्क में आने से बचें। हाथ न धोएं, शॉवर के नीचे न नहाएं, बर्तन न धोएं और कपड़े न धोएं। पानी के पाइपों में करंट आ सकता है।
– खिड़की-दरवाजों और पोर्च से दूर रहें।
– कंक्रीट के फर्श पर न लेटें और कंक्रीट की दीवारों की ओर न झुकें।
– खुले मैदान में अकेले पेड़ के आसपास जाने से बचें।
– पहाड़ी, खुले मैदान, बीच या पानी पर नाव में जाने से बचें।
– किसी मजबूत इमारत में आश्रय लें। अकेले बने शेड या खुले क्षेत्र में स्थित छोटे ढांचों से दूर रहें।
– धातु के बने उपकरणों – ट्रैक्टर, कृषि उपकरणों, मोटरसाइकिल, गोल्फ कार्ट, गोल्फ क्लब और साइकिलों को छूने से बचें।
– यदि आप गाड़ी चला रहे हैं, तो रोड से उतरकर कहीं सुरक्षित जगह पार्क करें। गाड़ी में ही रहें और बारिश के रुकने के तक डिप्पर चालू रखें। किसी भी धातु या बिजली गुजरने वाली चीज को न छूएं।

बिजली गिर जाए तो ये करें…

किसी पर बिजली गिर जाए तो तत्काल चिकित्सा सहायता बुलाएं। तब तक मदद करने के लिए ये जांच करेंः
सांस – यदि सांस रुक गई है तो मुंह से सांस देने का प्रयास करें।
दिल की धड़कन – यदि दिल की धड़कन रुक गई है तो सीपीआर करें।
नाड़ी – यदि पीड़ित की नाड़ी चल रही है और सांस ले रहा है तो अन्य संभावित चोटें देखें। जहां से बिजली ने शरीर में प्रवेश किया और जहां से पार हुई, वहां जलने के घाव देखें। दिमाग को नुकसान, टूटी हड्डी और सुनने या देखने में कमी पर भी ध्यान दें।

तूफान के गुजरने के बाद याद रखेंः

– पानी वाले रास्ते से निकलने की कोशिश न करें।
– तूफान की तबाही वाले क्षेत्रों से दूर रहें।
– ताजा जानकारी के लिए रेडिया सुनें या टीवी देखें।
– असहाय लोगों जैसे शिशु, महिलाओं और बुजुर्गों की सहायता करें।
– नीचे गिरे बिजली के तारों से दूर रहें और तत्काल उनकी रिपोर्ट करें।
– अपने पशुओं की विशेष निगरानी करें।
– मात्र 12 इंच का बहता पानी कार को धकेलकर डुबो सकता है।

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