कोरोना पर भारी पड़ा आस्था का महापर्व छठ

सभी घाटों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हुआ

कोलकाताः बाबूघाट, आर्मेनियम घाट, छोटेलाल घाट, बाजेकदमतल्ला घाट, जगन्नाथ घाट, नीमतल्ला समेत जितने भी कोलकाता के गंगा घाटों पर छठव्रती पहुंचे थे वहां भीड़ को संभालने के लिए कोलकाता पुलिस की ओर से बल तैनात किया गया था। अच्छी बात यह रही कि पुलिस को ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी क्योंकि घाटों पर सीमित संख्या में ही लोग पहुंचे थे। घाटों पर सोशल डिस्टेंसिंग जिस तरीके से माना गया वह सराहनीय है। वहां तैनात पुलिस के चेहरे पर भी इस बात की खुशी साफ झलक रही थी कि हिन्दीभाषी समाज नियमों को मानने में ऐसा उम्दा उदाहरण पेश कर सकता है।

मास्क नहीं तो नो एंट्री का नियम सफल हुआ

गंगा घाट पर छठपूजा करने आये छठव्रतियों के लिए घाटों पर प्रवेश के लिए चेहरे पर मास्क अनिवार्य किया गया था। बगैर मास्क वालों को मास्क दिया जा रहा था। जो किसी कारणवश चेहरे से मास्क हटा रहे थे उन्हें पुलिस व वॉलिंटियर्स की तरफ से तुरंत टोक कर मास्क लगाने का निर्देश दिया जा रहा था। लोगों ने भी इस बात का पूरा ध्यान रखा​ कि नियम नहीं टूटने चाहिए। आखिरकार इस लोकपर्व को लक्ष्मण रेखा के दायरे में रहकर जिस तरह हिन्दीभाषियों ने मनाया वह सभी के लिए उदाहरण पेश करने वाला है।

पहली बार कई छठव्रतियों ने छतों पर की पूजा

तस्वीर में बेहाला अर्केडिया के सतीश शाह समेत उनका परिवार।

दमदम में प्रशासक ने छत पर बनवाया जलाशय

दमदम नगरपालिका के प्रशासक हरेन्द्र सिंह ने अपने घर की छत पर जलाशय बनवाया है। उन्होंने बताया ​कि कोरोना महामारी के कारण इस बार कुछ अलग व्यवस्था करनी जरूरी थी ताकि भीड़भाड़ में जाने से बचा जा सके। इस कारण इस बार छत पर ही जलाशय बनवाकर पूजा की गयी। आस-पास के लोगों ने भी यहां पूजा की। उनके इलाके में 8 जलाशयों में छठ पूजा की व्यवस्था की गयी थी।

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